हिंदू परिवार में जन्मे एआर रहमान, इस दर्दनाक वजह से बने थे मुसलमान
AR Rahman: ए आर रहमान का हिंदू परिवार में जन्म हुआ था. हालांकि उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था. इसकी वजह जानकर आपका दिल दहल जाएगा.

ए आर रहमान इन दिनों अपनी एक स्टेटमेंट की वजह से खूब विवादों में बने हुए हैं. दरअसल उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उन्हें पिछले 8 सालों से बॉलीवुड में काम नहीं मिला है. उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा था कि सत्ता अब क्रिएटिव लोगों के हाथ में नहीं हैं. वहीं अपने इस बयान के बाद ये ए आर रहमान काफी ट्रोल हो रहे हैं. इन सबके बीच क्या आप जानते हैं कि ए आर रहमान का जन्म हिंदू परिवार में हुआ फिर वो क्यों मुस्लिम बन गए? इसके पीछे दर्दनाक वजह है.
ए आर रहमान का जन्म हिंदू परिवार में हुआ था
रहमान देश के इकलौते भारतीय हैं जिन्होंने 2009 में 'स्लमडॉग मिलियनेयर' और '127 आवर्स' जैसी फिल्मों में अपने शानदार काम के लिए दो अकादमी पुरस्कार जीते. बहुत कम लोग जानते हैं कि रहमान हिंदू थे और अपने पिता के निधन के बाद टीनएज ही उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था. बता दें कि तमिलनाडु के मद्रास में ए आर रहमान का जन्म हुआ था और उनका असली नाम दिलीप कुमार राजगोपाला था. उन्होंने चार साल की उम्र में पियानो सीखकर संगीत की दुनिया में अपना सफर शुरू किया था. उनके पिता आर.के. शेखर भी एक फिल्म स्कोर कंपोजर थे.
ए आर रहमान जब महज 9 साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था. इसके बाद रहमान के परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजरना पड़ा था. उनके पिता के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट के किराए से ही परिवार का खर्च चलता था. पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी रहमान पर आ गई थी, वे पढ़ाई के साथ-साथ आमदनी के लिए छोटे-मोटे काम भी करते थे, काम की वजह से वह अक्सर स्कूल नहीं जा पाते थे और परीक्षा में फेल हो जाते थे. एक बार स्कूल ने रहमान की मां को बुलाया और उन्हें भीख मांगने के लिए सड़क पर ले जाने को कहा?
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ए आर रहमान ने क्यों अपनाया इस्लाम धर्म?
गरीबी ने रहमान को काफी परेशान दिया था और उन्होंने अपनी सारी उम्मीदें खो दी थीं. उसी समय उनकी मुलाकात एक फेमस पीर, कादरी साहब से हुई और वे उनके मूल्यों और शिक्षाओं से बहुत प्रभावित हुए. इसलिए, उन्होंने 23 वर्ष की उम्र में अपनी मां और बहनों के साथ इस्लाम धर्म अपना लिया. करण थापर के साथ एक पुराने इंटरव्यू में रहमान ने अपने धर्म परिवर्तन के बारे में बात करते हुए इस्लाम धर्म अपनाने को पूरी तरह से पर्सनल और स्प्रिचुअल बताया था. उन्होंने याद किया कि कैसे एक सूफी स्प्रिचुअल हीलर ने कैंसर से जूझ रहे उनके पिता का इलाज किया थाय रहमान ने बताया, "हम सात-आठ साल बाद उस सूफी चिकित्सक से मिले, और तभी हमने एक और आध्यात्मिक मार्ग अपनाया, जिससे हमें शांति मिली."

हिंदू एस्ट्रोलॉजर से मिला था मुस्लिम नाम
रहमान और उनकी मां हिंदू धर्म का पालन करते थे और जिस हबीबुल्लाह रोड हाउस में वे पले-बढ़े, उसकी दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगी हुई थीं. इस्लाम धर्म अपनाने के बाद, रहमान ने अपना नया नाम 'अब्दुल रहमान' रख लिया था क्योंकि उन्हें अपना असली नाम दिलीप कुमार पसंद नहीं था. क्या आप जानते हैं, रहमान को यह नया नाम एक हिंदू ज्योतिषी ने दिया था?
नसरीन मुन्नी कबीर की किताब 'ए.आर. रहमान: द स्पिरिट ऑफ म्यूजिक' में रहमान ने यही बात शेयर की है और बताया है, “सच तो यह है कि मुझे अपना नाम कभी पसंद नहीं आया. महान अभिनेता दिलीप कुमार का अनादर करने का मेरा कोई इरादा नहीं है! लेकिन किसी तरह मेरा नाम मेरी अपनी छवि से मेल नहीं खाता था. उन्होंने अब्दुल रहमान और अब्दुल रहीम नाम सुझाए और कहा कि दोनों में से कोई भी नाम मेरे लिए अच्छा रहेगा. मुझे रहमान नाम तुरंत पसंद आ गया. एक हिंदू ज्योतिषी ने ही मुझे मेरा मुस्लिम नाम दिया था.”
Source: IOCL























