एक्सप्लोरर

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का क्या होता है काम, क्या उनसे करा सकते हैं चौकीदारी?

राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर धरना चर्चा में है. जानें इन कर्मचारियों के सामान्य काम क्या होते हैं और क्या उनसे चौकीदारी करवाई जा सकती है.

सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और दूसरे विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोजमर्रा के कई जरूरी काम संभालते हैं. इन कर्मचारियों को आम तौर पर कार्यालय के सहायक कामों के लिए रखा जाता है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी सिर्फ एक ही काम तक सीमित नहीं होती. अलग-अलग विभाग और पद के हिसाब से ड्यूटी में अंतर हो सकता ह.। राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे को लेकर इन दिनों धरना भी चर्चा में है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्त व्यक्ति से किस तरह के काम लिए जा सकते हैं और क्या उसे चौकीदारी की ड्यूटी दी जा सकती है. 

 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का क्या होता है काम?

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानी ग्रुप-डी स्तर के कर्मचारियों से आमतौर पर कार्यालय के सहायक और गैर-तकनीकी काम लिए जाते हैं. इसमें फाइल या दस्तावेज एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना, कार्यालय की व्यवस्था में सहयोग करना, सामान लाने-ले जाने जैसे काम शामिल हो सकते हैं. हालांकि हर विभाग में जिम्मेदारियां एक जैसी नहीं होतीं. उदाहरण के लिए राजस्थान के एक सरकारी आदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विद्यालय के कमरों और परिसर की साफ-सफाई में सहयोग करने की जिम्मेदारी का जिक्र मिला है.

क्या चौकीदारी करवा सकते हैं?

इसका जवाब हर मामले में एक जैसा नहीं हो सकता. अगर संबंधित विभाग के सेवा नियम, नियुक्ति आदेश या ड्यूटी आदेश में कर्मचारी से ऐसा काम लेने की व्यवस्था है, तो विभागीय जरूरत के हिसाब से जिम्मेदारी दी जा सकती है. लेकिन केवल यह मान लेना कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है तो उससे चौकीदारी करवा सकते हैं, सही तरीका नहीं है. राजस्थान सरकार के रिकॉर्ड में कुछ जगह चौकीदार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अलग-अलग पदों के रूप में दर्ज हैं. 

यह भी पढ़ें: देश के किस शहर में सबसे ज्यादा हैं आईफोन यूजर्स, हैरान कर देंगे आंकड़े

राजस्थान में क्यों हो रहा धरना?

राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर विरोध चल रहा है. कर्मचारियों का कहना है कि उनसे उनकी नौकरी से जुड़े काम के बजाय चौकीदारी जैसे काम करवाए जा रहे हैं. इसी बात को लेकर कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में धरना दे रहे हैं. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी एक जैसी नहीं होती.  इसलिए इस विवाद में भी यह देखना जरूरी है कि कर्मचारियों की नियुक्ति किस पद पर हुई है और सरकार ने उनकी ड्यूटी के लिए क्या नियम तय किए हैं.

अधिकारी दूसरा काम दे सकते हैं?

सरकारी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी से जुड़े सहायक काम दिए जा सकते हैं, लेकिन यह भी संबंधित विभाग के नियम और आदेशों के दायरे में होना चाहिए.  इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी से कोई भी काम बिना नियम देखे कराया जा सकता है. खासकर अगर किसी काम में नियमित रात की ड्यूटी, सुरक्षा की जिम्मेदारी या अलग पद की जिम्मेदारियां शामिल हैं तो उसके  संबंधित आदेश देखना जरूरी होगा.

कर्मचारी क्या कर सकते हैं?

अगर किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी को लेकर आपत्ति है तो सबसे पहले उसे अपना नियुक्ति आदेश, विभाग के सेवा नियम और ड्यूटी से संबंधित लिखित आदेश देखना चाहिए. इसी से पता चलेगा कि उससे कौन-सा काम लिया जा सकता है. राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती और नियुक्ति से जुड़े आधिकारिक आदेश अभी भी जारी हो रहे हैं.

