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इस देश में बिना इजाजत लिए मौत को लगा सकते हैं गले, लेकिन नए कानून से पूरी तरह अनजान हैं लोग

दुनिया के इस देश में इच्छामृत्यु को कानूनी जामा पहना दिया गया है. हालांकि, इसकी जानकारी देश के अधिकतर लोगों को नहीं है. यह बात एक सर्वे में सामने आई है.

दुनिया में ऐसे कई देश में हैं, जहां इच्छामृत्यु को वैध कर दिया गया है. इस मामले में स्विट्जरलैंड का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन एक देश ऐसा भी है, जहां इच्छमृत्यु को गैरकानूनी नहीं माना जाता है. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के सभी राज्यों में स्वैच्छिक सहायता से मरना वैध है. यह पीड़ित और निर्णय लेने की क्षमता रखने वाले असाध्य रूप से बीमार वयस्कों को सहायता प्राप्त करने का विकल्प चुनने की अनुमति देता है. 

रिसर्च में सामने आई यह बात

विक्टोरिया राज्य में संबंधित कानून सबसे पहले 2019 में लागू हुआ. इस कानून को सब राज्यों के बाद न्यू साउथ वेल्स ने 2023 के अंत में लागू किया. नवंबर में ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र में स्वैच्छिक सहायता से मरने की अनुमति दी जाएगी और उत्तरी क्षेत्र के लिए भी एक रिपोर्ट में स्वैच्छिक सहायता से मरने के प्रावधान वाले कानून को भी पारित करने की सिफारिश की गई है. अधिकतर आस्ट्रेलियाई अब उन न्याय क्षेत्रों में रहते हैं जहां स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु की अनुमति है, लेकिन स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु तक पहुंच यह जानने पर निर्भर करती है कि यह एक कानूनी विकल्प है. हालांकि, नए शोध से पता चलता है कि अनेक आस्ट्रेलियाई लोग इस बारे में नहीं जानते हैं.

कानून के बारे में नहीं जानते लोग

स्वैच्छिक सहायता से मृत्यु को 1 जनवरी 2023 को क्वींसलैंड में वैध बना दिया गया. इसका पता लगाने के लिए 2024 के मध्य में क्वींसलैंड के 1,000 वयस्कों से इस बारे में ऑनलाइन सर्वेक्षण में पूछा कि क्या उन्हें जीवन के अंत के इस नए विकल्प के बारे में पता है? हमने यह सुनिश्चित करने के लिए आयु-लिंग और भौगोलिक स्थिति के लिए कोटा निर्धारित किया है कि जिन लोगों का हमने सर्वेक्षण किया, वे क्वींसलैंड की समग्र आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं.

लोगों से पूछे गए ये सवाल

सर्वे के तहत सबसे पहले पूछा गया कि क्या लोगों को लगता है कि क्वींसलैंड में स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु वैध है? केवल एक-तिहाई (33 प्रतिशत) ने ही इसका सही जवाब दिया. जिन 67 प्रतिशत लोगों ने सही जवाब नहीं दिया, उनमें से 41 प्रतिशत ने सोचा कि स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु अवैध है और 26 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है.

कानूनी और सांस्कृतिक बाधाएं

सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से बहुत कम लोग ही जानते हैं कि स्वैच्छिक सहायता से मरना एक कानूनी विकल्प है. यह अब भी अपेक्षाकृत नया कानून है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में विशिष्ट बाधाएं हैं, जो लोगों को इसके बारे में पता लगाने से रोक सकती हैं. इनमें एक बड़ी बाधा यह है कि स्वास्थ्य चिकित्सक अकसर अपने रोगियों के साथ स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु पर स्वतंत्र रूप से चर्चा नहीं कर पाते. सभी राज्यों में कानून इस बारे में निर्देश निर्धारित करते हैं कि स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु के बारे में बातचीत कैसे हो सकती है. गौर करने वाली बात यह है कि यह स्टडी सिर्फ क्वींसलैंड में की गई. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के ज्यादातर लोग इसके बारे में नहीं जानते हैं. हालांकि, स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु के बारे में जानने में इन बाधाओं को देखते हुए अन्य राज्यों में भी इसी तरह के रुझान हो सकते हैं. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के पांच राज्यों क्वींसलैंड, तस्मानिया, विक्टोरिया, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के स्वैच्छिक सहायता प्राप्त मृत्यु निरीक्षण मंडलों ने अपनी हालिया वार्षिक रिपोर्ट में इस मुद्दे पर चर्चा की है.

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