एक्सप्लोरर

नेवी में ज्यादा सैलरी मिलती है या मर्चेंट नेवी में, जानें दोनों में करियर बनाने का तरीका

इंडियन नेवी सशस्त्र बलों की एक शाखा है, जिसका मुख्य काम देश की सीमाओं की रक्षा करना है. मर्चेंट नेवी का फोकस कमर्शियल एक्टिविटी पर होता है. इसमें मालवाहक जहाज, तेल टैंकर और यात्री जहाज शामिल होते हैं.

समुद्र के रास्ते भले ही एक जैसे दिखाई देते हो, लेकिन इसमें शामिल करियर के दो बड़े रास्ते इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी एक दूसरे से बहुत अलग है. एक ओर देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी है तो दूसरी और इंटरनेशनल व्यापार और माल परिवहन का बड़ा नेटवर्क शामिल होता है. वहीं ज्यादातर युवाओं के मन में सवाल होता है कि दोनों में से किस में ज्यादा सैलरी मिलती है और इनमें करियर कैसे बनाया जा सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि नेवी में ज्यादा सैलरी मिलती है या फिर मर्चेंट नेवी में ज्यादा मिलती है और दोनों में करियर बनाने का तरीका क्या है. 

नेवी और मर्चेंट नेवी में काम और जिम्मेदारी में बड़ा अंतर 

इंडियन नेवी सशस्त्र बलों की एक शाखा है, जिसका मुख्य काम देश के समुद्री हितों और सीमाओं की रक्षा करना है. इसके जहाज सरकारी स्वामित्व में होते हैं और हर मिशन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है. वहीं मर्चेंट नेवी का फोकस कमर्शियल एक्टिविटी पर होता है. इसमें मालवाहक जहाज, तेल टैंकर और यात्री जहाज शामिल होते हैं, जो दुनिया भर में व्यापारिक सेवाएं देते हैं. यह क्षेत्र इंटरनेशनल समुद्री नियमों के तहत संचालित होता है और ग्लोबल ट्रेड से जुड़ा होता है.

इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में जाने की ट्रेनिंग और योग्यताएं 

इंडियन नेवी में अधिकारी बनने के लिए राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. उम्मीदवारों को नेशनल डिफेंस अकादमी और नेवल एकेडमी जैसे इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग मिलती है. जहां तकनीकी एजुकेशन के साथ सैन्य अनुशासन पर जोर दिया जाता है. वहीं कई एंट्री में बीई-बीटेक या संबंधित सब्जेक्ट से जुड़ी डिग्री जरूरी होती है. वहीं मर्चेंट नेवी में 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स होना जरूरी है. इसके बाद के कैडेट के रूप में ट्रेनिंग दी जाती है जो लगभग 18 महीने तक चल सकती है. वहीं दसवीं के बाद भी कुछ पदों जैसे जीपी रेटिंग, कुक या इंजन रेटिंग में एंट्री हो सकती है. 

काम का शेड्यूल और प्रमोशन 

इंडियन नेवी में ड्यूटी का समय तय नहीं होता है. ऑपरेशन के दौरान 8 से 12 घंटे या उससे ज्यादा भी काम करना पड़ सकता है. वहीं इसमें प्रमोशन टाइम स्केल, चयन और प्रतियोगी परीक्षाओं के आधार पर होता है. जबकि मर्चेंट नेवी में आमतौर पर 8 से 9 घंटे की शिफ्ट होती है. जहाज पर कॉन्ट्रैक्ट की अवधि पूरी करने के बाद लंबी छुट्टियां मिलती है. वहीं इसमें प्रमोशन का आधार समुद्र में बिताया गया समय और एग्जाम पास करना होता है. 

इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में की सैलरी में अंतर 

कमाई के मामले में मर्चेंट नेवी को ज्यादा आकर्षक माना जाता है. एंट्री लेवल पर इसमें सैलरी लगभग 25000 से 85000 प्रति महीने हो सकती है. इसमें थर्ड ऑफिसर और सेकंड ऑफिसर करीब 1.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रतिमाह कमाते हैं. वही चीफ ऑफ ऑफिसर 4 से 6 लाख रुपये प्रति माह कमाते हैं, जबकि कैप्टन या इंजीनियर लगभग 8.65 लाख से 20 लाख रुपये प्रति माह कमाते हैं. इसके अलावा अगर कोई कर्मचारी साल में 183 दिन से ज्यादा इंटरनेशनल जल क्षेत्र में काम करता है तो टैक्स में भी राहत मिल सकती है. वहीं अगर इंडियन नेवी की बात करें तो इंडियन नेवी में सैलरी भारत सरकार तय करती है. शॉर्ट टर्म सर्विस कमीशन ऑफिसर के रूप में शुरुआती सैलरी करीब 1.10 लाख प्रति माह होती है. इसके अलावा ट्रेनिंग पूरी होने पर एक्स्ट्रा अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस, मेडिकल सुविधा और दूसरे सरकारी भत्ते मिलते हैं. रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी मिलती है जो एक बड़ी सुरक्षा मानी जाती है.

ये भी पढ़ें-अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए वैदिक छात्रों को बराबरी का दर्जा, AICTE का बड़ा फैसला

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

UGC NET आंसर-की को लेकर बड़ा अपडेट, जानें कब और कैसे डाउनलोड कर पाएंगे
UGC NET आंसर-की को लेकर बड़ा अपडेट, जानें कब और कैसे डाउनलोड कर पाएंगे
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में शुरू हुए इन कोर्स में एडमिशन, इस डेट तक कर लें अप्लाई, जानें प्रक्रिया
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में शुरू हुए इन कोर्स में एडमिशन, इस डेट तक कर लें अप्लाई, जानें प्रक्रिया
NEET UG Result 2026: इस तारीख को आ सकता है NEET UG 2026 का रिजल्ट, जानें कब से शुरू होगी काउंसलिंग
इस तारीख को आ सकता है NEET UG 2026 का रिजल्ट, जानें कब से शुरू होगी काउंसलिंग
IIT इंदौर में फैकल्टी भर्ती का मौका, 1.01 लाख रुपये तक होगी शुरुआती सैलरी, जानें आवेदन प्रक्रिया
IIT इंदौर में फैकल्टी भर्ती का मौका, 1.01 लाख रुपये तक होगी शुरुआती सैलरी, जानें आवेदन प्रक्रिया

वीडियोज

Aamir Khan की शादी में Kiran Rao क्यों नहीं दिखीं?
Vaibhav Sooryavanshi: डेब्यू कैप पाते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी! 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास!.
Diljit Dosanjh की Sutluj रिलीज के 2 दिन बाद ही ZEE5 से क्यों हटाई गई?
Hyundai Creta Electric अब ₹10.99 लाख में! BAAS क्या है? सस्ती EV का पूरा सच | Creta EV Explained
Shilpa Shinde की धमाकेदार एंट्री, Lock Upp 2 में बढ़ेगा ड्रामा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हूती, हमास और हिज्बुल्लाह की मौजूदगी, ईरान ने दिखाई ताकत, खामेनेई की आखिरी सलामी से सीधा संदेश
हूती, हमास और हिज्बुल्लाह की मौजूदगी, ईरान ने दिखाई ताकत, खामेनेई की आखिरी सलामी से सीधा संदेश
चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होने पर अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया, जानें अब क्या कहा?
चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होने पर अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया, जानें अब क्या कहा?
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
Satluj: बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
जैसे ही इंडोनेशिया के आसमान में घुसा पीएम मोदी का प्लेन, सामने आए फाइटर जेट्स, फिर ऐसा था नजारा- Video
जैसे ही इंडोनेशिया के आसमान में घुसा पीएम मोदी का प्लेन, सामने आए फाइटर जेट्स, फिर ऐसा था नजारा- Video
Explained: वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह... तो कहीं विरोध! इसके नतीजे अच्छे या बुरे?
वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह, कहीं विरोध! नतीजे अच्छे या बुरे?
चांदी चोरी से सोने के रामचरितमानस के गायब होने तक…, चंपत के इस्तीफे के बाद VHP ने बताई पूरी सच्चाई
चांदी चोरी से सोने के रामचरितमानस के गायब होने तक…, चंपत के इस्तीफे के बाद VHP ने बताई पूरी सच्चाई
पाकिस्तान की इस ब्यूटी क्रीम से हो रही किडनी की बीमारी, भारत सरकार ने लगाया बैन
पाकिस्तान की इस ब्यूटी क्रीम से हो रही किडनी की बीमारी, भारत सरकार ने लगाया बैन
Embed widget