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​Digital Technology: डिजिटल तकनीक से आई शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति, मल्टीमीडिया संसाधन पढ़ाई को बना रहे रोचक

​डिजिटल तकनीक का एजुकेशन सेक्टर पर भी काफी असर पड़ा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो इससे डिजिटल तकनीक ने सीखने के अनुभवों को बढ़ाया है और संसाधनों तक पहुंच भी इसके जरिए बढ़ी है.

​Technology in Education: आज के समय में बहुत ही तेजी से सब कुछ डिजिटल होता जा रहा है. चाहे पल में लाखों रुपये इधर से उधर पहुंचाने हों या फिर आपको कोई और काम ही क्यों न हो, आजकल सब डिजिटलाइज है. लेकिन हायर एजुकेशन के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का क्या प्रभाव पढ़ा है, यह जानना भी बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स की मानें तो हायर एजुकेशन पर डिजिटल तकनीक का बड़ा प्रभाव है. इसकी मदद से आज छात्र काफी नई बातें जान पा रहे हैं. हालांकि सिर्फ छात्र ही नहीं शिक्षक भी इसका पूरा फायदा ले रहे हैं और अपने ज्ञान को और बढ़ा रहे हैं.

एक्सपर्ट्स की मानें तो हायर एजुकेशन में डिजिटल तकनीक सूचना और संसाधनों तक आसान पहुंच प्रदान करती है. मंगलायतन विश्वविद्यालय अलीगढ़ के डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. रवि कांत का मानना है कि डिजिटल तकनीक की मदद से छात्र कहीं से ही जानकारी हासिल कर सकते हैं. डिजिटल तकनीक ने दूर-दराज में रहने वाले बच्चों ही नहीं बड़ो को शिक्षा से जोड़ा है. इसकी मदद से शिक्षा घर-घर तक पहुंच गई है. ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य संसाधन से छात्र-छात्राएं काफी जानकारी पा रहे हैं.

छात्रों के लिए फायदेमंद
प्रो. रवि कांत ने ABP Live से बात करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक ने सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाया है. डिजिटल माध्यम से आप कहीं पर भी कुछ भी सीख सकते हैं. शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो कई सारे डिजिटल प्लेटफार्म पर वीडियो, एनिमेशन और सिमुलेशन जैसे मल्टीमीडिया संसाधनों का इस्तेमाल कर के पढ़ाई को रोचक बनाया जा रहा है. जिससे छात्रों को पढ़ने में काफी मजा आ रहा है. कोविड -19 के दौरान डिजिटल तकनीक एक अहम रोल अदा किया. इसके माध्यम से शिक्षकों और छात्र एक दूसरे कनेक्ट रहे डिजिटल प्लेटफार्म पर क्लास चलाई गईं, जिससे छात्रों का पढ़ाई का नुकसान न हो. वहीं, ये उन छात्रों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है जो फिजिकल तौर पर कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाने में असमर्थ हैं.

​Digital Technology: डिजिटल तकनीक से आई शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति, मल्टीमीडिया संसाधन पढ़ाई को बना रहे रोचक
प्रो. रवि कांत- डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट
  (मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)

शिक्षा के क्षेत्र में ला दिया बदलाव
इसके अलावा डिजिटल टेक्नोलॉजी ने उच्च शिक्षा में शोध करने के तरीके को बदला है. आज इंटरनेट के जरिए बड़ी मात्रा में जानकारी और डेटा तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. आज शोधकर्ता दुनिया भर के लोगों तक अपने शोध को बेहद आसानी से और अलग-अलग भाषाओं में पंहुचा सकता है. उच्च शिक्षा पर डिजिटल तकनीक का प्रभाव महत्वपूर्ण रहा है, इससे शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है. प्रो. रवि कांत की मानें तो डिजिटल तकनीक सीखने के अनुभव को बढ़ाती है. साथ ही संसाधनों तक पहुंच भी इसके जरिए बढ़ी है. इसके माध्यम से शिक्षा प्रणाली की ओवरऑल एफिशिएंसी में काफी सुधार हुआ है.

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पत्रकारिता की दुनिया में जब बात पढ़ाई-लिखाई, लाइफस्टाइल, फीचर या न्यूज की आती है, तो चन्द्रिल कुलश्रेष्ठ का नाम सहज ही सामने आता है. जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त कर चुके चन्द्रिल बीते पांच वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय हैं और इस दौरान इन्होंने पत्रकारिता के कई रंग देखे हैं - खबरों की तह तक जाना, आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी बातें सामने लाना और क्राइम से जुड़ी कहानियों को तथ्यात्मक ढंग से पेश करना उनकी खासियत बन चुकी है.

चन्द्रिल न सिर्फ रिपोर्टिंग में निपुण हैं, बल्कि कंटेंट राइटिंग, स्टोरी कंसेप्टिंग और फीचर प्रजेंटेशन में भी उनका अंदाज बेहद खास है. खबरों की दुनिया में जहां अक्सर रफ्तार और सनसनी का बोलबाला होता है, वहीं चन्द्रिल की कलम तथ्यों के साथ संतुलन और संवेदनशीलता बनाए रखते हुए काम करती है. वह मानते हैं कि पत्रकारिता का असली उद्देश्य जनता को सही और सटीक जानकारी देना है, न कि महज ध्यान खींचना. यही वजह है कि उनके द्वारा लिखी गई स्टोरीज ना सिर्फ पढ़ने में रोचक होती हैं, बल्कि विश्वसनीयता के मानक पर भी खरी उतरती हैं.

इन दिनों चन्द्रिल ABP Live से जुड़कर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं. चाहे बात सरकारी नौकरियों की अपडेट्स की हो, स्कूली शिक्षा में हो रहे बदलावों की या फिर खेती-किसानी से जुड़े जमीनी मुद्दों की हर विषय पर उनकी पकड़ गहरी और प्रस्तुतिकरण सहज होता है. वह खबर को महज सूचना नहीं, बल्कि एक अनुभव की तरह पेश करने में यकीन रखते हैं, ताकि पाठक उससे खुद को जोड़ सके.

क्राइम रिपोर्टिंग में भी चन्द्रिल की शैली अलग है. वह किसी भी केस को सिर्फ घटनाओं के सिलसिले के रूप में नहीं दिखाते, बल्कि उसके पीछे छिपे सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और कानूनी पहलुओं को भी उजागर करने की कोशिश करते हैं.

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