सैफ अली खान से निकाह करने के लिए अमृता सिंह ने बदला था धर्म, बन गई थी अजीजा, बच्चों को लेकर थी ये चिंता
सैफ अली खान संग तलाक के बाद से अमृता सिंह सिंगल जिंदगी जी रही है. एक्ट्रेस ने 1991 में सैफ संग शादी की थी और 2004 में इस एक्स कपल ने तलाक ले लिया था. इस शादी से उन्हें दो बच्चे हुए.

अमृता सिंह ने 1991 में सैफ अली खान संग शादी की थी.2004 में दोनों का तलाक हो गया. इस एक्स कपल के बीच 12 साल का अंतर था और शर्मिला टैगोर इस रिश्ते से खुश नहीं थीं.उन्होंने अपने बेटे को शादी ना करने की सलाह दी थी.इतना ही नहीं सैफ और अमृता का धर्म भी अलग था, जिसकी वजह से काफी सवाल उठे थे.
ऐसे में वो अपने बच्चों सारा अली खान और इब्राहिम अली खान को लेकर परेशान थे. क्योंकि इस्लाम से जुड़ी थी उनकी जड़े.दोनों की शादी को लेकर जो नई जानकारी आई है, इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं..दरअसल, अमृता सिंह की मां रुखसाना सुल्ताना था जो मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखती थीं और वो एक सोशल वर्कर थीं.
एक्ट्रेस के पिता का नाम शिविंदर सिंह विर्क था जो एक पंजाबी थे और जाट सिख आर्मी ऑफिसर थे.इधर, सैफ अली खान का जन्म पटौदी परिवार में हुआ था. एक्टर के पिता मंसूर अली खान पटौदी क्रिकेटर थे और उनकी मां शर्मिला टैगोर बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस थीं.
सेट पर हुई थी सैफ और अमृता की मुलाकात
मंसूर अली खान और शर्मिला टैगोर की जब शादी हुई तो एक्ट्रेस ने अपना धर्म बदल लिय़ा. लेकिन, सैफ अली खान ने जब अमृता से शादी की थी तो एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने कभी भी एक्ट्रेस को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया था.सैफ अली खान और अमृता सिंह की मुलाकात एक सेट पर हुई थी.

पहली ही नजर में सैफ को अमृता पसंद आ गई थी.इसके बाद दोनों ने डेट करना शुरू कर दिया. सिमी ग्रेवाल को दिए इंटरव्यू में सैफ ने कहा था कि उनकी मां इस रिश्ते से खुश नहीं थी.एक्टर ने कहा था,'मेरी मां को हमारे रिलेशनशिप के बारे में कुछ भी पता नहीं था. लेकिन वो नहीं चाहती थीं कि हम शादी करें.उन्होंने कहा था कि तुम अपने रिश्ते में भले हो लेकिन शादी मत करना.'
लेकिन बाद में दोनों ने गुपचुप तरीके से शादी कर ली.नम्रता जकारिया के यूट्यूब चैनल पर डिजाइनर अब्बू जानी और संदीन खोसला ने बताया था कि अमृता और सैफ की शादी करना के लिए एक मौलवी और एक सिख पुजारी आए थे. दोनों ने दोस्त के अपार्टमेंट में निकाह किया था और उस दौरान एक्ट्रेस ने अपना नाम अजीजा रख लिया था.
हमने उनकी शादी में बतौर गवाह साइन किया था. वो दोनों हमारे पास एक दिन अचानक से आए और बोले कि उनको शादी करना है.अमृता के घर सैफ रहा करते थे और उससे प्यार करता था. सैफ तो तैयार था लेकिन अमृता शादी के लिए टालमटोल करती थी. हां-ना में जवाब देती थी.'
उन्होंने कहा कि अमृता ने जो कपड़े मिले पहन लिए और मां के गहने थे तो उसे भी कैरी कर लिया. फिर मौलवी ने उससे नाम पूछा और कहा कि वो अ से शुरू होना चाहिए. सब कंफ्यूज्ड थे और तभी पंडित जी ने अजीजा कहा.' सैफ ने एक इंटरव्यू में कहा,'मैंने डिंगी (अमृता सिंह) को कभी इस्लाम अपमाने के लिए फोर्स नहीं किया. न ही उससे कहा गया कि उसे फॉलो ही करना है. और जब बच्चे हुए, तब भी मेरा टेक यही था. अमृता रोज गुरुद्वारे जाते थी. तब मैं बच्चों की देखरेख करता था.लेकिन जब हम अलग हुए तो मुझे बच्चों की ज्यादा टेंशन होने लगी. हालांकि मुझे डिंगी पर भरोसा था कि वो उन्हें धर्म को लेकर किसी भी तरह से इंफ्लुएंस नहीं करेगी.' और वैसा ही रहा.सारा अली खान से अमृता से कहा था कि वो भारतीय हैं और सभी धर्मों को मानती हैं.
Source: IOCL

























