एक्सप्लोरर

चांद पर आशियाना बसाने की फिराक में ये देश, जानें लिस्ट में कहां है भारत?

Countries Wants To Build Base On Moon: चांद पर आशियाना बसाने की तैयारी अब हकीकत बन सकती है. कुछ देश और स्पेस एजेंसी मिलकर चांद पर इंसानों के स्थायी ठिकाने की योजना बना रहे हैं. चलिए जानें.

आपने और हमने बचपन में चंदा मामा के बारे में तो खूब सुना है. बच्चों का भी या पसंदीदा रहा है. चांद इंसान की कल्पनाओं का सबसे बड़ा सपना रहा है. प्राचीन समय से ही लोग चांद को देखकर उसे रहस्यमयी मानते आए हैं, लेकिन अब यह रहस्य धीरे-धीरे हकीकत का रूप ले रहा है. कई देश चांद पर इंसानों का आशियाना बसाने की तैयारी में हैं. इसका मकसद है नई ऊर्जा, खनिज और अंतरिक्ष में इंसानी मौजूदगी को मजबूत करना है. चलिए जानें कि इस लिस्ट में कौन से देश हैं.

अमेरिका 

लिस्ट में सबसे पहला नाम अमेरिका का है. अमेरिका चांद पर घर बसाने की सबसे बड़ी तैयारी कर रहा है. नासा का Artemis प्रोग्राम इसी दिशा में काम कर रहा है. इस मिशन के तहत 2025 तक इंसानों को फिर से चांद पर भेजने का लक्ष्य है. नासा वहां पर एक स्थायी बेस बनाने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे भविष्य में इंसान लंबे समय तक चांद पर रह सके.

चीन

इस दौड़ में चीन भी पीछे नहीं है. चीन ने हाल के वर्षों में कई सफल चंद्र अभियान चलाए हैं, जिनमें Chang’e मिशन बहुत खास है. चीन 2030 तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने और वहां पर स्थायी ठिकाना बनाने की तैयारी कर रहा है. चीन का मकसद चांद से खनिज और ऊर्जा स्रोतों की खोज करना है.

भारत 

भारत ने भी चांद की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है. चंद्रयान मिशन की सफलता के बाद भारत ने साबित कर दिया कि वह अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी ताकत बन चुका है. हालांकि भारत का फोकस अभी रिसर्च और खोज पर है, लेकिन भविष्य में इंसानों के रहने लायक जगह बनाने की योजना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

रूस

रूस पहले भी अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी शक्ति रहा है. सोवियत संघ के समय से ही रूस ने चांद की दौड़ में अहम योगदान दिया. अब रूस फिर से चांद पर इंसानों को भेजने और वहां पर एक लूनर बेस बनाने की योजना पर काम कर रहा है.

यूरोपियन स्पेस एजेंसी 

यूरोपियन स्पेस एजेंसी भी चांद पर मून विलेज बनाने की तैयारी कर रही है. यह प्रोजेक्ट अंतरराष्ट्रीय सहयोग से चलाया जाएगा, जहां वैज्ञानिक, शोधकर्ता और अंतरिक्ष यात्री मिलकर चांद पर स्थायी ठिकाना बनाएंगे.

यह भी पढ़ें: जल्द मिट जाएगा फैजाबाद बसाने वाले नवाब की कोठी का नामोनिशां, जान लें इसकी पूरी कहानी

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

NEET Paper Security: दुनिया के किन देशों में सेना कराती है बड़े एग्जाम, कैसे होती है क्वेश्चन पेपर की सुरक्षा?
दुनिया के किन देशों में सेना कराती है बड़े एग्जाम, कैसे होती है क्वेश्चन पेपर की सुरक्षा?
French Fries: फ्रांस नहीं बल्कि यहां हुआ था फ्रेंच फ्राइज का आविष्कार, जानें फिर कैसे पड़ा इसका यह नाम?
फ्रांस नहीं बल्कि यहां हुआ था फ्रेंच फ्राइज का आविष्कार, जानें फिर कैसे पड़ा इसका यह नाम?
Japan Mango Ban: जापान ने बैन किए भारतीय आम, जानें वहां सबसे ज्यादा कौन-सा आम खाया जाता है?
जापान ने बैन किए भारतीय आम, जानें वहां सबसे ज्यादा कौन-सा आम खाया जाता है?
बिजली कड़कने पर क्यों दी जाती है फोन बंद करने की सलाह? जानिए इसके पीछे का विज्ञान
बिजली कड़कने पर क्यों दी जाती है फोन बंद करने की सलाह? जानिए इसके पीछे का विज्ञान

वीडियोज

Jackie Shroff की यह family film बच्चों के साथ बड़ों का भी दिल जीत रही है
Hamirpur Bridge Collapse: हमीरपुर हादसे पर बड़ा खुलासा | UP News | Breaking | abp
Twisha Death Case: कोर्ट में पेश होंगे Samarth और Giribala Singh | Samarth | CBI | HC
Iran US War Update: गुस्से में ईरान, America में हलचल | Masoud Pezeshkian | Breaking News | Trump
Hamirpur Bridge Collapse: पुल ढहने से हाहाकार! मलबे में दबे मजदूरों को बचाने के लिए मची भगदड़

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
300 अरब डॉलर का निवेश और होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र नौवहन... US-ईरान के बीच सीजफायर के लिए क्या-क्या रखे गए प्रस्ताव?
300 अरब डॉलर का निवेश, होर्मुज में स्वतंत्र आवाजाही... US-ईरान सीजफायर के लिए क्या-क्या प्रस्ताव?
आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को कोर्ट से राहत मिलने पर संजय सिंह बोले, 'एक बार वो...'
आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को कोर्ट से राहत मिलने पर संजय सिंह बोले, 'एक बार वो...'
लाइव मैच में फिक्सिंग? GT और RR के क्वालीफायर-2 में दो बार हुआ टॉस; जानें पूरा माजरा
लाइव मैच में फिक्सिंग? GT और RR के क्वालीफायर-2 में दो बार हुआ टॉस; जानें पूरा माजरा
KD The Devil OTT Release: ध्रुव सर्जा और संजय दत्त की 'केडी: द डेविल' की ओटीटी रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें- कब और कहां देख सकेंगे ये फिल्म?
'केडी: द डेविल' की ओटीटी रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें- कब और कहां देख सकेंगे ये फिल्म?
Weather Update: दिल्ली-NCR में तापमान गिरा, कोलकाता में आंधी-बारिश से तबाही, जानें कैसा रहने वाला है पूरे देश का मौसम
दिल्ली-NCR में तापमान गिरा, कोलकाता में आंधी-बारिश से तबाही, जानें देशभर के मौसम का मिजाज
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
Opinion: भारत-चीन संबंध और फ्री तिब्बत पर नई दिल्ली का 'अस्पष्ट' रुख
Opinion: भारत-चीन संबंध और फ्री तिब्बत पर नई दिल्ली का 'अस्पष्ट' रुख
Surya Grahan 2026: सावधान! 12 अगस्त को लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, जानें कहां दिखेगा 'रिंग ऑफ फायर'
Surya Grahan 2026: सावधान! 12 अगस्त को लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, जानें कहां दिखेगा 'रिंग ऑफ फायर'
Embed widget