‘महिला सशक्तिकरण’ शब्द सही नहीं है क्योंकि महिलाएं पहले ही सशक्त हैं: शाहरुख खान

मुंबई: सुपरस्टार शाहरुख खान का मानना है कि ‘महिला सशक्तिकरण’ शब्द सही नहीं है क्योंकि महिलाएं पहले ही सशक्त हैं. अभिनेता का कहना है कि महिलाओं को सबसे ज्यादा बराबर अवसर मिलने की जरूरत है.
अभिनेता ने कहा, ‘‘हम महिलाओं के सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं जो कि मेरे हिसाब से सही शब्द नहीं है. यह ऐसा है जैसे ‘ग्रह की रक्षा करो’. आप ग्रह की सुरक्षा नहीं करते हैं जबिक ग्रह आपकी रक्षा करता है, यह आपकी देखभाल करता है.’’ खान ने कहा, ‘‘ठीक इसी तरह से जब हम ‘महिलाओं को सशक्त बनाना’ जैसी बात करते हैं तो उन्हे सशक्त बनाने जैसा कुछ नहीं है. वह हम लोगों से ज्यादा सशक्त हैं. हमें जो करने की जरूरत है, वह यह है कि हम सारी महिलाओं को बराबर मौके दें और यही वह मांग भी रही हैं.’’ शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की कलेक्शन के लिए कल रात शो स्टॉपर्स थे. यह एडिशन शबाना आजमी की मिजवान चैरिटी फैशन शो 2017 के लिए था.
अभिनेता का मानना है कि दुनिया में मर्दों का दबदबा है.
अभिनेता ने कहा, ‘‘यह गैरबराबरी वाली दुनिया है. यह मर्दों की दुनिया है. हमने इसे लंबे समय तक बिल्कुल ही सामान्य तौर पर लिया है. हमें उन्हें बराबर जगह और अवसर देना होगा और मिजवान का अपना एक तरीका है, जो यही काम कर रहा है. जब एक महिला को कुछ सिखाया जाता है तो यह पुरुषों से कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है. महिलाएं वह बात अपने बच्चों, समाज और सभी को सिखाती हैं.’’ कार्यक्रम में मौजूद अभिनेत्री शबाना आजमी ने खान की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपनी फिल्मों में महिलाओं को ज्यादा मौके देते हैं. अभिनेत्री ने यह भी कहा कि अभिनेता महिला केंद्रीत फिल्म में छोटी भूमिका निभाने के लिए तैयार होते हैं. अभिनेत्री ‘डियर जिंदगी’ का हवाला दे रहीं थीं.
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