Bilaspur Train Accident: पिछले पांच सालों में हो चुके हैं इतने बड़े रेल हादसे, जानें ट्रेन एक्सीडेंट में कितने लोग गंवा चुके हैं जान
Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी की आमने-सामने टक्कर से कई डिब्बे पटरी से उतर गए. हादसे में कई लोगों के मरने की खबर है. चलिए 2025 के रेल हादसों के बारे में जानें.

Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के लालखदान के पास एक भयंकर रेल हादसा हुआ है. हावड़ा मार्ग पर चल रही पैसेंजर ट्रेन और एक मालगाड़ी के बीच सामना‑सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई. हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे यात्रियों में भारी डर और दहशत फैल गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में कई लोगों के मरने की खबरें सामने आ रही हैं.
आइए जान लेते हैं कि पिछले पांच साल में अब तक कितने रेल हादसे हो चुके हैं और उसमें कितने लोगों ने अपनी जान गंवाई है.
किस साल कितने रेल हादसे
पिछले पांच वर्षों, यानी 2020 से 2025 तक भारत में ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या को लेकर कोई पूर्ण और आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन विभिन्न सरकारी और मीडिया स्रोतों के अनुसार, 2021‑22 से लेकर 2024‑25 के बीच कुल 157 ऐसी गंभीर रेल दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं. इनमें से 2024‑25 में अकेले 31 दुर्घटनाएं हुईं, जबकि 2023‑24 में यह संख्या 40 थी और 2022‑23 में 48 दर्ज की गईं. यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि परिणामस्वरूप होने वाली गंभीर हादसों की संख्या धीरे‑धीरे कम हो रही है.
क्या हैं लिखित आंकड़े?
रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने संसद में बताया था कि 2014‑15 में भारत में 135 परिणामी रेल हादसे दर्ज हुए थे, जबकि 2024‑25 में यह संख्या घटकर सिर्फ 31 रह गई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2018‑19 से 2022‑23 के बीच प्रति वर्ष औसतन लगभग 44 परिणामी रेल हादसे हुए हैं. रिपोर्ट की मानें तो 2017‑21 के चार सालों में 2017 ट्रेन हादसे दर्ज हुए, जिनमें 1392 डिरेलमेंट के थे. एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2020‑21 में 17 डिरेलमेंट हुई थीं.
कितने लोगों की हुई मौतें
रेलवे मंत्रालय से प्राप्त RTI जानकारी के मुताबिक 7 जुलाई 2021 से 17 जून 2024 के बीच देशभर में कुल 131 ट्रेन हादसे दर्ज किए गए. इनमें सबसे ज्यादा 92 डिरेलमेंट यानी पटरी से उतरने की घटनाएं रही हैं. इन हादसों में 64 पैसेंजर ट्रेनों और 28 मालगाड़ियों को शामिल किया गया है. अगर इसे मासिक आधार पर देखा जाए, तो पिछले चार सालों में औसतन हर महीने 2 पैसेंजर ट्रेनें और 1 मालगाड़ी डिरेल हुई. इसका मतलब यह है कि ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों और माल के सुरक्षित परिवहन में लगातार जोखिम बना हुआ है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2021 के बाद से 152 गंभीर रेल दुर्घटनाओं में 362 लोगों की मौतें दर्ज की गई थीं.






















