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स्मार्टफोन का क्रेज या लत? इन देशों में आबादी से दोगुने मोबाइल, हैरान कर देंगे आंकड़े

Highest Mobile Phone Users: दुनिया के कुछ देशों में मोबाइल फोन की संख्या उनकी कुल आबादी से भी ज्यादा है. क्या यह तकनीक की सफलता है या स्मार्टफोन की अजीब लत? आंकड़े आपको चौंका देंगे.

21वीं सदी ने तकनीक को हमारी जिंदगी का हिस्सा बना दिया है. इंटरनेट और मोबाइल फोन का क्रेज सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे गांवों और दूरदराज इलाकों तक फैल चुका है. आज हर हाथ में स्मार्टफोन, हर जेब में डेटा और हर पल सोशल मीडिया, ये हमारी नई जिंदगी की पहचान बन गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ देशों में मोबाइल फोन की संख्या वहां की कुल आबादी से भी ज्यादा है? यह आंकड़े आपको चौंका सकते हैं.

कौन सा देश टॉप पर

CIA और डिजिटल 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के पांच प्रमुख देश मोबाइल फोन उपयोग में शीर्ष पर हैं. इनमें चीन पहले स्थान पर है. 2023 तक चीन में लगभग 1.81 बिलियन मोबाइल फोन यूजर्स हैं, जबकि देश की आबादी लगभग 1.4 बिलियन है. इसका मतलब है कि कई लोग एक से ज्यादा मोबाइल फोन या मल्टीपल सिम कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं. डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन मनोरंजन, ई-कॉमर्स और सामाजिक नेटवर्किंग के कारण चीन में यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है.

भारत का दूसरा नंबर

इस लिस्ट में भारत दूसरे स्थान पर है. यहां लगभग 1.09 बिलियन मोबाइल फोन सब्सक्राइबर्स हैं, जो देश की आबादी के लगभग 93% के बराबर हैं. भारत में स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे सस्ते डेटा प्लान्स, कम कीमत वाले मोबाइल और विशाल युवा आबादी बड़ी वजह हैं. डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन पढ़ाई और मनोरंजन भी मोबाइल उपयोग को और बढ़ा रहे हैं.

अमेरिका और रूस की क्या है स्थिति?

अमेरिका में स्थिति थोड़ी अलग है. यहां लगभग 411 मिलियन मोबाइल फोन यूजर्स हैं, यानी हर अमेरिकी के पास औसतन एक से ज्यादा मोबाइल फोन है. यहां स्मार्टफोन का इस्तेमाल सोशल मीडिया, स्ट्रीमिंग और रोजमर्रा की ऑनलाइन सेवाओं के लिए व्यापक रूप से होता है.

रूस की बात करें तो यहां 245 मिलियन मोबाइल फोन यूजर्स हैं, जबकि आबादी लगभग 146 मिलियन है. इसका मतलब है कि हर व्यक्ति औसतन 1.5 मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है. इसमें से लगभग 133 मिलियन लोग इंटरनेट का नियमित उपयोग करते हैं.

इंडोनेशिया में भी मोबाइल का बंपर क्रेज

इंडोनेशिया में मोबाइल क्रेज और भी ज्यादा है. 2023 तक यहां 352 मिलियन मोबाइल फोन यूजर्स थे, जबकि कुल आबादी केवल 285 मिलियन है. इसका मतलब है कि हर व्यक्ति के पास औसतन 1.2 मोबाइल फोन. युवा और तकनीक प्रेमी आबादी, आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन संचार के लिए स्मार्टफोन पर अत्यधिक निर्भर हैं.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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