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NALSAR Controversy: NALSAR में कैसे मिलता है एडमिशन, यहां कौन-कौन से कोर्स?

NALSAR में एडमिशन अलग-अलग एडमिशन परीक्षा और चयन प्रक्रिया के जरिए मिलता है. B.A. LL.B. (Hons.) में एडमिशन के लिए CLAT स्कोर जरूरी होता है, LL.M. में भी CLAT के जरिए एडमिशन होता है..

NALSAR Controversy : हैदराबाद की NALSAR University of Law इन दिनों अपने दीक्षांत समारोह और उससे जुड़े विवाद को लेकर चर्चा में है. यूनिवर्सिटी के करीब 450 छात्रों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में बुलाए जाने का विरोध किया था. इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने 2026 बैच के NALSAR लॉ ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक लगाने का निर्देश दिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह फैसला वापस ले लिया गया.

इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर NALSAR लोगों की नजरों में है. हालांकि, NALSAR सिर्फ लॉ की पढ़ाई के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहां मैनेजमेंट, रिसर्च और कई स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम भी कराए जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं NALSAR में एडमिशन कैसे मिलता है और यहां कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं.

12वीं के बाद कर सकते हैं 5 साल का लॉ कोर्स

NALSAR का प्रमुख कोर्स B.A. LL.B. (Hons.) है. यह 5 साल का इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम है, जिसमें कानून के साथ मानविकी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई भी कराई जाती है. इसमें एडमिशन के लिए CLAT स्कोर जरूरी है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 45 प्रतिशत और SC/ST उम्मीदवारों के लिए 40 प्रतिशत अंक की पात्रता है. 

NALSAR में एडमिशन कैसे मिलता है?

NALSAR में एडमिशन कोर्स के हिसाब से अलग-अलग एडमिशन परीक्षा और चयन प्रक्रिया के जरिए मिलता है. 5 साल के B.A. LL.B. (Hons.) में एडमिशन के लिए CLAT स्कोर जरूरी होता है, जबकि LL.M. में भी CLAT के जरिए एडमिशन होता है. वहीं मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए 5 साल के BBA-MBA (IPM) में IPMAT/JIPMAT जैसे स्कोर स्वीकार किए जाते हैं और 2 साल के MBA में CAT या NALSAR के N-MET PG जैसे ऑप्शन हैं. इसके अलावा Ph.D. और स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम के लिए अलग पात्रता और चयन प्रक्रिया होती है.

यहां कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं?

NALSAR में सिर्फ लॉ की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट और रिसर्च से जुड़े कई कोर्स उपलब्ध हैं. यहां 12वीं के बाद 5 साल का B.A. LL.B. (Hons.) और 5 साल का Integrated BBA+MBA (IPM) किया जा सकता है. ग्रेजुएशन के बाद छात्रों के लिए LL.M. और 2 साल का MBA का ऑप्शन है. इसके अलावा Insolvency and Bankruptcy Laws में LL.M., साथ ही Law, Social Sciences, Humanities और Management जैसे क्षेत्रों में Ph.D. की सुविधा भी है. यूनिवर्सिटी साइबर लॉ, पेटेंट लॉ, साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन, मीडिया लॉ और इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स लॉ जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा प्रोग्राम भी उपलब्ध कराती है. 

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Ph.D. में रिसर्च का भी ऑप्शन

जो छात्र रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उनके लिए NALSAR में Ph.D. के ऑप्शन भी हैं. यहां कानून के साथ सोशल साइंसेज, ह्यूमैनिटीज और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में रिसर्च की जा सकती है. संबंधित विषय में मास्टर डिग्री और निर्धारित अंकों की पात्रता के आधार पर इसमें एडमिशन दिया जाता है. 

फीस और प्लेसमेंट कितना है?

कोर्स के अनुसार NALSAR की फीस अलग-अलग है. जानकारी के मुताबिक B.A. LL.B. की कुल अनुमानित फीस करीब 7.95 लाख रुपये है, जबकि MBA की फीस लगभग 4.2 लाख से 10.8 लाख रुपये तक हो सकती है. NALSAR के लॉ प्रोग्राम का प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है. आंकड़ों में छात्रों को 63 लाख रुपये तक का पैकेज मिलने की जानकारी दी गई है. 

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मानसी उपाध्याय करीब दो साल से डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मूल रूप से उत्तराखंड से जुड़ी मानसी ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की और वर्तमान में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म कर रही हैं. पत्रकारिता में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अक्टूबर 2024 में एबीपी नेटवर्क से की. अब वह डिजिटल कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें फीचर और इंफॉर्मेटिव स्टोरीज लिखने के साथ-साथ स्क्रिप्ट राइटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने में रुचि है. हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाली मानसी ऐसी स्टोरीज लिखना पसंद करती हैं, जो पाठकों को नई और जरूरी जानकारी आसान भाषा में दें. उनकी कोशिश रहती है कि कंटेंट सिर्फ जानकारी देने वाला ही नहीं, बल्कि पढ़ने में दिलचस्प और पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ भी हो.

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