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बच्चों को लेकर भावुक हुईं फराह खान, कहा- मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को समाज को स्वीकारना चाहिए
फराह खान का कहना है कि माता-पिता बनने के बाद कुछ चीजों के प्रति लोगों का नजरिया बदल जाता है. उन्होंने कहा, "जब मैं मां बनी थी, इससे मेरी आंखें खुल गई क्योंकि तब तक हम सब अपनी दुनिया में व्यस्त थे और सिर्फ अपने बारे में सोचते थे.

फिल्मकार-कोरियोग्राफर फराह खान का कहना है कि माता-पिता बनने के बाद कुछ चीजों के प्रति लोगों का नजरिया अच्छे के लिए बदल जाता है. फराह मंगलवार को विश्व ऑटिज्म दिवस पर जय वकील फाउंडेशन की 75वीं सालगिरह के कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से रूबरू थीं. मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के भले के लिए फाउंडेशन से जुड़ने पर उनके विचार पूछने पर उन्होंने कहा, "जब मैं मां बनी थी, इससे मेरी आंखें खुल गई क्योंकि तब तक हम सब अपनी दुनिया में व्यस्त थे और सिर्फ अपने बारे में सोचते थे. हम बहुत स्वार्थी जीवन जीते हैं लेकिन जब आपके बच्चे आ जाते हैं तो कुछ चीजों के प्रति आपका नजरिया बदलने लगता है."
उन्होंने कहा, "आप यह सोचते हुए मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के माता-पिता के साथ सहानुभूति रखना शुरू कर देते हो कि उन्हें हर परिस्थिति में अपने बच्चों को पालना है और बदकिस्मती से हम इन बच्चों को आसानी से अपने समाज में सम्मिलित नहीं करते और मुझे लगता है कि इसे बदलने की जरूरत है."View this post on Instagram
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आप उनके बारे में जितनी ज्यादा जागरूकता फैलाएंगे, इन बच्चों को उतना ही फायदा होगा." फिल्मों की बात करें तो फराह खान एक एक्शन-कॉमेडी फिल्म का निर्देशन करेंगी जिसका निर्माण रोहित शेट्टी करेंगे.View this post on Instagram
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