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Uttarakhand Election: सत्ता में लौटने के बावजूद BJP के सामने सीएम चुनने की चुनौती, हारे हुए धामी का नाम ही चर्चा में

Uttarakhand Election: धामी की दावेदारी इसलिए भी दोबारा चर्चा में है, क्योंकि कई विधायक खुलकर धामी को अपना समर्थन जता रहे हैं. उनको दोबारा चुनाव लड़ाने के लिए अपनी सीट तक छोड़ने को तैयार हैं.

Uttarakhand Election: उतराखंड की राजनीति में बीजेपी ने इस बार दोबारा सत्ता में ना लौटने का पुराना रिकॉर्ड तो तोड़ दिया, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की हार के बाद राज्य में मुख्यमंत्री के चुनाव हारने का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई. लिहाजा एक साल में चौथी बार बीजेपी के सामने मुख्यमंत्री चुनने की चुनौती आन पड़ी है. सीएम बनने की चाहत में कई नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाला हुआ है. नए मुख्यमंत्री की रेस में चेहरे और दावेदार तो तमाम हैं, लेकिन खबरों में अब भी पुष्कर सिंह धामी ही बने हुए हैं.

धामी ने इशारों में पेश की सीएम दावेदारी

केंद्र के कुछ बड़े नेता चुनाव हार चुके पुष्कर धामी के पक्ष में खड़े हैं, जो उन्हें दोबारा चुनाव लड़ाकर मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन कर रहे हैं. तो इस बीच खुद धामी भी इशारों में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. ये बताते हुए कि वो चुनाव क्यों हार गए. पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ‘’मैं अपनी सीट पर अपने क्षेत्र में कम जा पाया कम समय दे पाया. मुझे सरकार लाने की जिम्मेदारी दी गई थी, मैंने कभी किसी पद की मांग नहीं की, मुझे जो जिम्मेदारी दी गई थी उसे मैंने पूरा करके दिया है.

धामी को मिल रहा है विधायकों का समर्थन

धामी की दावेदारी इसलिए भी दोबारा चर्चा में है, क्योंकि कई विधायक खुलकर धामी को अपना समर्थन जता रहे हैं. उनको दोबारा चुनाव लड़ाने के लिए अपनी सीट तक छोड़ने को तैयार हैं. उन्हीं में से एक रुड़की से चुनाव जीतने वाले प्रदीप बत्रा हैं. प्रदीप बत्रा ने कहा है, ‘’अगर राष्ट्रीय नेतृत्व पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाते है तो वो उनके चुनाव लड़ने के लिए अपनी रुड़की सीट छोड़ने को तैयार हैं और रुड़की विधानसभा से धामी को 20 हजार से अधिक वोटों जीत हांसिल कराएगे.’’

बीजेपी के सामने क्या है चुनौती?

उत्तराखंड में खुद बीजेपी के नेता बता रहे हैं कि पुष्कर सिंह धामी के लिए कुल छह विधायक अब तक अपनी सीट छोड़ने की पेशकश कर चुके हैं. निश्चित ही सीएम बनाने के लिए ये समर्थन धामी को सुकून देने वाला है. लेकिन आखिरी फैसला तो केंद्रीय आलाकमान ही करने वाला है. एक कार्यकाल में तीन मुख्यमंत्री बदल चुकी बीजेपी इस बार कोई ऐसा चेहरा देना चाह रही है जो 5 साल तक मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा करे और 2024 में राज्य के सभी 5 लोकसभा सीटों पर जीत दिलाने का टारगेट भी पूरा कर सके.

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