चेक बाउंस केस: राजपाल यादव की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिया 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश
राजपाल यादव एक बार फिर विवादों में आ गए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में एक्टर को सरेंडर करने का आदेश दिया.

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर राजपाल यादव 4 फरवरी को 4 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष सरेंडर करने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में भुगतान को लेकर बार-बार दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन करना बेहद गंभीर है और ये आचरण निंदनीय है.
जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक्टर को कई मौके दिए गए. लेकिन उन्होंने हर बार कोर्ट के भरोसे को तोड़ा. राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत हुई सजा को चुनौती दी थी. निचली अदालत ने दोनों को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी.
राजपाल यादव ने नहीं जमा की राशि
कोर्ट ने कहा कि जून 2024 में सजा निलंबित की गई थी, ताकि दोनों पक्ष आपसी समझौते की संभावना तलाश सकें. इसके बाद मामला मध्यस्थता के लिए भेजा गया. राजपाल यादव ने कुल 2.5 करोड़ रुपये भुगतान करने का आश्वासन दिया था, जिसमें 40 लाख रुपये और 2.10 करोड़ रुपये की किश्तें शामिल थीं. लेकिन तय समय सीमा के बावजूद कोई भी राशि जमा नहीं की गई.
अदालत ने ये भी कहा कि ड्राफ्ट में टाइपिंग की गलती का तर्क भरोसेमंद नहीं है, क्योंकि गलती की जानकारी होने के बावजूद न तो रकम जमा की गई और न ही कोई स्पष्टीकरण आवेदन दिया गया. जनवरी 2026 में अंतिम मौका दिए जाने के बाद भी अभिनेता भुगतान करने में असफल रहे.
कोर्ट ने साफ कहा कि लगातार आदेशों की अवहेलना के बाद अब और रियायत नहीं दी जा सकती. हालांकि, न्याय के हित में एक्टर को 4 फरवरी दोपहर 4 बजे तक सरेंडर का समय दिया गया है. ये राहत उनके वकील के अनुरोध पर दी गई, जिन्होंने बताया कि अभिनेता मुंबई में पेशेवर काम में व्यस्त हैं.
साथ ही, कोर्ट ने पहले से जमा रकम शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को जारी करने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 को होगी, जिसमें जेल अधीक्षक से अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है.
Source: IOCL






















