एक्सप्लोरर

IAS Success Story: इंजीनियरिंग में दो बार बैक लाने वाले हिमांशु ने पहली बार में पास की UPSC परीक्षा और बन गए IAS

दिल्ली के हिमांशु कौशिक उन स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं जो पढ़ाई में एवरेज होते हैं और जिन्हें लगता है कि आईएएस जैसी बड़ी परीक्षा उनके लिए नहीं है. आज जानते हैं हिमांशु की कहानी

Success Story Of IAS Himanshu Kaushik: जब भी आईएएस जैसी परीक्षाओं की बात आती है तो सबसे पहले दिमाग में यही आता है कि आईएएस मतलब ऐसे स्टूडेंट्स जो हमेशा से पढ़ने में बहुत ब्राइट हों या आईआईटी, आईआईएम जैसी बड़ी परीक्षाएं पास करके निकले हों. इस बात को झुठलाया दिल्ली के हिमांशु कौशिक ने, वे न तो हमेशा से पढ़ाई में बहुत अच्छे थे न ही उनकी हायर स्टडीज़ में उन्होंने ऐसा कुछ हासिल किया था जिसके दम पर कहा जा सके कि इस बंदे में यूपीएससी जैसी परीक्षा पास करने की काबलियत है. हिमांशु ने इन सभी बातों को धता बताते हुए अपने पहले ही प्रयास में साल 2017 में यूपीएससी परीक्षा 77वीं रैंक के साथ पास कर ली. जहां इंटेलीजेंट से इंटेलीजेंट स्टूडेंट भी कई प्रयासों में परीक्षा निकाल पाते हैं, वहीं हिमांशु ने सारा गणित ही बदल दिया. यही नहीं उन्होंने यह भी साबित कर के दिखाया कि किसी के पिछले जीवन के आधार पर आप उसके आने वाले समय की भविष्यवाणी नहीं कर सकते.

हिमांशु का शुरुआती जीवन –

हिमांशु हमेशा से एक एवरेज स्टूडेंट थे. उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा दिल्ली में ही हुई. कक्षा दस में तो उनके 82 प्रतिशत अंक आये लेकिन उसके बाद बारहवीं और बीटेक दोनों में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं था. बीटेक में तो उनकी दो बार बैक आयी. हिमांशु ने गाजियाबाद के एक प्राइवेट कॉलेज से बीटेक किया. काफी मेहनत करने के बाद भी उनके बीटेक में 65 प्रतिशत अंक ही आए. यहां से निकलकर उन्होंने एक आईटी फर्म में नौकरी कर ली और जीवन ऐसे ही चलने लगा. नौकरी करते-करते हिमांशु को तीन साल हो गये.

लोगों ने किया डिमोटिवेट -

नौकरी के दौरान उन्हें लगा कि उन्हें अपने जीवन में क्या बस यही करना था. दरअसल हिमांशु पहले भी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते थे लेकिन उनके जानने वालों ने उन्हें कदम-कदम पर हतोत्साहित किया. हिमांशु का पिछला एकेडमिक रिकॉर्ड और यूपीएससी परीक्षा का कठिनाई स्तर देखते हुये उनके जानने वालों को लगता था कि हिमांशु के बस की यह परीक्षा नहीं है. ऐसा न हो वे इसके चक्कर में वर्तमान नौकरी से भी हाथ धो बैठें. सबकी बातों से डिमोटिवेट होते हुये हिमांशु पहले नौकरी में ही लगे रहे. जब तक उन्हें इस बात का ज्ञान नहीं हो गया कि किसी के कहने से कुछ नहीं होता वे कम से कम एक बार प्रयास जरूर करेंगे ताकि आगे जीवन में उन्हें कोशिश न कर पाने का रिग्रेट न हो.

नौकरी छोड़कर करी तैयारी –

यह विचार आने पर हिमांशु ने सबसे पहले नौकरी छोड़ी और दिन-रात एक करके सिर्फ और सिर्फ तैयारी पर फोकस किया. शुरुआत में तो उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया कि कहां से शुरू करें, क्या करें ऐसे में उन्होंने एक कोचिंग संस्थान की मदद ली ताकी सही गाइडलाइंस मिल सकें. सही मार्गदर्शन मिलने के बाद वे पूरी ईमानदारी से तैयारियों में जुट गये. उन्होंने इंटरनेट की मदद ली, सही स्टडी मैटीरियल इकट्ठा किया और खुद को दुनिया से पूरी तरह काटकर, एक ऐम बनाया कि चाहे कुछ हो जाये परीक्षा पास करके ही दम लेना है.

ध्यान भटका तो डिलीट किये सोशल मीडिया एकाउंट

एक साक्षात्कार में बात करते हुये हिमांशु कहते हैं कि इंटरनेट बहुत ही अच्छी जगह है जहां से पढ़ाई के लिये हर प्रकार की मदद मिलती है. लेकिन साथ ही साथ यह ध्यान भटकाने का भी बढ़िया स्त्रोत है. वे कहते हैं कि इंटरनेट से पठन सामग्री तलाशने के दौरान वो कई-कई घंटे सोशल मीडिया पर बिताने लगे थे. इससे उनका बड़ा समय नष्ट होता था. इस बात का अहसास होने पर उन्होंने अपने सारे सोशल मीडिया एकाउंट्स ही डिलीट कर दिये. यही नहीं उन्होंने हर प्रकार के जश्न, दोस्त, रिश्तेदार सबसे खुद को काट लिया और केवल पढ़ायी पर ध्यान दिया.

