NEET Paper Leak: नीट एग्जाम में कब-कब हो चुका पेपर लीक? जानें हर बार की पूरी जानकारी
NEET Paper Leak: 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा के चार दिन बाद एनटीए को कथित कदाचार और पेपर बिकने की जानकारी मिली. इसके बाद 8 मई को एजेंसी ने मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया.

NEET Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी एक बार फिर विवादों के घेरे में है. 3 मई 2026 को आयोजित हुई परीक्षा को लेकर कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों की आशंका के बाद जांच एजेंसी सक्रिय हो गई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस मामले में एडवाइजरी जारी करते हुए छात्रों से अफवाहों से बचने और धेर्य बनाए रखने की अपील की है. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा पर सवाल उठे हैं. इससे पहले भी कई बार पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, प्रॉक्सी कैंडिडेट और परीक्षा में अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं की नीट एग्जाम में कब-कब पेपर लीक हो चुका है.
NEET UG 2026 को लेकर क्यों मचा बवाल
3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा के चार दिन बाद एनटीए को कथित कदाचार और पेपर बिकने की जानकारी मिली. इसके बाद 8 मई को एजेंसी ने मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया. जांच में राजस्थान के सीकर, झुंझुनू, देहरादून और केरल से जुड़े कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए. राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के अनुसार परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर 150 पन्नों की एक पीडीएफ वायरल हुई थी, जिसमें करीब 400 सवाल थे. शुरुआती जांच में इनमें से लगभग 120 सवाल असली पेपर से मेल खाते पाए गए. कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया कि 300 सवालों में से करीब 150 सवाल परीक्षा में आए थे. एजेंसी का कहना है की जांच अभी शुरुआती चरण में है और हर एंगल की पड़ताल की जा रही है.
नीट एग्जाम में कब-कब हो चुका है पेपर लीक
2024 में भी उठा था बड़ा विवाद
नीट यूजी 2024 भी देशभर में भारी विवादों में रहा. बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ने जांच के दौरान जली हुई कॉपियों से 68 सवाल रिकवर किए थे जो असली प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए थे. सवालों के क्रमांक तक एक जैसे थे. जांच में झारखंड के हजारीबाग स्थित स्कूल का नाम सामने आया था. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रश्न पत्र वाले एक पैकेट को निर्धारित जगह से अलग तरीके से खोला गया था. बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं दाखिल हुई थी. कुछ छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी तो कुछ ने दोबारा परीक्षा करवाने का विरोध किया था..
2021 में सॉल्वर गैंग का हुआ था खुलासा
2021 में नीट यूजी परीक्षा में प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया था. सीबीआई ने नागपुर के एक कोचिंग संस्थान और उसके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया था. आरोप था कि कुछ छात्रों के परिवारों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया गया. जांच में दिल्ली और रांची के परीक्षा केंद्रों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था. सीबीआई ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि कुछ आरोपी लंबे समय तक फरार रहे.
2022 में भी दर्ज हुई एफआईआर
17 जुलाई 2022 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा के बाद सीबीआई ने एक सॉल्वर गैंग के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोप था कि फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज के जरिए असली छात्रों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाई गई. दिल्ली और हरियाणा के परीक्षा केंद्रों पर इस तरह की गतिविधियों का खुलासा हुआ था. बाद में सीबीआई ने कई शहरों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और चार्जशीट दाखिल की.
2018 में भी सामने आया था गड़बड़ी का मामला
साल 2018 में दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर स्थित एजुकेशन सेंटर पर नीट परीक्षा में धांधली करने के आरोप लगे थे. आरोप था कि संस्थान छात्रों को परीक्षा पास करने का झांसा देता था और इसके बदले बड़ी रकम वसूलता था. मामले की शिकायत के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की थी.
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Source: IOCL


























