पाकिस्तान की नई टेंशन बना सुराब शहर, जानिए क्यों है ये इतना अहम!
बलोच लड़ाकों ने पाकिस्तान के सुराब शहर पर अपना कब्जा कर लिया है, चलिए जानते हैं कि पाकिस्तान के लिए यह शहर इतना अहम क्यों है और अब पाकिस्तान को क्या दिक्कत हो सकती है.

भारत में लगातार आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने वाला पाकिस्तान अब अपने ही जाल में फंस चुका है. एक-एक कर उसके सभी प्रांतोंं से विरोध की आवाजें उठने लगी हैं. जिस आतंकवाद और अलगाववाद का वह कभी खुलकर समर्थन करता था] आज वही अलगाववाद उसके लिए सिरदर्द बन गया है. बलोच लिबरेशन आर्मी लगातार पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद करने के लिए संघर्ष कर रही है. ताजा घटनाक्रम में उसने बलूचिस्तान के सुराब शहर पर अपना कब्जा जमा लिया है. चलिए, आपको बताते हैं कि यह पाकिस्तान के लिए इतना खतरनाक क्यों है और सुराब शहर की अहमियत क्यों है.
पाकिस्तान के लिए सुराब शहर की अहमियत
बलूचिस्तान का सुराब शहर बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से सिर्फ 150 किलोमीटर दूर है. ऐसे में यह पाकिस्तान की सेना के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकता है. यह एक छोटा सा शहर है, लेकिन रणनीतिक दृष्टि से अहम शहर है. बलोच आर्मी के कब्जे के बाद इसकी अहमियत काफी ज्यादा बढ़ गई है. यह क्वेटा-कराची हाईवे पर है. एक बार इस हाईवे को बंद किया जा चुका है, अब बीएलए ने इस शहर पर दोबारा कब्जा जमा लिया है, ऐसे में फिर से यह हाईवे बंद हो सकता है, जिससे पाकिस्तान सरकार की पकड़ इस इलाके पर कमजोर हो सकती है. सुराब, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के निकटवर्ती क्षेत्रों से जुड़ा है, ऐसे में इस शहर पर कब्जा होने से यहां से CPEC की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी जा सकती है.
जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?
शुक्रवार शाम में बलोच आर्मी के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने मीडिया को बताया कि बलोच लड़ाकों ने पूरे सुराब शहर पर अपना कब्जा कर लिया है, सारे सरकारी ऑफिस उनके कंट्रोल में हैं. हालांकि पाकिस्तान सरकार की तरफ से इसपर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो यह पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी के लिए शर्म की बात होगी. आपको बता दें कि इससे पहले भारत और पाकिस्तान के तनाव के दौरान बलूचिस्तान ने खुद को एक आजाद देश घोषित किया था.
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