फिरोज खान ने ठुकराई थी अमिताभ बच्चन की फिल्म 'हेरा फेरी', संजय गुप्ता ने बताई वजह
अमिताभ बच्चन की 'हेरा फेरी' में फिरोज खान भी नजर आ सकते थे. प्रकाश मेहरा ने उन्हें फिल्म ऑफर की थी, लेकिन एक खास वजह से उन्होंने इसे ठुकरा दिया था. इसका खुलासा फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने किया है.
अमिताभ बच्चन, सायरा बानो और विनोद खन्ना जैसे सितारों से सजी फिल्म 'हेरा फेरी' को दर्शकों ने काफी पसंद किया था. साल 1976 में रिलीज हुई इस सुपरहिट फिल्म का निर्देशन प्रकाश मेहरा ने किया था. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए फिरोज खान को भी ऑफर मिला था. हाल ही में फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने इससे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है.
संजय गुप्ता ने बताया कि प्रकाश मेहरा ने 'हेरा फेरी' के लिए फिरोज खान को भी ऑफर दिया था. हालांकि, एक्टर ने एक खास वजह के चलते फिल्म में काम करने से मना कर दिया था. फिल्ममेकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर बताया कि आखिर फिरोज खान ने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का ये मौका क्यों छोड़ दिया.
संजय गुप्ता ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'दिलचस्प जानकारी: प्रकाश मेहरा ने फिरोज खान को अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'हेरा फेरी' ऑफर की थी. फिरोज खान ने इस फिल्म को करने से मना कर दिया, क्योंकि इसके लिए उन्हें रविवार को भी शूटिंग करनी पड़ती. नियम के तौर पर फिरोज खान कभी रविवार को काम नहीं करते थे और मुझे लगता था कि केवल मैं ही ऐसा करता हूं.'
'हेरा फेरी' के बारे में जानिए
INTERESTING TRIVIA : Prakash Mehra offered Feroz Khan the film Hera Pheri with Amitabh Bachchan. Feroz Khan refused the film as it would require him to work shift's on Sunday . As a rule, Feroz Khan never worked on Sunday's.
— Sanjay Gupta (@_SanjayGupta) September 28, 2026
And I thought I was the only one.😊😊
साल 1976 में रिलीज हुई प्रकाश मेहरा की फिल्म 'हेरा फेरी' में अमिताभ बच्चन ने विजय और विनोद खन्ना ने अजय का किरदार निभाया था. वहीं, सायरा बानो भी फिल्म में अहम भूमिका में नजर आई थीं. फिल्म की कहानी दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो छोटे-मोटे अपराध करके अपना गुजारा करते हैं. हालांकि, बाद में उनके अतीत और परिवार से जुड़े कई राज सामने आते हैं, जिसके बाद उनकी दोस्ती भी मुश्किल दौर से गुजरती है.
अगर फिरोज खान ने फिल्म का ऑफर स्वीकार कर लिया होता, तो दर्शकों को अमिताभ बच्चन और उनके बीच की जोड़ी बड़े पर्दे पर देखने को मिलती. हालांकि, रविवार को काम न करने के अपने नियम के चलते फिरोज खान ने इस फिल्म से दूरी बना ली.
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स्ट्रगल के दिनों को नहीं भूले फिरोज खान
संजय गुप्ता ने एक अन्य पोस्ट के जरिए फिरोज खान के स्वभाव और उनकी दरियादिली से जुड़ी एक और बात भी शेयर की. उन्होंने बताया कि फिरोज खान उन छोटे और गुमनाम फिल्ममेकर्स को हमेशा याद रखते थे, जिन्होंने उनके संघर्ष के दिनों में उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका दिया था.
संजय गुप्ता ने लिखा, 'सच्चे जेंटलमैन, फिरोज खान उन सभी अनजान फिल्ममेकर्स के बेहद आभारी थे, जिन्होंने उन्हें छोटी फिल्मों में काम करने का मौका दिया. उनका मानना था कि अगर इन लोगों ने उनके लिए एक मजबूत नींव तैयार नहीं की होती, तो वो अपने करियर में इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते.'
TRUE GENTLEMAN - Feroz Khan was very grateful to all those unknown film-makers who gave him breaks in all those small films because he believed he would not have come up without their building a foundation for him.
— Sanjay Gupta (@_SanjayGupta) September 28, 2026
1960 में शुरू किया था फिल्मी सफर
फिरोज खान ने साल 1960 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. अपने लंबे करियर में उन्होंने 'आरजू', 'आदमी और इंसान', 'सफर', 'मेला', 'अपराध', 'खोटे सिक्के', 'काला सोना' और 'नागिनी' जैसी कई फिल्मों में काम किया. इसके अलावा उन्होंने 'धर्मात्मा', 'कुर्बानी' और 'जानबाज' जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया.
फिरोज खान आखिरी बार साल 2009 में रिलीज हुई फिल्म 'वेलकम' में नजर आए थे. 27 अप्रैल 2009 को 69 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. हालांकि, अपने शानदार अभिनय, स्टाइलिश अंदाज और दमदार अंदाज के लिए फिरोज खान आज भी हिंदी सिनेमा के यादगार सितारों में शुमार किए जाते हैं.
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