एक्सप्लोरर
Constitution Day: संविधान दिवस पर जानें भारतीय संविधान के 10 फैक्ट, इनके बारे में नहीं जानते 99 पर्सेंट लोग
26 नवंबर 1949 में डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान को अपनाया गया. हालांकि संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था. लेकिन 26 नवंबर इसलिए खास है क्योंकि इस दिन इसे अंतिम रूप दिया गया था.

संविधान दिवस से संबंधित फैक्ट
Source : Social Media/X
आज यानी 26 नवंबर को पूरे देश में संविधान दिवस मनाया जा रहा है. यह वहीं ऐतिहासिक दिन है जब 1949 में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान को अपनाया गया था. हालांकि संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था. लेकिन 26 नवंबर इसलिए खास है क्योंकि इस दिन इसे अंतिम रूप दिया गया था. वहीं संविधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों को संविधान के महत्व, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है. इस मौके पर चलिए आज हम आपको भारतीय संविधान से जुड़े 10 ऐसे फैक्ट बताते हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.
1. सबसे बड़ा लिखित संविधान
यह बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. भारत के संविधान में 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग शामिल है.
2. संविधान की मूल प्रति
भारतीय संविधान की मूल कॉपी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने हाथ से इटैलिक स्टाइल में लिखी थी. यह दस्तावेज संसद भवन की लाइब्रेरी में हिलियम गैस से भरे विशेष शीशे के बॉक्स में सुरक्षित रखा गया है.
3. 2 साल 11 महीने और 18 दिन में तैयार
भारतीय संविधान को संविधान सभा ने तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगाया था. इस दौरान संविधान सभा की कुल 114 बैठकें हुई और लंबी चर्चाओं के बाद संविधान का रूप सामने आया था.
4. अशोक चक्र बना था राष्ट्रीय चिन्ह
बहुत सारे लोग नहीं जानते हैं लेकिन 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने वाले दिन ही अशोक चक्र को भारत का राष्ट्रीय चिन्ह भी घोषित किया गया था.
1. सबसे बड़ा लिखित संविधान
यह बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. भारत के संविधान में 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग शामिल है.
2. संविधान की मूल प्रति
भारतीय संविधान की मूल कॉपी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने हाथ से इटैलिक स्टाइल में लिखी थी. यह दस्तावेज संसद भवन की लाइब्रेरी में हिलियम गैस से भरे विशेष शीशे के बॉक्स में सुरक्षित रखा गया है.
3. 2 साल 11 महीने और 18 दिन में तैयार
भारतीय संविधान को संविधान सभा ने तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगाया था. इस दौरान संविधान सभा की कुल 114 बैठकें हुई और लंबी चर्चाओं के बाद संविधान का रूप सामने आया था.
4. अशोक चक्र बना था राष्ट्रीय चिन्ह
बहुत सारे लोग नहीं जानते हैं लेकिन 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने वाले दिन ही अशोक चक्र को भारत का राष्ट्रीय चिन्ह भी घोषित किया गया था.
5. 2000 से ज्यादा हुए संशोधन
भारतीय संविधान के पहले ड्राफ्ट में 2000 से भी ज्यादा बदलाव किए गए थे. इससे पता चलता है कि भारतीय संविधान को बनाने में कितने गंभीरता और विचार किया गया था.
6. 15 महिलाओं ने भी किए हस्ताक्षर
भारतीय संविधान पर हस्ताक्षर करने वालों में 15 महिलाएं भी शामिल थी. यह उस दौर में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और भागीदारी को दर्शाता है, जब महिलाओं को पिछे खींचा जाता था.
7. मौलिक अधिकारों का वर्गीकरण
भारतीय संविधान देश के सभी नागरिकों को 6 मौलिक अधिकार देता है. इन मौलिक अधिकारों में समानता, स्वतंत्रता, शोषण से सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार और संवैधानिक उपचार शामिल है.
8. प्रस्तावना संविधान की आत्मा
भारतीय संविधान की प्रस्तावना को इसकी आत्मा कहा जाता है. यह अमेरिकी संविधान की प्रस्तावना से प्रेरित है. वहीं अब तक संविधान में कई संशोधन हुए हैं लेकिन भारतीय संविधान की प्रस्तावना में बदलाव नहीं किया गया है.
9. अंग्रेजी संस्करण में 1.17 लाख से ज्यादा शब्द
भारतीय संविधान के अंग्रेजी संस्करण में कुल 1,17,369 शब्द है जो भारतीय संविधान को दुनिया के सबसे विस्तृत संविधान में शामिल करता है.
10. कई देशों से प्रेरित
भारतीय संविधान को Bag of Borrowings भी कहा जाता है क्योंकि यह अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान सहित कई देशों के संविधानों से प्रेरित होकर बनाया गया था.
भारतीय संविधान के पहले ड्राफ्ट में 2000 से भी ज्यादा बदलाव किए गए थे. इससे पता चलता है कि भारतीय संविधान को बनाने में कितने गंभीरता और विचार किया गया था.
6. 15 महिलाओं ने भी किए हस्ताक्षर
भारतीय संविधान पर हस्ताक्षर करने वालों में 15 महिलाएं भी शामिल थी. यह उस दौर में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और भागीदारी को दर्शाता है, जब महिलाओं को पिछे खींचा जाता था.
7. मौलिक अधिकारों का वर्गीकरण
भारतीय संविधान देश के सभी नागरिकों को 6 मौलिक अधिकार देता है. इन मौलिक अधिकारों में समानता, स्वतंत्रता, शोषण से सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार और संवैधानिक उपचार शामिल है.
8. प्रस्तावना संविधान की आत्मा
भारतीय संविधान की प्रस्तावना को इसकी आत्मा कहा जाता है. यह अमेरिकी संविधान की प्रस्तावना से प्रेरित है. वहीं अब तक संविधान में कई संशोधन हुए हैं लेकिन भारतीय संविधान की प्रस्तावना में बदलाव नहीं किया गया है.
9. अंग्रेजी संस्करण में 1.17 लाख से ज्यादा शब्द
भारतीय संविधान के अंग्रेजी संस्करण में कुल 1,17,369 शब्द है जो भारतीय संविधान को दुनिया के सबसे विस्तृत संविधान में शामिल करता है.
10. कई देशों से प्रेरित
भारतीय संविधान को Bag of Borrowings भी कहा जाता है क्योंकि यह अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान सहित कई देशों के संविधानों से प्रेरित होकर बनाया गया था.
हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें ABP News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ लाइव पर पढ़ें बॉलीवुड, लाइफस्टाइल, जनरल नॉलेज और खेल जगत, से जुड़ी ख़बरें
और पढ़ें
Advertisement
टॉप हेडलाइंस
विश्व
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
इंडिया
स्पोर्ट्स
Advertisement
Source: IOCL



























