एक्सप्लोरर

तीन बार प्रीलिम्स में कटऑफ नहीं हुई क्रॉस, फिर चौथी बार में बन गए IFS टॉपर, पढ़िए सक्सेस स्टोरी

कुछ नंबर से आईएफएस की कटऑफ लिस्ट में नहीं नाम आने से हुए निराश विद्यांशु ने कुछ इस तरह से क्रैक किया पेपर, पढ़िए आईएफएस 2023 के टॉपर की सक्सेस स्टोरी...

फेल होना अपने आप में एक बात है, लेकिन सफलता के इतने पास पहुंचकर असफल होना बहुत अधिक मानसिक तनाव का कारण बनता है. रांची के निवासी विद्यांशु शेखर झा ने 2018 में UPSC में शामिल होने का सपना देखा और इस प्रतिष्ठित सेवा में शामिल होने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए पहली बार कदम बढ़ाया. उन्हें यह पता नहीं था कि उनका यह सफर इतनी सारी बाधाओं और निराशाओं से भरा होगा, जो उनके समर्पण की परीक्षा लेंगी. विद्यांशु शेखर झा ने UPSC की तीन असफलताओं में से प्रत्येक में एक या दो अंक से असफलता का सामना किया. वह पूरी तरह से हताश हो गए थे और किसी तरह आशा छोड़ दी थी.

हालांकि, यही वह समय था जब उन्होंने खुद में एक नई ताकत पाई और आखिर में उन्होंने वह हासिल किया जो वह चाहते थे. उन्होंने CSE और IFS दोनों परीक्षा में सफलता प्राप्त की. अपनी कठिनाइयों और सफलताओं पर विचार करते हुए, उन्होंने उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण पाठ दिए. अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए उन्होंने कोचिंग सामग्री पर निर्भर रहने और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने की अहमियत को नजरअंदाज करने के खिलाफ चेतावनी दी.

ऐसा रहा IFS तक का सफर

विद्यांशु शेखर झा ने 2018 में अपनी सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और 2019 में UPSC का पहला प्रयास किया. इस प्रयास में वह सिर्फ 2 अंकों से प्रीलिम्स की कट-ऑफ से चूक गए. अपने दूसरे प्रयास में, 2020 में, वह सिर्फ 0.67 अंकों से प्रीलिम्स में असफल हो गए. तीसरे प्रयास में, 2021 में, वह केवल 1 अंक से प्रीलिम्स कट-ऑफ से चूक गए. 

तीन बार लगातार प्रीलिम्स में असफल होने के बाद वह पूरी तरह से निराश हो गए थे और चौथे प्रयास के लिए उनकी उम्मीदें लगभग खत्म हो गई थीं. हालांकि, उम्मीदों के बोझ से मुक्त होकर उन्होंने अपने चौथे प्रयास को आराम से लिया और कोई अपेक्षाएं नहीं रखीं. UPSC 2022 के परीक्षा में उन्होंने CSE और IFS दोनों के लिए प्रीलिम्स की कट-ऑफ को पार किया. उन्होंने मेंस भी क्लियर किया और CSE के रिजर्व लिस्ट में 49वां रैंक प्राप्त किया. उन्हें दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा (DANICS) में पोस्टिंग मिली. हालांकि, 2022 में IFS के मेंस के लिए वह 8 अंकों से फाइनल लिस्ट में नहीं आ सके.

2023 में, उन्होंने केवल IFS परीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया और उन्होंने 5वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, 'UPSC एक बहुत मजबूत इच्छाशक्ति की परीक्षा है. इसलिए कभी हार मत मानो. IFS की कट-ऑफ हमेशा CSE से अधिक होती है. जब मैंने पहले तीन प्रयासों में CSE को नहीं पार किया, तो IFS एक दूर का लक्ष्य लगता था. लेकिन आज, मैं IFS अधिकारी हूं. इसलिए बस कड़ी मेहनत करो और धैर्य रखो.'

