एक्सप्लोरर

जामिया मिलिया इस्लामिया का स्थापना दिवस आज, जानें कैसे वजूद में आया ये संस्थान; इन लोगों की रही अहम भूमिका

जामिया मिलिया इस्लामिया का स्थापना दिवस 29 अक्टूबर को मनाया जाता है. यह संस्थान 1920 में आजादी की लड़ाई के बीच देशभक्ति और आत्मनिर्भर शिक्षा के उद्देश्य से स्थापित हुआ था.

नई दिल्ली की भीड़-भाड़ भरी सड़कों के बीच, ओखला में फैला एक शांत-सा परिसर जामिया मिलिया इस्लामिया. आज यह नाम सिर्फ एक विश्वविद्यालय का नहीं, बल्कि एक विचार, एक संघर्ष और एक विरासत का प्रतीक है. हर साल इसका स्थापना दिवस 29 अक्टूबर को मनाया जाता है. लेकिन कम लोग जानते हैं कि जामिया की शुरुआत किसी सजधज वाले भवन से नहीं हुई थी, बल्कि आंदोलन, त्याग और छोटे-छोटे कमरों में जलती चुपचाप उम्मीदों से हुई थी.

वर्ष था 1920 देश आजादी की लड़ाई में उबल रहा था. अंग्रेज शासन के खिलाफ आवाज तेज हो चुकी थीं. उस समय अलीगढ़ में कुछ छात्र और शिक्षक चिंतित थे कि शिक्षा पर ब्रिटिश सरकार का दबाव बढ़ता जा रहा है. वह चाहते थे कि शिक्षा आजादी, राष्ट्रभाव और खुद के मूल्यों के साथ आगे बढ़े. इसी सोच से जन्म हुआ जामिया मिलिया इस्लामिया का एक ऐसा विश्वविद्यालय जो अपने पैरों पर खड़ा हो, अपने सिद्धांतों पर चले और हर वर्ग के लिए शिक्षा का घर बने.

यह भी पढ़ें  - पेरू में कमाए 50 हजार तो भारत में हो जाएंगे इतने, जानें करेंसी का पूरा हिसाब और नौकरी के मौके!

मौलाना मोहम्मद अली जौहर, हकीम अजमल खान, डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी और अब्दुल मजीद ख्वाजा इसके संस्थापक थे. इस आंदोलन का मन, सोच और दिशा देने वाले नेताओं में से एक थे महमूद हसन देवबंदी. बाद में जामिया की पहचान बनने वालों में नाम आया डॉ. जाकिर हुसैन का जो आगे चलकर भारत के राष्ट्रपति भी बने. रिपोर्ट्स बताती हैं कि आजादी की लड़ाई में संस्थान का बड़ा योगदान रहा है.

अलीगढ़ से दिल्ली का सफर

1925 में जामिया अलीगढ़ से दिल्ली के करोल बाग में आया. वहां छोटी जगह थी और साधन कम थे. लेकिन इरादा बड़ा था और फिर 1935 में जामिया को ओखला में अपना घर मिला जहां आज 239 एकड़ में यह विश्वविद्यालय खड़ा है. साल 1962 में जामिया को यूजीसी से मान्यता मिली और 26 दिसंबर 1988 को संसद के एक अधिनियम के तहत यह केंद्रीय विश्वविद्यालय बन गया.

यह भी पढ़ें - ऑस्ट्रेलिया की ये यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों को दे रही 28.5 लाख की स्कॉलरशिप, यहां जान लें पूरी डिटेल

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कब जारी होगा ICAI सितंबर परीक्षा का रिजल्ट? सामने आई संभावित तारीख
कब जारी होगा ICAI सितंबर परीक्षा का रिजल्ट? सामने आई संभावित तारीख
रेलवे में 1688 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन करें 12वीं पास युवा
रेलवे में 1688 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन करें 12वीं पास युवा
 UP पुलिस भर्ती में EWS कैटेगरी पर उठे सवाल, बोर्ड ने दी चेतावनी  
 UP पुलिस भर्ती में EWS कैटेगरी पर उठे सवाल, बोर्ड ने दी चेतावनी  
चंडीगढ़ में निकली MBBS और PG भर्ती, जानें कितनी होगी सैलरी 
चंडीगढ़ में निकली MBBS और PG भर्ती, जानें कितनी होगी सैलरी 

वीडियोज

Jagadhatri:😮Jagadhatri मिशन के लिए तैयार, Shivay ने घर की देवी को सम्मान देकर भेजा मैदान में! #sbs
Bollywood News: कॉफ़ी विद करण का धमाकेदार आगाज, सलमान खान के बेबाक अंदाज ने शो पर लगाया तड़का! (15.10.26)
VIRAL ROBOT: नाबालिग से 'रोबोट' ने की दरिंदगी! धक्का दिया...हैरान कर देगी ये करतूत! |ABPLIVE
सजा-ए-मौत का नीला ड्रम!
CJP को भी 'हाइजैक' कर लेंगे राहुल ?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
देशद्रोही चंद पैसों के लिए बिके, भारत नहीं ‘बनाना रिपब्लिक’, BJP का पलटवार
देशद्रोही चंद पैसों के लिए बिके, भारत नहीं ‘बनाना रिपब्लिक’, BJP का पलटवार
नीला ड्रम केस: फांसी की सजा सुन साहिल-मुस्कान बेचैन! जेल में कैसी बीती पहली रात?
नीला ड्रम केस: फांसी की सजा सुन साहिल-मुस्कान बेचैन! जेल में कैसी बीती पहली रात?
अंकिता भंडारी केस: जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को न दें पदभार, राहुल की राष्ट्रपति को चिट्ठी
अंकिता भंडारी केस: जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को न दें पदभार, राहुल की राष्ट्रपति को चिट्ठी
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
टी पार्टी में राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- 'डरें नहीं, अगले 10 महीने में...'
टी पार्टी में राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- 'डरें नहीं, अगले 10 महीने में...'
'बंद करो, दफा हो जाओ...', प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा का ऐलान- ये आंदोलन नहीं रुकेगा
'बंद करो, दफा हो जाओ...', प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा का ऐलान- ये आंदोलन नहीं रुकेगा
13.38 लाख करोड़ का रिकॉर्ड डायरेक्ट टैक्स: पैसा कहां से आया, कहां गया और आम आदमी को क्या मिला?
13.38 लाख करोड़ का रिकॉर्ड डायरेक्ट टैक्स: जानिए सरकारी खजाने में पैसा कहां से आया, कहां गया
Embed widget