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US Ship Attack: किसी भी जहाज पर कभी भी हमला कर सकता है अमेरिका, जानें क्या है इंटरनेशनल कानून?

US Ship Attack: हाल ही में अमेरिका ने कुछ समुद्री जहाजों को निशाना बनाया. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या अमेरिका किसी भी कमर्शियल जहाज पर हमला कर सकता है.

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  • ओमान खाड़ी में अमेरिकी हमलों से समुद्री कानून पर बहस छिड़ी।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून वाणिज्यिक जहाजों को नेविगेशन की स्वतंत्रता देता है।
  • जहाज पर ध्वज राज्य का क्षेत्राधिकार; आत्मरक्षा/सुरक्षा परिषद मंजूरी से रोक।
  • अमेरिका प्रतिबंधों के उल्लंघन पर जहाजों को अवैध मानकर कार्रवाई करता है।

US Ship Attack: ओमान की खाड़ी और होर्मुज में होलिया तनाव ने समुद्री कानून और समुद्र में सैन्य शक्ति की सीमाओं पर एक बड़ी बहस को फिर से शुरू कर दिया है. सवाल यह उठ रहा है कि क्या अमेरिका के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में चल रहे कमर्शियल जहाजों पर हमला करने का अधिकार है? यह मुद्दा तब चर्चा में आया जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी तेल निर्यात से जुड़े प्रतिबंधों और नाकाबंदी को लागू करते हुए कथित तौर पर जहाजों को निशाना बनाया. 

क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून? 

वैश्विक समुद्री प्रणाली मुख्य रूप से यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी द्वारा संचालित होती है. इसे अक्सर महासागरों का संविधान कहा जाता है. अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में कानूनी रूप से चलने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता प्राप्त होती है. ऐसे जहाज के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आमतौर पर प्रतिबंधित है. 

खुले समुद्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता 

यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी के अनुच्छेद 87 और 90 सभी देशों को खुले समुद्र में स्वतंत्र रूप से नेविगेट करने के अधिकार की गारंटी देते हैं. यह सिद्धांत इस बात को पक्का करता है कि व्यापारी जहाज विदेशी सरकारों या फिर सैन्य बलों के मनमाने हस्तक्षेप के बिना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कर सके. 

अधिकार क्षेत्र फ्लैग स्टेट का होता है 

यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी के अनुच्छेद 92 के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में चलने वाला जहाज उस देश के अधिकार क्षेत्र में आता है जिसका झंडा वह लगाता है. इसका मतलब है कि कोई दूसरा देश आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मान्यता प्राप्त वैध कानूनी आधार के बिना जहाज पर सवार नहीं हो सकता, उसे जब्त नहीं कर सकता और उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं कर सकता. 

कमर्शियल आवाजाही 

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून जरूरी समुद्री रास्तों से आवाजाही की भी सुरक्षा करता है. यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी का अनुच्छेद 38 कहता है कि कमर्शियल जहाज को होर्मुज और बाब-अल-मंडेब जैसी अंतरराष्ट्रीय जल संधियों से गुजरने का अधिकार है. 

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किसी जहाज को कानूनी तौर पर कब रोका जा सकता है? 

अंतरराष्ट्रीय कानून कुछ खास हालात में विदेशी जहाजों को रोकने या फिर उनकी जांच करने की इजाजत देता है. एक स्थिति यूएन चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा से जुड़ी है, अगर कोई जहाज सीधे तौर पर किसी सशस्त्र हमले में शामिल हो. दूसरी स्थिति में यूएन सुरक्षा परिषद से औपचारिक प्रस्ताव के जरिए मंजूरी शामिल है. 

समुद्री कानून लागू करने पर अमेरिका का रुख 

अमेरिका का तर्क है कि अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करके ईरानी तेल ले जाने वाले जहाज उसके प्रतिबंधों के ढांचे के तहत गैर कानूनी तरीके से काम कर रहे हो सकते हैं. इसी रुख के आधार पर अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी तेल निर्यात और उससे जुड़ी समुद्री गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू करने की कोशिश की है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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