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IAS Success Story: कभी इंजीनयरिंग में हो गए थे रिजेक्ट फिर ऐसे बने ऋषि राज UPSC टॉपर

कलरब्लाइंडनेस की समस्या के कारण ऋषि राज को इंजीनियरिंग के लिए मेडिकली अनफिट करार दे दिया गया था. साल 2017 में दूसरे प्रयास में ऋषि बन गए यूपीएससी टॉपर.

Success Story Of IAS Topper Rishi Raj: एक छोटी सी जगह सिंगरौली के रहने वाले ऋषि राज ने साल 2017 में यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया था. पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ऋषि को ग्रेजुएशन के तुरंत बाद इस क्षेत्र के लिए मेडिकली अनफिट करार दे दिया गया था. उसी समय उन्हें सिविल सर्विसेस का ख्याल आया और ऋषि ने तय किया कि वे आईएएस सेवा में जाएंगे. ऋषि ने साल 2015 में सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और अगले साल यानी 2016 में पहला अटेम्पट दिया. इस साल वे साक्षात्कार राउंड तक पहुंचे पर फाइनल लिस्ट में उनका नाम नहीं आया. अगले साल ऋषि ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए फिर तैयारी की और न केवल सेलेक्ट हुए बल्कि टॉप भी किया. आज जानते हैं ऋषि से उनके सफर के बारे में.

नहीं जा सकते दिल्ली तो परेशान न हों –

सिविल सेवा की तैयारी के लिए ऐसा माना जाता है कि दिल्ली में रहकर बढ़िया तरीके से प्रिपरेशन की जा सकती है. इस बारे में ऋषि कहते हैं कि अगर आप जा सकते हैं तो ठीक लेकिन किसी कारण से अगर न जा पाएं तो बस एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन आपके दरवाजे तक वो सुविधाएं ला देगा जो आपको दूसरे शहर जाकर मिलती. उनका कहना है कि आजकल हर छोटी से छोटी जगह पर भी नेट की सुविधा मिलती है और इस परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन हर प्रकार का रिर्सोस उपलब्ध है. कुछ अच्छी साइट्स फॉलो करके आप सारा मैटीरियल पा सकते हैं. यही नहीं टेस्ट सीरीज के लिए भी इन्हें चुना जा सकता है. वैसे तो अगर आप ऑफलाइन टेस्ट दें तो ऋषि के अनुसार ज्यादा अच्छा है क्योंकि तब आप उसी माहौल में परीक्षा देकर उससे परीचित हो पाते हैं पर ऐसा संभव न हो तब ऑनलाइन मॉक टेस्ट दें पर टेस्ट सीरीज जरूर ज्वॉइन करें. ऋषि अधिकतम तीन टेस्ट सीरीज ज्वॉइन करने की बात कहते हैं. वे कहते हैं इससे ज्यादा ज्वॉइन करेंगे तो आपका पूरा समय इसी में निकल जाएगा. अंत में आप टेस्ट छोड़ेंगे और आपका पैसा बर्बाद होगा. इसलिए केवल जीएस, ऐस्से और ऑप्शनल तीन विषयों की टेस्ट सीरीज ही ज्वॉइन करें.

अपनी स्ट्रेंथ को बनाएं ऑप्शनल –

ऋषि कहते हैं जब उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जोकि उनका विषय था को ऑप्शनल चुनने का फैसला किया तो बहुत से लोग कहने लगे कि इसका सिलेबस बहुत ज्यादा है नहीं कर पाओगे, कोई ह्यूमैनिटी का छोटा विषय क्यों नहीं ले लेते, जिससे जीएस में भी फायदा हो वगैरह-वगैरह. लेकिन ऋषि ने किसी की नहीं सुनी. उनका कहना है कि कोई कुछ भी राय दे पर अपना ऑप्शनल वही बनाएं जो आपकी स्ट्रेंथ हो. जिसके लिए आपको पता हो कि इसमें आपको रुचि है और पहले भी आप इसमें अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं. तैयारी शुरू करने से पहले सिलेबस भली प्रकार जरूर देख लें और वैसे तो न्यूज पेपर का इस परीक्षा में बहुत महत्व है पर ऋषि कहते हैं कि उन्होंने पेपर नहीं पढ़ा बल्कि उसकी जगह करेंट अफेयर्स के जो कंपाइलेशन होते हैं उन्हें तैयार किया.

ऋषि की सलाह –

ऋषि कहते हैं कि लिमिटेड किताबें इकट्ठा करें और अपनी च्वॉइस पर भरोसा करते हुए अंत तक उन्हीं से पढ़ें. प्रीवियस ईयर के क्वेश्चन पेपर देखें और समझें कि किस विषय से कितने प्रश्न आते हैं, उसी हिसाब से तैयारी करें. एनसीईआरटी की किताबें खासी फायदेमंद हैं. उन्होंने ज्योग्राफी के लिए केवल इन्हें ही पढ़ा था. ऋषि ने पॉलिटी के एक्ट और बिल वेबसाइट्स से पढ़े. बात करें तो आर्ट और कल्चर की तो ऋषि कहते हैं इनमें डायग्राम जरूर बनाएं, इसी तरह इंटरनेशनल रिलेशंस में मैप जरूर बनाएं, इससे अच्छे अंक मिलते हैं. जहां जरूरी लगे वहां सेल्फ मेड नोट्स बनाएं और आंसर राइटिंग की खूब प्रैक्टिस करें. ऋषि कहते हैं उन्होंने पिछली बार यही गलती की थी क्योंकि कैंडिडेट पढ़-पढ़कर कंटेंट तो खूब इकट्ठा कर लेते हैं पर उसे ठीक से प्रेजेंट नहीं कर पाते. इसलिए लिखें और टॉपर्स की कॉपी देखें कि वे कैसे उत्तर लिखते हैं.

अंत में ऋषि यही सलाह देते हैं कि मन लगाकर सही दिशा में तैयारी करेंगे तो भले देर से ही सही पर सफलता जरूर मिलेगी. घर पर रहकर पढ़ें, यहां फैमिली और फ्रेंड्स का सपोर्ट होता है जो बहुत मैटर करता है.

IAS Success Story: अपनी गलतियों से सबक लेकर सचिन तीसरी बार में बनें UPSC टॉपर, फॉलो की थी ये स्ट्रेटजी Delhi University ने नये नियमों के साथ हॉस्टल सुविधा फिर से शुरू करने का फैसला लिया

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