एक्सप्लोरर

इसरो का पहला चेयरमैन कौन था, उन्हें इस पोस्ट पर कितनी मिलती थी सैलरी?

ISRO First Chairman Salary: क्या आप जानते हैं ISRO के पहले चेयरमैन कौन थे और उन्हें कितनी सैलरी मिलती थी? अगर नहीं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं...

भारत के अंतरिक्ष सपनों की कहानी जब भी सुनाई जाती है तो डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई का नाम सबसे पहले सामने आता है. आज जिस इसरो (ISRO) पर देश गर्व करता है, उसकी नींव रखने वाले यही वैज्ञानिक थे. लेकिन उनकी पहचान सिर्फ एक बड़े वैज्ञानिक के रूप में नहीं है, बल्कि एक ऐसे इंसान के रूप में भी है, जिन्होंने देश के लिए काम को धन से ऊपर रखा.

1960 के दशक में भारत के पास न संसाधन थे, न आधुनिक तकनीक. फिर भी डॉ. विक्रम साराभाई ने यह सपना देखा कि भारत अंतरिक्ष विज्ञान में दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलेगा. 1962 में उन्होंने INCOSPAR (Indian National Committee for Space Research) की स्थापना में अहम भूमिका निभाई. यही संस्था आगे चलकर ISRO बनी.

उन्होंने समझा कि अंतरिक्ष विज्ञान सिर्फ रॉकेट उड़ाने के लिए नहीं, बल्कि देश के विकास के लिए जरूरी है. जैसे मौसम की जानकारी, संचार व्यवस्था, खेती में मदद, आपदा प्रबंधन और शिक्षा तक पहुंच. उस समय यह सोच अपने आप में बहुत आगे की थी.

केवल 1 रुपये सैलरी लेने का फैसला

डॉ. साराभाई एक समृद्ध परिवार से थे. उनके पास किसी चीज की कमी नहीं थी. लेकिन जब बात देश की आई, तो उन्होंने अपने पद के लिए सिर्फ 1 रुपये वेतन लेना तय किया. यह कोई नियम नहीं था, बल्कि उनका निजी फैसला था. वे मानते थे कि देश सेवा के काम में पैसों का महत्व कम है, नीयत और मेहनत का महत्व ज्यादा है.

संस्थाएं खड़ी करने वाले वैज्ञानिक

डॉ. विक्रम साराभाई ने सिर्फ ISRO ही नहीं बनाया. उन्होंने अहमदाबाद में फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) की स्थापना की, जिसे अंतरिक्ष विज्ञान का पालना कहा जाता है. इसके अलावा उन्होंने कई शैक्षणिक और वैज्ञानिक संस्थाओं को खड़ा करने में भूमिका निभाई.

यह भी पढ़ें- भारतीय सेना में निकली CSBO ग्रेड-II की 190 भर्तियां, जानें क्या है आवेदन प्रक्रिया और योग्यता?

1963 से 1971 तक का सफर

डॉ. साराभाई ने 1963 में अंतरिक्ष कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली और 1971 में अपने निधन तक इस मिशन में जुटे रहे. इस दौरान उन्होंने वह बुनियाद रखी, जिस पर आज का आधुनिक ISRO खड़ा है. उनके समय में थुंबा (केरल) से रॉकेट लॉन्चिंग की शुरुआत हुई, जो आगे चलकर बड़े अंतरिक्ष अभियानों की नींव बनी.

‘फादर ऑफ इंडियन स्पेस प्रोग्राम’ क्यों कहा जाता है

उन्हें ‘भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक’ यूं ही नहीं कहा जाता. उन्होंने भारत को यह भरोसा दिलाया कि हम भी अंतरिक्ष में अपनी पहचान बना सकते हैं. उनकी सोच थी कि अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए.

यह भी पढ़ें- कौन थे भारत के सबसे पहले CJI? जानें कितनी मिलती थी सैलरी

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

BHU MSc Admission 2026: BHU का बड़ा ऐलान, MSc लाइफ साइंसेज कोर्स में 10 जुलाई तक एडमिशन
BHU का बड़ा ऐलान, MSc लाइफ साइंसेज कोर्स में 10 जुलाई तक एडमिशन
NEET UG 2026: नीट यूजी री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने का आखिरी मौका, कब जारी होगी फाइनल आंसर-की?
NEET UG 2026 की प्रोविजनल आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने का आखिरी मौका, कब जारी होगी फाइनल आंसर-की?
CBSE Result Update: सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन रिजल्ट में देरी, नतीजों के इंतजार में अभी भी 13% छात्र
सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन रिजल्ट में देरी, नतीजों के इंतजार में अभी भी 13% छात्र
DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में 71 हजार सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, CUET वाले तुरंत करें अप्लाई
DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में 71 हजार सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, CUET वाले तुरंत करें अप्लाई
Advertisement

वीडियोज

DR. Aarambhi: Avantika की खौफनाक साजिश! मासूम Vihan को पूल में गिराकर Aarambhi को करेगी कैद
Huma Qureshi बोलीं- दर्शकों का प्यार सबसे बड़ी जीत, Baby Do Die Do से नई शुरुआत
US Iran War: Hormuz पर ईरान की नई खौफनाक चेतावनी ! | Trump | IRGC | Netanyahu | Latest News
Mann Ki Baat 135th Episode : PM Modi की अपील का देश में दिखा बड़ा असर। War Effect
Sansani | Crime News | Muharram | Poisonous Capsules:मुहर्रम जुलूस में 'जहरीली गोलियां' बांटने की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ब्रिटिश संसद में पाकिस्तानी मूल की सांसद ने प्रधानमंत्री को कहा झूठा तो स्पीकर ने निकाला बाहर, किरेन रिजिजू बोले- 'भारत में तो...'
ब्रिटेन में सांसद ने PM को बोला झूठा तो स्पीकर ने निकाला बाहर, रिजिजू बोले- 'भारत में तो...'
सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
2026 की तमिल की 7 बेस्ट फिल्में, एक ने कमाया था सबसे ज्यादा प्रॉफिट, जानें OTT पर कहां देखें
2026 की तमिल की 7 बेस्ट फिल्में, एक ने कमाया था सबसे ज्यादा प्रॉफिट, जानें OTT पर कहां देखें
'इंदिरा गांधी के बाद सिर्फ PM मोदी ने ही...', शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी की बातों को किया याद
'इंदिरा गांधी के बाद सिर्फ PM मोदी ने ही...', शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी की बातों को किया याद
एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, आंसुओं के साथ ली विदाई
एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, आंसुओं के साथ ली विदाई
कानपुर एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, चलते प्रोपेलर की चपेट में आई ट्रेनी पायलट
कानपुर एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, चलते प्रोपेलर की चपेट में आई ट्रेनी पायलट
Video: पहले सेफ्टी फिर रोमांस- सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड लेकर हनीमून मनाने पहुंचा पति- वीडियो वायरल
पहले सेफ्टी फिर रोमांस- सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड लेकर हनीमून मनाने पहुंचा पति- वीडियो वायरल
क्या E20 फ्यूल से घट जाता है गाड़ी का माइलेज, इस पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
क्या E20 फ्यूल से घट जाता है गाड़ी का माइलेज, इस पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
Embed widget