नामुमकिन कुछ भी नहीं –

हिमांशु कहते हैं कि इस दुनिया में कुछ भी पाना नामुमकिन नहीं होता अगर प्रयास सच्चा है. इसके लिये सबसे जरूरी है ऐसे लोगों से दूरी बनाना जो निगेटिव सोच के हैं और हमेशा आपको डिमोटिवेट करते हैं. खुद पर भरोसा रखो और फिर चाहे सब के सब भी ये कहे कि तुम नहीं कर पाओगे फिर भी करो ताकि आगे के जीवन में कभी पछतावा न हो की काश कोशिश कर ली होती. एक एवरेज़ स्टूडेंट भी अगर ठान लें तो अच्छा कर सकता है.

हिमांशु की कहानी से हमें दो सीखें मिलती हैं. एक तो यह कि दूसरों के कहने पर न चलें और न ही खुद को कमतर आंके और दूसरी यह कि मेहनत करने से कभी भी कुछ भा पाया जा सकता है भले आपका इतिहास सुनहरा न रहा हो.

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

इटली, अमेरिका, जापान या रूस, इस साल किस देश में होगा PM मोदी का पहला दौरा?
इटली, अमेरिका, जापान या रूस, इस साल किस देश में होगा PM मोदी का पहला दौरा?
TMMTMTTM Box Office Collection Day 9: शुक्रवार को कार्तिक-अनन्या की फिल्म का हुआ बुरा हाल, की अब तक की सबसे कम कमाई
शुक्रवार को कार्तिक-अनन्या की फिल्म का हुआ बुरा हाल, की अब तक की सबसे कम कमाई
इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव को हटाया गया, दूषित पानी से मौत पर एक्शन
इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव को हटाया गया, दूषित पानी से मौत पर एक्शन
रेहान-अवीवा की सगाई के बाद पहली फोटो आई सामने, पिता रॉबर्ट वाड्रा बोले- बेटे को जीवनसंगिनी मिली
रेहान-अवीवा की सगाई के बाद पहली फोटो आई सामने, पिता रॉबर्ट वाड्रा बोले- बेटे को जीवनसंगिनी मिली

वीडियोज

Sansani:पत्नी के 'पार्टनर' पर पति का निशाना ! | Crime News
Bihar News: बांग्लादेशी बताकर युवक की पिटाई, Video Viral | ABP News
Janhit:ईरान में 'Gen-Z' का विद्रोह,सड़क पर उतरी युवा पीढ़ी ने हिला दी सत्ता की नींव! | IRAN
Janhit with Sheerin: पानी नहीं 'जहर' पी रहा है इंदौर ? | Indore Water Tragedy | Mohan Yadav
Janhit: Balochistan अब नहीं रहेगा Pakistan का हिस्सा!

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
इटली, अमेरिका, जापान या रूस, इस साल किस देश में होगा PM मोदी का पहला दौरा?
इटली, अमेरिका, जापान या रूस, इस साल किस देश में होगा PM मोदी का पहला दौरा?
TMMTMTTM Box Office Collection Day 9: शुक्रवार को कार्तिक-अनन्या की फिल्म का हुआ बुरा हाल, की अब तक की सबसे कम कमाई
शुक्रवार को कार्तिक-अनन्या की फिल्म का हुआ बुरा हाल, की अब तक की सबसे कम कमाई
इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव को हटाया गया, दूषित पानी से मौत पर एक्शन
इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव को हटाया गया, दूषित पानी से मौत पर एक्शन
रेहान-अवीवा की सगाई के बाद पहली फोटो आई सामने, पिता रॉबर्ट वाड्रा बोले- बेटे को जीवनसंगिनी मिली
रेहान-अवीवा की सगाई के बाद पहली फोटो आई सामने, पिता रॉबर्ट वाड्रा बोले- बेटे को जीवनसंगिनी मिली
बचा लो..., भारत के दिग्गज खिलाड़ियों को मदद के लिए फैलाने पड़े हाथ; जानें पूरा मामला
बचा लो, भारत के दिग्गज खिलाड़ियों को मदद के लिए फैलाने पड़े हाथ; जानें पूरा मामला
भारत, जापान को पछाड़ चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना, ऐ तरक्की की धूप तेरे दिन के उजाले में अंधेरा है
भारत, जापान को पछाड़ चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना, ऐ तरक्की की धूप तेरे दिन के उजाले में अंधेरा है
Heart Attack Treatment Time: भरी मीटिंग में हार्ट अटैक से बीजेपी विधायक की मौत, ऐसे केस में जान बचाने को कितना होता है वक्त?
भरी मीटिंग में हार्ट अटैक से बीजेपी विधायक की मौत, ऐसे केस में जान बचाने को कितना होता है वक्त?
दुनिया के सबसे रईस बच्चे कौन-से, जानें उनके पास क्या-क्या सुविधाएं और कैसी है उनकी जिंदगी?
दुनिया के सबसे रईस बच्चे कौन-से, जानें उनके पास क्या-क्या सुविधाएं और कैसी है उनकी जिंदगी?
Embed widget