एक्सप्लोरर

Union Budget 2026: कितनी बार बदला बजट पेश करने का समय और तारीख, सबसे पहले किस दिन आया था बजट?

Union Budget 2026: भारत के बजट का सफर कई बदलावों से गुजरा है. आज बजट 1 फरवरी सुबह 11 बजे पेश किया जाता है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था. चलिए जानें कब-कब इसके समय और तारीख में बदलाव हुआ.

Union Budget 2026: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. यह उनका लगातार नौवां बजट होगा और इसी के साथ वे भारत की पहली ऐसी वित्त मंत्री बन जाएंगी, जिन्होंने लगातार नौ बार बजट पेश किया हो. यह बजट भारत के इतिहास का 80वां केंद्रीय बजट भी होगा. खास बात यह है कि इस बार 1 फरवरी रविवार को पड़ रहा है, बावजूद इसके बजट उसी दिन पेश किया जाएगा, क्योंकि 2017 से 1 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा बन चुकी है. आइए जानें कि आखिर कब-कब बदली बजट की तारीख और समय, और पहला बजट किस दिन आया था?

आजाद भारत का पहला बजट कब आया?

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली, लेकिन पहला बजट कुछ महीनों बाद आया. आजाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था. उस समय देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम चेट्टी थे. यह एक अंतरिम बजट था, जिसे देश की शुरुआती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था. इसमें करीब 197 करोड़ रुपये के खर्च और लगभग 171 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान रखा गया था. उस वक्त देश विभाजन और आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था, इसलिए यह बजट बेहद अहम माना जाता है.

1 मार्च को आया पहला पूर्ण बजट

26 नवंबर 1947 का बजट सिर्फ कुछ महीनों के लिए था. इसके बाद भारत का पहला पूर्ण बजट 1 मार्च 1948 को पेश किया गया. इसे भी आर. के. शनमुखम चेट्टी ने ही पेश किया. यहीं से बजट की तारीख बदलने की शुरुआत हुई. उस समय सरकार को वित्तीय वर्ष की जरूरतों के हिसाब से बजट की तारीख तय करनी पड़ रही थी.

28 फरवरी की परंपरा कैसे बनी?

भारत का तीसरा बजट 28 फरवरी 1949 को पेश किया गया. इस बजट को वित्त मंत्री जॉन मथाई ने संसद में रखा था. इसके बाद कई सालों तक बजट फरवरी के आखिरी दिन यानी 28 फरवरी को ही पेश किया जाने लगा. धीरे-धीरे यह एक तय परंपरा बन गई और दशकों तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ. आम लोगों के लिए भी यही दिन बजट डे के रूप में पहचाना जाने लगा.

बजट का वक्त कैसे तय हुआ?

आज भले ही बजट सुबह 11 बजे आता हो, लेकिन लंबे समय तक यह शाम 5 बजे पेश किया जाता था. इसके पीछे ब्रिटिश शासन का असर था. दरअसल, जब भारत में शाम के 5 बजते थे, तब ब्रिटेन में सुबह का समय होता था. आजादी के बाद भी यह परंपरा चलती रही और कई दशकों तक बजट शाम को ही पेश होता रहा.

1999 में बदला बजट का समय

साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया. उस समय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा थे. उन्होंने बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया. इसके पीछे तर्क था कि सुबह बजट आने से सांसदों, विशेषज्ञों और आम जनता को पूरे दिन बजट पर चर्चा और विश्लेषण का समय मिल सके. यह बदलाव व्यावहारिक साबित हुआ और तब से बजट सुबह ही पेश होने लगा.

2017 में बदली गई तारीख

साल 2017 तक बजट 28 फरवरी को ही आता रहा, लेकिन उस साल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक और ऐतिहासिक फैसला लिया. बजट की तारीख को 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी कर दिया गया. वजह साफ थी कि अगर बजट देर से पेश होता है, तो नई योजनाओं को 1 अप्रैल से लागू करने में दिक्कत आती है. 1 फरवरी को बजट आने से केंद्र और राज्यों को योजनाएं लागू करने के लिए ज्यादा समय मिलने लगा. इसलिए अब यह तारीख 1 फरवरी हो चुकी है.

यह भी पढ़ें: Iran Protests: इस्लामिक कंट्री होने के बावजूद कितने मुस्लिम देशों से है ईरान की दुश्मनी, क्या है इसकी वजह?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Sonam Wangchuk Hunger Strike: देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
Psychological Pricing: 59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?
59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?
भारत में कितनी मातृभाषाएं, पहले नंबर पर हिंदी तो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कौन सी लैंग्वेज बोलते हैं लोग?
भारत में कितनी मातृभाषाएं, पहले नंबर पर हिंदी तो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कौन सी लैंग्वेज बोलते हैं लोग?
Musk Deer: क्या हिरण के पेट में सच में होती है कस्तूरी, जानें हिरण और इंसान दोनों के किस काम आती है यह?
क्या हिरण के पेट में सच में होती है कस्तूरी, जानें हिरण और इंसान दोनों के किस काम आती है यह?

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
Embed widget