जहां कभी था हजारों का बसेरा, आज दूर-दूर तक सन्नाटा है पसरा; आखिर कैसे वीरान हुए ये खूबसूरत शहर?
दुनिया में तमाम खूबसूरत शहर बसे हुए हैं, लेकिन कुछ शहर एक वक्त पर इतने सुंदर थे कि वहां लोग रहते थे, फिर अचानक कुछ ऐसा होने लगा, जिससे लोगों की बस्ती भूतिया खंडहर में तब्दील हो गई.

दुनिया में तमाम ऐसी जगहें हैं, जो कभी खूबसूरती और इंसानी चहल-पहल की मिसाल हुआ करती थीं, लेकिन वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि रातों-रात इन हंसते-खेलते शहरों की किस्मत बदल गई और ये हमेशा के लिए वीरान हो गए. पहले जहां आपकी और हमारी तरह से लोग रहा करते थे, बच्चे स्कूल जाते थे और बाजार सजते थे, वहां आज सिर्फ खामोशी का राज है. किसी शहर को कुदरत के कहर ने तबाह कर दिया, तो किसी को इंसानी गलतियों और आपसी समझौतों ने लील लिया, चलिए उन शहरों के बारे में जानें.
ज्वालामुखी ने लील ली कैरेबियन द्वीप की खूबसूरती
इस फेहरिस्त में सबसे पहले और डरावना नाम कैरेबियन द्वीप पर बसे मोंटसेराट के प्लायमाउथ शहर का नाम शामिल है. साल 1995 से पहले यह एक बेहद खूबसूरत और पर्यटकों से भरा रहने वाला तटीय शहर हुआ करता था. लेकिन इसी साल यहां मौजूद सौफ्रिएरे हिल्स नाम का एक शांत ज्वालामुखी अचानक से फट पड़ा. ज्वालामुखी से निकली राख, जहरीली गैसों और खौलते गर्म लावे ने धीरे-धीरे पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया. हालात हदतर होते देख साल 1996 में सरकार ने पूरे शहर को खाली करा दिया. आज भी इस आधुनिक शहर का एक बहुत बड़ा हिस्सा ज्वालामुखी की कड़क राख के नीचे कब्र की तरह दफन है.
कैसे खाली हो गया तुर्किए का कायाकोय
कुदरती कहर के अलावा कई बार इंसानों के राजनीतिक फैसले भी हंसते-खेलते शहर को उजाड़ने के लिए काफी होते हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण तुर्किए का कायाकोय शहर है. साल 1923 में ग्रीस और तुर्किए के बीच एक बड़ा जनसंख्या समझौता हुआ, जिसके तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे के नागरिकों की अदला-बदली करने का फैसला किया. इस एक एतिहासिक फैसले की वजह से कायाकोय में सदियों से रह रहे हजारों लोगों को अचानक अपने आलीशान घर और पुरखों की जमीन छोड़कर हमेशा के लिए जाना पड़ा. देखते ही देखते अचानक पूरा शहर खाली हो गया.
यह भी पढ़ें: Ship Recycling Industry : जहाज रीसाइक्लिंग में नंबर वन बना भारत, जानें कहां टिकते हैं US-चीन जैसे देश?
पेंसिल्वेनिया का आग ने सब उजाड़ दिया
संयुक्त राज्य अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य में स्थित सेंट्रेलिया शहर की कहानी किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं है. मई 1962 में मेमोरियल डे के दौरान शहर के एक कचरे के ढेर में आग लग गई थी. बदकिस्मती से यह आग जमीन के नीचे बनी कोयले की पुरानी खदानों की सुरंगों तक पहुंच गई. तब से लेकर आज तक इस शहर के नीचे कोयला सुलगरहा है. इसके बाद से जमीन में जहरीली गैसें निकलने लगीं और सड़कें बीच से फटना तालू हो गईं. सरकार ने करोड़ों डॉलर खर्चा करके 1980 के दशक में लोगों को यहां से निकाला. आज यहां पर पांच से भी कम लोग रहते हैं और साल 2002 में इस शहर का पिन कोड भी हमेशा के लिए रद्द कर दिया गया.
चेर्नोबिल का परमाणु हादसा
परमाणु ऊर्जा का लालच इंसानों पर कितना भारी पड़ सकता है, इसका गवाह यूक्रेन का प्रिप्यात शहर है. साल 1986 में इस शहर के पास स्थित चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र में एक भयानक विस्फोट हुआ, जिससे खतरनाक रेडिएशन फैला. इस जानलेवा खतरे को देखते हुए प्रशासन ने महज कुछ घंटों के अंदर करी 45,000 नागरिकों को शहर खाली करने के लिए कह दिया. उस वक्त उन लोगों से कहा गया कि वे दो-तीन दिन में वापस आ जाएंगे, इसलिए वे अपना सारा सामान वहीं छोड़ गए. लेकिन वह दिन है और आज का दिन है इस खतरनाक रेडिएशन के कारण कोई भी इंसान वहां पैर नहीं रख सका.
हीरों की चमक खत्म होते ही रेत में दफन हुआ कोलमैनस्कोप
नामीबिया के रेतीले रेगिस्तान के बीचो-बीच बसा कोलमैनस्कोप शहर कभी अपनी अमीरी के लिए दुनिया में जाना जाता था. साल 1900 के शुरुआती दशक में यहां अचानक हीरों का बहुत बड़ा भंडार मिला था. इस खोज के बाद करीब एक-डेढ हजार लोगों की आबादी वाला यह छोटा सा इलाका देखते ही देखते आलीशान हवेलियों, अस्पतालों और कसीने से लैस अमीर शहर में तब्दील हो गया. लेकिन जैसे जमीन में दफन हीरों की खदान खत्म होने लगी, लोग जगह छोड़कर चले गए. आज इस वीरान जगह के घरों के कमरों में रेगिस्तान की रेत भरी है.
यह भी पढ़ें: आखिर क्यों ट्रंप के सामने भीगी बिल्ली बने बैठे हैं नेतन्याहू? क्यों गलत फैसलों पर भी नहीं कर पाते विरोध
























