करणी सेना ने फिल्म 'पद्मावती' का नाम बदलने की उठाई मांग

जयपुर: फिल्म पद्मावती में कथित प्रेम कहानी और सपने में प्रेम के सीन दिखाये जाने के आरोपों को लेकर जारी विवाद ने आज यूटर्न ले लिया है. करणी सेना ने फिल्म का नाम बदलने का नयी मांग रखी है. फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली प्रोडेक्शन कम्पनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शोभा संत ने फिल्म पद्मावती की पटकथा में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के प्रेम सम्बधों या सपने में प्रेम के सीन दिखाया जाने के आरोपों से सिरे से खारिज कर दिया. यहां आज आयोजित संवाददाता सम्मेलन में करणी सेना के पदाधिकारी महिपाल सिंह ने फिल्म का नाम बदलने की नयी शर्त शोभा संत के समक्ष रखी है. संत स्वंय संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थी और उन्होंने कहा कि करणी सेना और फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के प्रतिनिधियों की कई दौर की बातचीत के बाद हमने लिखित में करणी सेना को दिया है कि फिल्म पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच किसी प्रकार के प्रेम प्रसंग और सपने में दोनों के बीच प्रेम सपने को लेकर किसी तरह के सीन नहीं थे. उन्होंने कहा कि गलत फहमी में यह सब कुछ हुआ है. संत ने कहा कि दोनों पक्ष में हुई बातचीत में करणी सेना और राजपूत समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में फिल्म के प्रदर्शन से पूर्व एक स्क्रीनिंग कमेटी गठित कर फिल्म को हरी झंडी देने के बाद ही फिल्म को प्रदर्शित करने की थी लेकिन इस मांग पर निर्णय स्वयं संजय लीला भंसाली लेंगे. सिंह ने फिल्म कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष फिल्म पद्मावती का नाम बदलने की नयी मांग रखी जिस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इसका निर्णय फिल्म निर्माता से बातचीत करने के बाद ही करने की जानकारी दी. करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कल ही पद्मावती फिल्म में दिखाये जाने वाले सीनों को लेकर जारी विरोध में लिखित समझौता होने के संकेत दे दिये थे. गौरतलब है कि फिल्म पद्मावती की जयगढ़ किले में गत दिनों चल रहीं शूटिंग के दौरान करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म में इतिहास के तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का विरोध करते हुए फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के साथ र्दुव्यवहार किया और शूटिंग उपकरणों को क्षति पहुंचायी थी.
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