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World UFO Day: आखिर क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड यूएफओ डे, क्या इस दिन पहली बार नजर आई थी एलियंस की उड़न तश्तरी?

World UFO Day: आज दुनियाभर में विश्व यूएफओ दिवस मनाया जा रहा है. इस बीच चलिए जानते हैं कि आखिर इस दिन ऐसा क्या खास हुआ था?

World UFO Day: दुनियाभर में आज विश्व यूएफओ दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. इस दिन दुनियाभर में लोग अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं और हमारे ग्रह को छोड़कर दूसरे ग्रहों के अस्तित्व के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए साथ आते हैं. ऐसे में चलिए आज का दिन क्यों मनाया जाता है और इसका मतलब क्या है जानते हैं.

क्या है यूएफओ?

'अज्ञात' का मतलब ऐसी चीज से है जिसकी कोई पहचान नहीं है. वहीं कोई उड़ने वाली वस्तु से है जो हवा में उड़ती है. कुलमिलाकर देखें तो ये दिन उन चीजों के लिए मनाया जाता है जो वस्तु आसमान में उड़ती दिखाई देती है लेकिन उसकी कोई पहचान नहीं है. सैकड़ों सालों से लोग ये दावा करते आ रहे हैं कि उन्होंने यूएफओ या उड़ान तश्तरी जैसी चीजें देखी हैं. इन्हीं दावों के तलते इन चीजों पर कई बार काफी शोध और चर्चाएं होती आई हैं.

क्या 2 जुलाई को दिखा था कोई एलियन?

बता दें वर्ल्ड यूएफओ डे की शुरुआत साल 2001 में यूएफओ शोधकर्ता हाक्त्न अक्दोगन ने की थी. दरअसल इस दिन का चयन खासतौर पर 1947 की रोसवेल घटना का कारण किया गया था. जिसमें एक अनजान उड़ान चश्तरी के क्रैश होने की घटना सामने आई थी. ये यूएफओ के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है.

क्या है महत्व?

विश्व यूएफओ दिवस काफी जरूरी है क्योंकि ये अलौकिक जीवन के अस्तित्व पर खुली चर्चा और बहस को प्रोत्साहित करता है, साथ ही ये विचारों और सिद्धांतों को खुले तौर पर चर्चा करने को बढ़ावा देता है. ये दिन इस सोच पर जोर देता है कि हम ब्रह्मांड में अकेले नहीं हो सकते हैं. ये ब्रह्मांड में हमारे अलावा भी सोचने और समझने की शक्ति रखने वाले दूसरे लोग भी होते हैं. विश्व यूएफओ दिवस का उद्देश्य एक महान भावना को बढ़ावा देना है.

नासा ने 2023 में यूएफओ पर दी रिपोर्ट

कई यूएफओ देखे जाने की नासा की जांच में पाया गया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इन घटनाओं के पीछे एलियंस ही थे, लेकिन अंतरिक्ष एजेंसी इसकी संभावना से भी इनकार नहीं कर सकती. अगर सच्चाई सामने आती है, तो यह लंबे समय से प्रतीक्षित रिपोर्ट कोई निर्णायक सबूत दे सकती है. लेकिन इसने ये जरूर साबित कर दिया कि नासा बेहतर तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ यूएपी (अज्ञात विषम घटना) की जांच कैसे करेगा. नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी न केवल संभावित यूएपी घटनाओं पर शोध करने में खास भूमिका निभाएगी, बल्कि ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता के साथ लोगों के साथ भी इसकी जानकारी शेयर करेगी.

दुनियाभर में कब-कब देखे गए यूएफओ?

सबसे नई घटना 2023 में घटी जहां भारतीय वायु सेना ने इंफाल हवाई अड्डे के पास एक 'अज्ञात उड़न वस्तु' (यूएफओ) के देखे जाने की सूचना मिलने के बाद उसकी खोज करने के लिए दो राफेल लड़ाकू विमानों को भेजा. अधिकारियों ने हाशिमारा से एक राफेल लॉन्च किया, हालांकि उन्हें कुछ नहीं मिला. पहला विमान असफल रूप से अपने बेस पर लौट आया और दूसरे को दोबारा जांच करने के लिए उस क्षेत्र की ओर भेजा गया. हालांकि दूसरा विमान भी हवा में किसी भी वस्तु की उपस्थिति दर्ज किए बिना वापस लौट आया.

2007 में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी. जहां सुबह 3:30 बजे से 6:30 बजे के बीच एक चेहरा हिलाने वाली किसी चीज की पहचान की गई और उसे कैमरे पर रिकॉर्ड भी किया गया. वस्तु का आकार एक गोले से त्रिकोण में बदल गया और आगे एक सीधी रेखा में बदल गया.

1947 में भी न्यू मैक्सिको के रोसवेल में एक खेत में एक अज्ञात उड़ने वाली वस्तु दुर्घटनाग्रस्त हो गई. यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी एयर फोर्स ने तुरंत स्पष्ट किया कि वो वस्तु एक मौसमी गुब्बारा थी. लेकिन, 1970 के दशक में यूफोलॉजिस्ट ने दुर्घटना को फिर से सुर्खियों में ला दिया और दावा किया गया कि खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुई वस्तु वास्तव में एक विदेशी अंतरिक्ष यान थी. उस समय यूनाइटेड स्टेट्स सरकार ने इसे छिपाने की कोशिशें की थीं.

इसके अलावा भी समय-समय पर यूएफओ देखे जाने के दावे किये जाते रहे हैं.                          

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