एक्सप्लोरर

कितने पढ़े-लिखे हैं जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक, कहां से ली है उन्होंने डिग्री?

Sonam Wangchuk Education: सोनम वांगचुक का जन्म 1 सितंबर 1966 को लद्दाख के छोटे से गांव और उलेटोकपो में हुआ था. उनके पिता का नाम सोनम वांग्याल और मां का नाम शेरिंग बताया जाता है.

Sonam Wangchuk Education: सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में गड़बड़ी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से अनशन पर बैठे हैं. उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है और वजन में भी काफी कमी आई है. आज सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का 18वां दिन है. तबीयत बिगड़ने के बावजूद भी वह अपने फैसले पर अडिग हैं.

कई जानी-मानी हस्तियां वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील कर रही हैं, लेकिन सोनम वांगचुक ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार की तरफ से जवाबदेही तय नहीं की जाती है, वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि सोनम वांगचुक कितने पढ़े लिखे हैं और उन्होंने कहां से डिग्री ली है? 

साधारण गांव से शुरू हुआ वांगचुक का सफर 

सोनम वांगचुक का जन्म 1 सितंबर 1966 को लद्दाख के छोटे से गांव और उलेटोकपो में हुआ था. उनके पिता का नाम सोनम वांग्याल और मां का नाम शेरिंग बताया जाता है. उनका बचपन बहुत साधारण परिवार और चुनौतियों से भरा रहा. उस दौर में उनके गांव में आधुनिक शिक्षा जिसे कोई सुविधा मौजूद नहीं थी, यही वजह है कि वह 9 साल की उम्र तक स्कूल जाकर औपचारिक पढ़ाई शुरू नहीं कर पाए. बाद में उन्हें पढ़ाई के लिए श्रीनगर भेजा गया, लेकिन वहां भी उनके लिए राह आसान नहीं थी क्योंकि उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं को समझने और सीखने में शुरुआत में काफी दिक्कतें आई. इन तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और हार नहीं मानी. 

एनआईटी श्रीनगर से की इंजीनियरिंग 

अपनी शुरुआती मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए सोनम वांगचुक ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाया, इसके लिए वह दूसरे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करते थे. यह उनके संघर्षशील स्वभाव और आत्मनिर्भरता की शुरुआत की झलक थी, जो आगे चलकर उनके पूरे करियर की पहचान बन गई. 

शिक्षा सुधार की दिशा में रखा पहला कदम 

इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर पूरी करने के बाद सोनम वांगचुक अपनी ऊर्जा लद्दाख की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में लगा दी. 1988 में उन्होंने स्टूडेंट एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख यानी सेकमॉल की स्थापना की. इस संस्था का मकसद स्थानीय बच्चों को उनकी अपनी भाषा और संस्कृति के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना था. उन्होंने पारंपरिक रटंत प्रणाली को चुनौती देते हुए बच्चों को हाथों से काम करके सीखने का एक नया और व्यावहारिक तरीका अपनाया. बाद में उन्होंने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लद्दाख की भी स्थापना की जिसे आज वैकल्पिक शिक्षा और रिसर्च का बड़ा केंद्र माना जाता है. 

ये भी पढ़ें-Delhi University Placement 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए सुनहरा मौका, इंटर्नशिप के साथ 6 लाख तक की नौकरी 

आइस स्तूपा तकनीक ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान 

सोनम वांगचुक सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे बल्कि उन्होंने लद्दाख की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक ही यानी पानी की किल्लत को सुलझाने के लिए भी नवाचार किया. उन्होंने आइस स्तूपा तकनीक विकसित की जो बर्फ से बनाए गए कृत्रिम ग्लेशियर की तरह काम करती है और गर्मियों में पिघलाकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती है. इस तकनीक की मदद से लिए क्षेत्र में सैकड़ों हेक्टेयर बंजर जमीन की सिंचाई संभव हो पाई और वहां हजारों पेड़ पौधे और बगीचे लगाए जा सके. इस इनोवेशन ने उन्हें भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई.

ये भी पढ़ें-IIT online Courses: घर बैठे IIT से कर सकते हैं ये सीक्रेट कोर्स, कोई नहीं बताएगा इनके बारे में, बन जाएगी जिंदगी

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

CBSE 12वीं कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 जारी, ऐसे चेक करें मार्कशीट
CBSE 12वीं कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 जारी, ऐसे चेक करें मार्कशीट
Independence Day Speech: स्कूल स्पीच जीतनी है? ऐसे तैयार करें दमदार भाषण
स्कूल स्पीच जीतनी है? ऐसे तैयार करें दमदार भाषण
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
15 अगस्त पर हर छात्र को पता होनी चाहिए ये 15 बातें  
15 अगस्त पर हर छात्र को पता होनी चाहिए ये 15 बातें  
Advertisement

वीडियोज

Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)
Mannat-Vikrant के सेट पर 'truth और dare' का तड़काए, क-दूसरे की पोल खोलते आए नजर!
Trisha Krishnan की Cryptic Post ने Vijay-Sangeetha के बीच बढ़ाई Divorce Buzz पर चर्चा
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
'अगर नहीं मानेंगे तो फिर हम...', 15 अगस्त से क्या करने जा रही CJP? आशुतोष रांका ने बताया
'अगर नहीं मानेंगे तो फिर हम...', 15 अगस्त से क्या करने जा रही CJP? आशुतोष रांका ने बताया
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
'सारी फंडिंग सिर्फ RSS को ही मिले..', FCRA बिल को लेकर महुआ मोइत्रा ने कसा तंज
'सारी फंडिंग सिर्फ RSS को ही मिले..', FCRA बिल को लेकर महुआ मोइत्रा ने कसा तंज
CM विजय ने बदल दी राजनीति! केंद्र के प्लान के खिलाफ 2 दिनों में 2 प्रस्ताव, स्टालिन ने दिया साथ
CM विजय ने बदल दी राजनीति! केंद्र के प्लान के खिलाफ 2 दिनों में 2 प्रस्ताव, स्टालिन ने दिया साथ
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
Embed widget