दक्षिण और पूर्वोत्तर के 9 राज्यों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा, दिल्ला का लैंगिक अनुपात सबसे खराब
दक्षिण और पूर्वोत्तर के नौ राज्यों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है. केरल में प्रति एक हजार मतदाताओं पर महिला वोटरों की संख्या 1066, तमिलनाडु में 1021 और आंध्र प्रदेश में 1015 है.

नई दिल्ली: देश के नौ राज्यों में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है. ये राज्य पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के हैं. चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव के लिये जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार लैंगिक अनुपात में दक्षिणी राज्यों में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और पुदुचेरी अग्रणी हैं. वहीं, पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम की स्थिति लैंगिक अनुपात में अच्छी है. देश के बाकी राज्यों में गोवा ही एकमात्र है जहां महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है. राष्ट्रीय स्तर पर मतदाताओं का लैंगिक अनुपात 958 है.
आंकड़ों के अनुसार, लैंगिक अनुपात के लिहाज से पुडुचेरी में एक हजार पुरुषों पर 1117 महिला मतदाता हैं. केरल में यह संख्या 1066, तमिलनाडु में 1021 और आंध्र प्रदेश में 1015 है. पूर्वोत्तर राज्यों में यह संख्या 1054 से 1021 के बीच है. मतदाताओं के लैंगिक अनुपात के मामले में दिल्ली देश में सबसे पीछे है. यहां एक हजार पुरुषों की तुलना में 812 महिला मतदाता हैं. दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित सात राज्यों में मतदाताओं का लैंगिक अनुपात 800 से 900 के बीच है.
आबादी में मतदाताओं के अनुपात के लिहाज से देश में प्रति एक हजार की आबादी पर मतदाताओं की संख्या 631 है. आयोग के आंकड़ों के अनुसार, केरल में प्रति एक हजार आबादी पर 741 मतदाता हैं, जबकि पंजाब और ओडिशा में यह आंकड़ा 700 और तमिलनाडु में 728 है. आयोग द्वारा मतदाता पंजीकरण को बढ़ावा देने के तमाम प्रयासों के फलस्वरूप 18 राज्यों में किन्नरों को भी पुरुष और महिला श्रेणी से इतर ‘अन्य’ वर्ग में पंजीकृत किया गया है. इसके तहत पूरे देश में 31,292 लोगों को इस श्रेणी में बतौर मतदाता शामिल किया गया है. इनमें सर्वाधिक 8,374 मतदाता उत्तर प्रदेश से, 5472 तमिलनाडु से और 3761 आंध्र प्रदेश से शामिल हैं.
उल्लेखनीय है कि नई मतदाता सूची के अनुसार, देश में कुल मतदाताओं की संख्या 89.87 करोड़ (46.70 करोड़ पुरुष और 43.17 करोड़ महिलाएं) हैं. इनमें विदेशों में रह रहे 71,735 मतदाताओं भी शामिल हैं. पहली बार मतदाता बने 18 से 19 साल के आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 1.5 करोड़ है. देश में मतदाताओं की कुल संख्या में 2014 की तुलना में 8.4 करोड़ का इजाफा हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, विदेशों में रह रहे भारतीय मतदाताओं में सर्वाधिक हिस्सेदारी (92.8 प्रतिशत) केरल की है.
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