एक्सप्लोरर

अमेरिका में काम कर रहे H-1B कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, एक्सटेंशन और अमेंडमेंट में क्या फर्क है?

अगर आप अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे हैं या करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए एक्सटेंशन और अमेंडमेंट के बीच का फर्क समझना बहुत जरूरी है आइए जानते हैं.

अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स H-1B वीज़ा पर निर्भर हैं ऐसे में वीजा से जुड़े नियमों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है अक्सर लोग H-1B एक्सटेंशन और H-1B अमेंडमेंट को लेकर भ्रम में रहते हैं कई बार गलत फॉर्म भरने या समय पर आवेदन न करने की वजह से वीजा स्टेटस पर खतरा आ सकता है आइये जानें H-1B एक्सटेंशन और अमेंडमेंट क्या होते हैं, दोनों में क्या फर्क है और किस स्थिति में कौन-सा आवेदन जरूरी होता है.

H-1B एक्सटेंशन क्या होता है

जब कोई व्यक्ति पहले से H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहा होता है और उसका वीजा खत्म होने वाला होता है, लेकिन उसकी नौकरी की शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, तब H-1B एक्सटेंशन फाइल किया जाता है

इसका मतलब है कि वही कंपनी, वही पद, वही सैलरी और वही लोकेशन पर काम जारी रहता है, बस वीज़ा की समय सीमा बढ़ा दी जाती है. अगर आपकी जॉब में कुछ भी नहीं बदला है और केवल वीजा की तारीख खत्म हो रही है, तो एक्सटेंशन ही सही विकल्प होता है यह प्रक्रिया कर्मचारी को कानूनी रूप से अमेरिका में बने रहने और काम जारी रखने की अनुमति देती है.

H-1B अमेंडमेंट क्या होता है

जब H-1B वीजा पर काम कर रहे व्यक्ति की नौकरी से जुड़ी शर्तों में कोई बड़ा बदलाव होता है, तब H-1B अमेंडमेंट फाइल करना जरूरी होता है. इसका सीधा मतलब है कि सरकार को यह बताना कि आपकी जॉब में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है.

यह भी पढ़ें - CII रिपोर्ट का दावा, NEP 2020 का लक्ष्य पाने के लिए 2035 तक 8.6 करोड़ छात्रों की जरूरत

एक्सटेंशन और अमेंडमेंट में मुख्य फर्क

H-1B एक्सटेंशन समय से जुड़ा होता है, जबकि H-1B अमेंडमेंट बदलाव से जुड़ा होता है. एक्सटेंशन तब होता है जब सब कुछ पहले जैसा हो और सिर्फ वीजा की अवधि बढ़ानी हो. अमेंडमेंट तब जरूरी होता है जब नौकरी की शर्तों में कोई बड़ा बदलाव हुआ हो. कई मामलों में ऐसा भी होता है कि कर्मचारी को एक साथ एक्सटेंशन और अमेंडमेंट दोनों फाइल करने पड़ते हैं, जैसे जब जॉब में बदलाव भी हो और वीज़ा की तारीख भी खत्म होने वाली हो.

सही फाइलिंग क्यों है जरूरी

अगर समय पर सही आवेदन नहीं किया गया तो वीजा स्टेटस पर असर पड़ सकता है इससे भविष्य में ग्रीन कार्ड, वीजा रिन्यू या अमेरिका में रहने की अनुमति पर भी खतरा आ सकता है इसलिए एक्सटेंशन और अमेंडमेंट के फर्क को समझना हर H-1B कर्मचारी के लिए बेहद जरूरी है.

यह भी पढ़ें - RRB PO Mains 2025 का एडमिट कार्ड जारी, जानें कैसे करें डाउनलोड

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

UPSC CSE एग्जाम का रिजल्ट जल्द होगा जारी, इस तरह कर सकेंगे नतीजे चेक
UPSC CSE एग्जाम का रिजल्ट जल्द होगा जारी, इस तरह कर सकेंगे नतीजे चेक
RRB Group D 2026: रेलवे में 22 हजार नौकरियों का सुनहरा मौका! आरआरबी ग्रुप डी के लिए बढ़ी आखिरी तारीख
रेलवे में 22 हजार नौकरियों का सुनहरा मौका! आरआरबी ग्रुप डी के लिए बढ़ी आखिरी तारीख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
​NPCIL में ​काम करने का गोल्डन चांस, कई ट्रेड में निकली वैकेंसी; जानें कैसे करें आवेदन
​NPCIL में ​काम करने का गोल्डन चांस, कई ट्रेड में निकली वैकेंसी; जानें कैसे करें आवेदन
Advertisement

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हर तरफ मुसलमान ही क्यों मर रहे? सोमनाथ मंदिर का जिक्र करते हुए PAK एक्सपर्ट ने दिया जवाब- क्योंकि हमने दूसरी कौमों पर जुल्म....
हर तरफ मुसलमान ही क्यों मर रहे? सोमनाथ मंदिर का जिक्र करते हुए PAK एक्सपर्ट ने दिया जवाब- क्योंकि हमने दूसरी कौमों पर जुल्म....
खामेनेई के प्रतिनिधि से इमरान मसूद ने की मुलाकात, बोले- दुश्मन की मौत पर भी बोलते हैं, ईरान तो हमारा दोस्त
खामेनेई के प्रतिनिधि से इमरान मसूद ने की मुलाकात, बोले- दुश्मन की मौत पर भी बोलते हैं, ईरान तो हमारा दोस्त
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
द केरला स्टोरी 2 की इलीगल ब्रॉडकॉस्टिंग पर लगाई रोक, मद्रास HC का केबल ऑपरेटरों को आदेश
द केरला स्टोरी 2 की इलीगल ब्रॉडकॉस्टिंग पर लगाई रोक, मद्रास HC का केबल ऑपरेटरों को आदेश
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
क्या दिल्ली में पढ़ रहीं दूसरे राज्य की लड़कियों को मिलेगा लखपति बिटिया का फायदा, जानें नियम?
क्या दिल्ली में पढ़ रहीं दूसरे राज्य की लड़कियों को मिलेगा लखपति बिटिया का फायदा, जानें नियम?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
Embed widget