गलतियां और सलाह

विद्यांशु ने उम्मीदवारों को अपनी गलतियों से सीखने का तरीका बताया. उन्होंने स्वीकार किया, "मैंने कोचिंग मैगजीन पर अधिक निर्भर किया था बजाय समाचार पत्रों के. उम्मीदवारों को यह गलती नहीं करनी चाहिए. उन्होंने यह भी बताया, "मेरे प्रारंभिक प्रयासों में, मैंने कई टेस्ट सीरीज हल किए, लेकिन पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को नजरअंदाज किया. ये प्रमुख गलतियां थीं जिनसे उम्मीदवारों को बचना चाहिए.'

परिवार और शिक्षा

विद्यांशु का परिवार दरभंगा, बिहार से है, लेकिन अब वे रांची, झारखंड में रहते हैं. उनके पिता एक व्यापारी हैं, जबकि उनकी मां शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं. उनकी एक छोटी बहन है, जो AIIMS में डॉक्टर हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रांची से प्राप्त की और 2017 में तमिलनाडु के वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech किया.

यह भी पढ़ें: अगले पांच सालों में इन सेक्टरों में आएंगी 17 करोड़ नौकरियां, जानिए कौन सी होंगी वो नौकरी

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Deepak Dhar Dirac Medal 2026 : भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर को मिला डिराक मेडल, जानें उनका योगदान
भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर को मिला डिराक मेडल, जानें उनका योगदान
दिल्ली के स्कूलों में रोजाना 30 मिनट अनिवार्य रीडिंग, लंच ब्रेक में भी खुली रहेगी लाइब्रेरी 
दिल्ली के स्कूलों में रोजाना 30 मिनट अनिवार्य रीडिंग, लंच ब्रेक में भी खुली रहेगी लाइब्रेरी 
बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती, 11847 उम्मीदवारों की DET एडमिट कार्ड जारी
बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती, 11847 उम्मीदवारों की DET एडमिट कार्ड जारी
PIB Fact Check: छात्रों को फ्री लैपटॉप दे सही मोदी सरकार! शिक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
छात्रों को फ्री लैपटॉप दे सही मोदी सरकार! शिक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?

वीडियोज

Baramati Crime: पत्नी ने रची पति को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश? | Sansani
Janhit with Chitra Tripathi: CM Soren से छात्र..'हमको झुका ना पाओगे'! | Jharkhand Students Protest
Kanwar Yatra 2026: बुर्के में कांवड़, मुस्लिम महिला और हिंदू पति! नोटिस के बाद भी नहीं रुकी तमन्ना !
Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
फूड ट्रंक में छिपे, मिलिट्री जेट से भरी उड़ान... तुर्किए से कैसे निकले डोनाल्ड ट्रंप
फूड ट्रंक में छिपे, मिलिट्री जेट से भरी उड़ान... तुर्किए से कैसे निकले डोनाल्ड ट्रंप
'अमित शाह तैयार, राहुल भागना नहीं...', CM योगी ने क्यों कहा ऐसा?
'अमित शाह तैयार, राहुल भागना नहीं...', CM योगी ने क्यों कहा ऐसा?
इंटरनेशनल क्रिकेट में कितने किलो के बैट से खेलते हैं खिलाड़ी?
इंटरनेशनल क्रिकेट में कितने किलो के बैट से खेलते हैं खिलाड़ी?
Toxic से यश ने वसूली सबसे मोटी रकम, जानें- कियारा आडवाणी से नयनतारा तक किसे मिली कितनी फीस?
'टॉक्सिक' से यश ने वसूली सबसे मोटी रकम, जानें- कियारा सहित बाकी स्टार कास्ट की फीस
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
Fact Check: अरुणाचल प्रदेश में घुस गई है चीनी सेना? वायरल वीडियो का सच
Fact Check: अरुणाचल प्रदेश में घुस गई है चीनी सेना? वायरल वीडियो का सच
दुधारू गाय-भैंस को एक दिन में कितना दें चारा, कृषि एक्सपर्ट्स से जानें
दुधारू गाय-भैंस को एक दिन में कितना दें चारा, कृषि एक्सपर्ट्स से जानें
Gut Bacteria species: भारतीय जनजातियों में मिले 14 नए बैक्टीरिया, क्यों खास है खोज
Gut Bacteria species: भारतीय जनजातियों में मिले 14 नए बैक्टीरिया, क्यों खास है खोज
Embed widget