यह भी पढ़ें: कैसे होता है बुलेट ट्रेन का ट्रायल, इसमें क्या किया जाता है मॉनिटर?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

Bhumika Panwar ABP News की Lifestyle डेस्क पर डिजिटल मीडिया इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह Mandsaur University से बीए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री कर रही हैं. ABP News में वह आर्टिकल और वेब स्टोरी लिखने का काम कर रही हैं, जिससे उन्हें डिजिटल मीडिया में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है. उन्हें हिंदी में कंटेंट लिखने और नई जानकारी जुटाने में रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

CSIR-UGC NET दिसंबर 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगा एग्जाम
CSIR-UGC NET दिसंबर 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगा एग्जाम
कर्नाटक में भर्ती परीक्षा घोटाले का खुलासा, KPSC में पेपर लीक का आरोप
कर्नाटक में भर्ती परीक्षा घोटाले का खुलासा, KPSC में पेपर लीक का आरोप
NICL में निकली 321 पदों पर भर्ती, 28 अक्टूबर तक करें आवेदन
NICL में निकली 321 पदों पर भर्ती, 28 अक्टूबर तक करें आवेदन
पहले ही अटेंप्ट में निकलेगा JRF, इस टाइम टेबल से करें पढ़ाई
पहले ही अटेंप्ट में निकलेगा JRF, इस टाइम टेबल से करें पढ़ाई
Advertisement

वीडियोज

नाना पाटेकर की अंतिम यात्रा की तैयारी शुरू, गांव में पसरा सन्नाटा
एक शिष्य के सुसाइड पर सवाल !
मायानगरी के नाना...ऐसे तो नहीं जाना था
आंदोलन की बदलती 'भाषा', शुरू हुआ रील आंदोलन !
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi अब कहां रुकेंगे?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
CJP के आंदोलन से पहले रेलवे का बड़ा फैसला, दिल्ली आने वाली सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द
CJP के आंदोलन से पहले रेलवे का बड़ा फैसला, दिल्ली आने वाली सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द
CJP प्रोटेस्ट में दिल्ली आ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने ट्रेन से उतारा, जमकर हुआ हंगामा
CJP प्रोटेस्ट में दिल्ली आ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने ट्रेन से उतारा, जमकर हुआ हंगामा
मुस्लिम बहुल सीट पर BJP का जलवा, छठे नंबर पर TMC का बागी गुट, ममता बनर्जी का जानें हाल
मुस्लिम बहुल सीट पर BJP का जलवा, छठे नंबर पर TMC का बागी गुट, ममता बनर्जी का जानें हाल
इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' ओटीटी पर हुई रिलीज, जानें- फ्री में कहां देखें?
इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' ओटीटी पर हुई रिलीज, जानें- फ्री में कहां देखें?
207 पर गिरे थे 3 विकेट, फिर 68 रन के भीतर ढेर ऑस्ट्रेलिया, भारतीय गेंदबाजों का कहर
207 पर गिरे थे 3 विकेट, फिर 68 रन के भीतर ढेर ऑस्ट्रेलिया, भारतीय गेंदबाजों का कहर
CJP को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर RJD भड़की, 'अगर प्रशासन…'
CJP को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर RJD भड़की, 'अगर प्रशासन…'
Rejinagar Bypoll Result Live: बंगाल की रेजीनगर सीट पर BJP की आंधी, 31 वोटों से आगे, कांग्रेस का क्या हाल?
Live: बंगाल की रेजीनगर सीट पर BJP की आंधी, 31 वोटों से आगे, कांग्रेस का क्या हाल?
राजकीय सम्मान से हुआ नाना का अंतिम संस्कार, किन्हें ऐसे देते हैं अंतिम विदाई?
राजकीय सम्मान से हुआ नाना का अंतिम संस्कार, किन्हें ऐसे देते हैं अंतिम विदाई?
Embed widget