नई सीरीज को लेकर चर्चा में सबा आजाद, महिलाओं के संघर्ष पर किया रिएक्ट
सबा आज़ाद इन दिनों अपनी कॉमेडी-ड्रामा सीरीज़ ‘हूज़ योर गायनिक सीज़न 2’ को लेकर चर्चा में हैं. इसी बीच सबा ने बयान दिया कि आज भी घर संभालने की ज़िम्मेदारी सिर्फ महिलाओं की है.

इन दिनों अपनी कॉमेडी-ड्रामा सीरीज़ ‘हूज़ योर गायनिक सीज़न 2’ के फेम को एन्जॉय कर रही एक्ट्रेस सबा आज़ाद ने समाज की सोच पर एक तीखा फैसला उठाया है. सबा का कहना है की आज भी घर संभालने की उम्मीदें महिलाओं से ही की जाती है.
सबा आज़ाद का ‘हूज़ योर गायनिक सीज़न 2’
अपने काम से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीतने वाली सबा आज़ाद ‘हूज़ योर गायनिक सीज़न 2’ को लेकर चर्चा में हैं. इस सीरीज़ में सबा ने 28 वर्षीय डॉ विदुशी कोठारी का किरदार निभाया है, जो अपने सामने आने वाले केस के साथ साथ अपनी निजी प्रोबलम्स के साथ जुझती है.
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महिलाओं के संघर्ष पर सबा का बड़ा बयान
सबा सिंह ग्रेवाल उर्फ सबा आज़ाद भारतीय अभिनेत्री, थिएटर निर्देशक और संगीतकार है. एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरीन सबा से पूछा गया ‘क्या महिलाओं के संदर्भ में इस्तेमाल होने वाले शब्द, सब कुछ पा लेने- और महिलाओं के लिए अलग होता है?’
सबा ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘दोनों के लिए इस शब्द का अर्थ बिल्कुल अलग है. हमारे समाज में पुरूषों से कभी उन भावनात्मक और घरेलू ज़िम्मेदारियों को संभालने की उम्मीद नहीं की जाती, जिनकी उम्मीद अक्सर महिलाओं से हर समय होती है.’
वर्किंग वुमन का होम-मैनेजमेंट
आज की महिलाएं ‘वर्किंग वुमन’ हैं, वे पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं, लेकिन फिर भी ‘होम-मैनेजमेंट’ के लिए केवल महिला को ही ज़िम्मेदार ठहराया जाता है. सोशल मीडिया पर अभिनेताओं की निजी ज़िंदगी का असर उनके काम पर आता है. इस बात पर सबा का कहना है, कभी कभी कलाकारों के असली काम से ज़्यादा उनके निजी रिश्तों पर नज़र रखी जाती है.
‘इंसान का यह स्वभाव होता है कि वह दूसरे व्यक्ति के जीवन के हर पहलू के बारे में जानने की कोशिश करता है. यही वजह है कि कलाकारों की निजी और पेशिवर ज़िंदगी लोगों का ध्यान खींचती है.’
सबा ने ये भी बताया कि वे अपने तनाव और भावनात्मक दबाव से कैसे निपटती है. ‘क्रिएटिव एक्सप्रेशन स्ट्रेस को प्रोसेस करने का एक बहुत बढ़िया जरिया है. समय के साथ, मैंने सीखा है कि मुश्किल इमोशन्स को क्रिएटिव तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाए और आर्ट और एक्सप्रेशन के जरिए उनसे कैसे निपटा जाए.‘
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