IIT Delhi Convocation में PM ने किया PMRF का जिक्र, जानिए क्या है ये फेलोशिप
प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फेलोशिप केंद्र सरकार की एक रिसर्च फेलोशिप योजना है. जिसे देश के प्रतिभावान छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले रिसर्च के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था.

IIT Delhi Convocation: आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए. पीएम मोदी ने संस्थान से डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को संबोधित किया. समारोह में 587 पीएचडी स्कॉलर समेत 3000 से ज्यादा छात्रों को डिग्रियां दी गई. इस दौरान शानदार एकेडमी प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल जैसे सम्मान भी दिए गए. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने छात्रों की बदलती दुनिया, तकनीकी और नई चुनौतियों के लिए तैयार रहने की भी सलाह दी. इसी दौरान पीएम ने रिसर्च के क्षेत्र में युवाओं के लिए मौजूदा अवसरों का जिक्र करते हुए प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फेलोशिप की बात कही. उन्होंने कहा कि पीएमआरएफ देश के प्रतिभावान युवाओं को शोध के नए अवसर दे रही है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं किPMRF फेलोशिप क्या है, इसमें कौन आवेदन कर सकता है और इससे कितना पैसा मिलता है.
क्या है PMRF फेलोशिप?
प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फेलोशिप केंद्र सरकार की एक रिसर्च फेलोशिप योजना है. जिसे देश के प्रतिभावान छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले रिसर्च के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. यह योजना 2018-19 में शुरू हुई थी और इसके लिए कुल 1,650 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया था. PMRF का उद्देश्य देश के बेहतरीन छात्रों को प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में उच्च स्तरीय का शोध करने के लिए आकर्षित करना है. इसके तहत फेलोशिप और रिसर्च ग्रांट के जरिए रिसर्चर को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वह अपनी रिसर्च पर बेहतर तरीके से काम कर सके. सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 3,668 स्कॉलर PMRF योजना के तहत दाखिल हो चुके हैं.
PMRF में कौन कर सकता है आवेदन?
PMRF के तहत मुख्य रूप से ऐसी प्रतिभाशाली छात्रों को रिसर्च के लिए चुना जाता है, जो देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यक्रम में आगे बढ़ना चाहते हैं. उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षणिक क्षमता, रिसर्च की योग्यता और संबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है. PMRF में आवेदन और चयन पात्रता संबंधित संस्थान की ओर से निर्धारित योजना के नियमों के अनुसार होता है. यह फेलोशिप खासतौर पर उन छात्रों के लिए है, जो उच्च स्तर पर रिसर्च कर पीएचडी जैसी उन्नत रिसर्च डिग्री की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं.
PMRF में कितना मिलता है पैसा?
PMRF के तहत चयनित स्कॉलर को हर महीने 70,000 रुपये तक की फेलोशिप मिलती है. फेलोशिप के राशि पीएचडी के अलग-अलग वर्षों के हिसाब से तय होती है. जैसे पहले साल में 70,000 प्रति महीना, दूसरे साल में भी 70,000 प्रतिमाह, तीसरे साल में 75,000 प्रतिमाह, चौथे साल में 80 हजार रुपये प्रतिमाह और पांचवे साल में 80,000 प्रतिमाह मिलते हैं. इसके अलावा स्कॉलर को हर साल 2 लाख का रिसर्च ग्रांट भी मिलता है. 5 साल की अवधि में यह रिसर्च ग्रांट 10 लाख रुपये तक हो सकता है.
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लैटरल एंट्री से भी मिल सकता है PMRF मौका
PMRF में लेटरल एंट्री का प्रावधान भी है. इसके लिए उम्मीदवार को PMRF फैलोशिप देने वाले संस्थानों में से किसी एक में पीएचडी करना जरूरी है. अगर उम्मीदवार ने मास्टर डिग्री के बाद पीएचडी ज्वाइन की है, तो आवेदन के समय पीएचडी प्रोग्राम में अधिकतम 12 महीने पूरे हुए होने चाहिए, वहीं अगर उम्मीदवार ने बैचलर डिग्री के बाद पीएचडी में एडमिशन लिया है ,तो पीएचडी प्रोग्राम में अधिकतम 24 महीने पूरे होने चाहिए.
कैसे मिलता है PMRF का लाभ?
PMRF के लिए चयन सीधे सभी छात्रों को नहीं दिया जाता है. उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता और चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है. छात्र संबंधित प्रमुख संस्थान में रिसर्च प्रोग्राम में एडमिशन लेने के बाद PMRF के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवार की एकेडमिक उपलब्धियां, रिसर्च क्षमता और रिसर्च के क्षेत्र में प्रदर्शन को चयन प्रक्रिया में महत्व दिया जाता है.
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