Bharat Taxi New Cab Service: एक राइड पर Ola-Uber वाले ड्राइवर से कितना लेते हैं कमीशन, Bharat Taxi में कितना होगा मुनाफा?
Bharat Taxi New Cab Service: जल्द ही दिल्ली में भारत टैक्सी लॉन्च होने जा रही है. आइए जानते हैं कि यह ओला और उबर से कैसे अलग होगी और ड्राइवर को इससे क्या फायदा होगा.

Bharat Taxi New Cab Service: नया साल आने के साथ दिल्ली का टैक्सी बाजार एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है. 1 जनवरी से भारत टैक्सी को राजधानी में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जा रहा है. सालों से ड्राइवरों को कैब एप्लीकेशंस पर ज्यादा कमीशन, अचानक पॉलिसी में बदलाव और इनकम की अनिश्चित के बारे में परेशानी थी. लेकिन भारत टैक्सी एक नए मॉडल के साथ बाजार में उतर रही है. आइए जानते हैं कि एक राइड पर ओला-उबर वाले ड्राइवर से कितना लेते थे कमीशन. साथ ही यह भी कि भारत टैक्सी से कितना मुनाफा होगा.
ओला का कमीशन मॉडल कैसे काम करता है
कुछ साल पहले तक ओला ड्राइवर से हर राइड पर 30 से 40% तक कमीशन लेता था. लेकिन 2025 तक ओला ने इस सिस्टम को पूरी तरह से बदल दिया. कंपनी ऑटो, बाइक और कैब के लिए जीरो कमीशन, सब्सक्रिप्शन बेस्ड मॉडल पर आ गई थी. इस सिस्टम के तहत ड्राइवर को अब हर ट्रिप का एक प्रतिशत हिस्सा नहीं देना पड़ता. इसके बाजार वे हर दिन लगभग ₹67 या फिर हर महीने लगभग ₹2,010 की एक फिक्स्ड सब्सक्रिप्शन फीस देते हैं. इस फीस को देने के बाद ड्राइवर राइड से कमाए गए किराए का 100% अपने पास रखता है.
उबर का सब्सक्रिप्शन बेस्ड तरीका
उबर ने भी 2025 में इसी तरह का रास्ता अपनाया है. ऑटो ड्राइवर के लिए उबर पहले से ही सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू कर चुकी है. ओला की तरह उबर के ड्राइवर भी हर राइड पर कमीशन के बजाय एक फिक्स्ड रोजाना या फिर मासिक फीस देते हैं. लेकिन ड्राइवर अभी भी इंसेंटिव, एल्गोरिथम बेस्ड ट्रिप एलोकेशन और पेनल्टी के बारे में चिंता जताते हैं.
भारत टैक्सी कैसे अलग है
भारत टैक्स एक प्रॉफिट कमाने वाले प्राइवेट एग्रीगेटर होने के बजाय एक सरकार द्वारा समर्थित ड्राइवर ओन्ड कोऑपरेटिव मॉडल है. इसका मतलब है कि कोई बाहरी कंपनी हर राइड में से कमीशन नहीं लेती. दिल्ली एनसीआर में लॉन्च किया जा रहे हैं मॉडल के मुताबिक ड्राइवर को ऑपरेशनल लागत के आधार पर किराए का 80 से 100% सीधे मिलने की उम्मीद है. इसी के साथ ओला और उबर के उलट जहां पर प्रॉफिट कॉर्पोरेट कंपनियों के पास जाता है भारत टैक्सी से होने वाला कोई भी सरप्लस आखिर में ड्राइवर मेंबर्स के बीच ही बांटा जाएगा.
ड्राइवर के लिए कमीशन
भारत टैक्सी में हर राइट पर कोई कमीशन नहीं है. ड्राइवर को ऐप चलाने के लिए सिर्फ एक छोटी सी ऑपरेशनल फीस देनी होती है. जैसे कि अब तक बताया गया है यह ऑटो रिक्शा के लिए लगभग 18 रुपए प्रतिदिन और टैक्सियों के लिए ₹30 प्रतिदिन हो सकती है. प्राइवेट एप्स के ज्यादा मंथली सब्सक्रिप्शन की तुलना में यह लागत काफी ज्यादा कम है.
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