Assembly Election 2026: वोटर लिस्ट में नाम नहीं? जानिए क्या करें, कैसे डालें वोट
Assembly Election 2026: मतदान के दिन हर मतदाता वोटिंग करने के लिए वोटर ID कार्ड का इस्तेमाल करता है. हालांकि, ये बात जानना जरूरी है कि अगर किसी कारणवश वोटर लिस्ट में नाम न हो तो आपको क्या करना चाहिए.

मतदान के दिन कई लोगों को सबसे बड़ी परेशानी तब होती है, जब वे वोट डालने पहुंचते हैं लेकिन मतदाता सूची में उनका नाम नहीं होता. कुछ मामलों में ऐसा भी होता है कि किसी मतदाता के पहुंचने से पहले ही उसके नाम पर कोई और वोट डाल देता है. ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए, यह जानना बहुत जरूरी है.
सबसे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि अगर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो आप किसी भी हालत में वोट नहीं डाल सकते. चुनाव आयोग के नियम साफ कहते हैं कि केवल वही व्यक्ति मतदान कर सकता है, जिसका नाम सूची में दर्ज हो. अगर कोई व्यक्ति बिना नाम के जबरदस्ती वोट डालने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
मतदाता सूची में नाम न होने पर क्या करें?
अगर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो आपको पहले ही इसके लिए आवेदन करना चाहिए. ध्यान रखें कि ड्राफ्ट लिस्ट सिर्फ प्रारंभिक होती है और अंतिम सूची जारी होने के बाद ही आपका नाम पक्का माना जाता है. इस बार फाइनल लिस्ट 6 मार्च 2026 को जारी की गई थी. मतदान के दिन परेशानी से बचने के लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है. हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आपका नाम मतदाता सूची में है. अगर आपने हाल ही में अपना पता बदला है तो उसे अपडेट कराएं. अपने EPIC या वोटर आईडी कार्ड की डिजिटल और प्रिंट कॉपी साथ रखें. सही जानकारी के लिए हमेशा चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क करें. समय रहते तैयारी करने से आप बिना किसी परेशानी के अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं.
मतदान केंद्र पर पहुंचने पर क्या करें?
अगर आप मतदान केंद्र पर पहुंचते हैं और पता चलता है कि आपके नाम पर पहले ही वोट डाला जा चुका है तो आपके पास टेंडर वोट का विकल्प होता है. इस स्थिति में आपको तुरंत वहां मौजूद पीठासीन अधिकारी से शिकायत करनी चाहिए. इसके बाद अधिकारी आपके दस्तावेजों की जांच करेगा और यह देखेगा कि आपका दावा सही है या नहीं. अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि आपका वोट किसी और ने गलत तरीके से डाल दिया है तो आपको बैलेट पेपर के जरिए टेंडर वोट डालने की अनुमति दी जाएगी. लेकिन अगर जांच में आपका दावा गलत पाया जाता है, तो आपके खिलाफ फर्जी जानकारी देने के आरोप में कार्रवाई हो सकती है.
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Source: IOCL


















