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Debt On America: सबसे कर्जदार देशों में अमेरिका भी शुमार, जानें कौन देता है उसे उधार?

Debt On America: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की लेटेस्ट रिपोर्ट ने कर्ज में डूबे कुछ देशों की लिस्ट जारी की है. इसमें अमेरिका का नाम भी शामिल है. आइए जानते हैं अमेरिका को कौन देता है कर्ज.

Debt On America:  2025 में ग्लोबल इकॉनमी उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रही है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में पब्लिक कर्ज तेजी से बढ़ रहा है. 2030 तक दुनिया भर का कुल सरकारी कर्ज दुनिया की पूरी जीडीपी के बराबर हो सकता है. इस स्थिति को इकोनॉमिस्ट 'टिकिंग टाइम बम' कहते हैं.  सबसे ज्यादा कर्ज में डूबे देशों की इस लिस्ट में एक नाम सबसे ज्यादा हैरान करता है. यह नाम है यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका का. लेकिन सवाल यह उठता है कि असल में यूनाइटेड स्टेट्स को पैसा कौन उधार देता है. आइए जानते हैं.

अमेरिका की गहरी कर्ज की समस्या 

ज्यादा सरकारी खर्च, बार-बार होने वाले बजट घाटे, ग्लोबल संकट और फाइनेंशियल फैसलों पर राजनीतिक रुकावट की वजह से अमेरिका का नेशनल कर्ज काफी ज्यादा बढ़ चुका है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का कहना है अमेरिकी सरकार का कर्ज उसकी जीडीपी के हैरान करने वाले 125% तक पहुंच गया है. कर्ज का यह लेवल ग्लोबल फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर असर डालता है क्योंकि अमेरिकी डॉलर इंटरनेशनल ट्रेड और फाइनेंस की रीड की हड्डी का काम करता है. 

अमेरिका को पैसे कौन उधार देता है 

कई देशों के उलट जो विदेशी सरकारों से भारी उधार लेते हैं अमेरिका एक अनोखी स्थिति में है. अमेरिका का ज्यादातर कर्ज उसके अपनी सीमा के अंदर से ही फंड किया जाता है. यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेजरी बॉन्ड जारी करता है जिसे दुनिया के सबसे सुरक्षित फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स के रूप में माना जाता है. इसे कई इंस्टीट्यूशन खरीदतें हैं.

घरेलू इन्वेस्टर 

अमेरिकी सरकार के कुल कर्ज का दो तिहाई हिस्सा खुद अमेरिकियों के पास है. इसमें कई तरह के घरेलू इंस्टीट्यूशन शामिल है. जैसे म्युचुअल फंड, पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियां, बैंक, कॉरपोरेशन, राज्य सरकार और आम अमेरिकी इन्वेस्टर. दरअसल जब अमेरिकी सुरक्षित रिटर्न के लिए सरकारी सिक्योरिटी में इन्वेस्ट करते हैं तो वह अपनी ही सरकार को पैसा उधार दे रहे होते हैं. 

इंट्रा गवर्नमेंटल ट्रस्ट फंड 

अमेरिका के कर्ज का एक बड़ा हिस्सा बाहरी लोगों का नहीं बल्कि फेडरल प्रोग्राम का है. सोशल सिक्योरिटी और मेडिकल ट्रस्ट फंड जो भविष्य में रिटायर होने वाले और हेल्थ केयर की जरूरत के लिए टैक्स जमा करते हैं अपना सरप्लस अमेरिका के ट्रेजरी बॉन्ड में इन्वेस्ट करते हैं. 

फेडरल रिजर्व 

अमेरिका फेडरल रिजर्व, देश का सेंट्रल बैंक, सबसे बड़े क्रेडिटर्स में से एक है. यह इंटरेस्ट रेट को रेगुलेट करने, महंगाई को कंट्रोल करने और इकोनामी स्टेबल करने के लिए ट्रेजरी बॉन्ड खरीदता है. जब फेडरल रिजर्व ज्यादा बॉन्ड खरीदता है तो वह इकोनॉमी में पैसा डालता है. जब वह उन्हें बेच देता है तो वह पैसा निकाल लेता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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