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AICTE ने देशभर में 58 इंजीनियरिंग कॉलेज और 950 से ज्यादा कोर्स किए बंद,जानें क्या है वजह?

AICTE ने देशभर के 58 इंजीनियरिंग और टेक्निकल कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है.साथ ही 950 से ज्यादा कोर्स भी बंद कर दिए गए हैं. जानिए इसकी वजह क्या है और पहले से पढ़ रहे छात्रों पर इसका क्या असर पड़ेगा.

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  • पहले से पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई जारी रहेगी, डिग्री मिलेगी.

अगर आप इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. AICTE ने देशभर के 58 इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही 950 से ज्यादा इंजीनियरिंग और तकनीकी कोर्स भी बंद कर दिए गए हैं. हालांकि जिन छात्रों ने पहले से इन कॉलेजों में एडमिशन ले रखा है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. उनकी पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी और वे अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा कॉलेज बंद हुए?

सबसे ज्यादा 12-12 कॉलेज उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बंद किए गए हैं. इसके बाद मध्य प्रदेश में 8 कॉलेज बंद हुए हैं। तेलंगाना और पंजाब में 4-4, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 3-3, जबकि गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2-2 कॉलेज बंद हुए हैं. हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में भी 1-1 कॉलेज बंद किया गया है.

आखिर कॉलेज बंद क्यों किए गए?

AICTE का कहना है कि कई कॉलेजों में काफी समय से छात्रों की संख्या लगातार कम हो रही थी. कई जगह योग्य शिक्षक नहीं थे और कुछ संस्थान जरूरी सुविधाओं व तय नियमों को भी पूरा नहीं कर पा रहे थे. बार-बार मौका देने के बाद भी सुधार नहीं हुआ, इसलिए इन कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया गया.

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क्या पहले से पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई रुकेगी?

AICTE ने साफ कहा है कि पहले से पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ये कॉलेज सिर्फ नए छात्रों का एडमिशन नहीं लेंगे. पुराने छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे और उन्हें तय समय पर डिग्री भी मिलेगी.

'प्रोग्रेसिव क्लोजर' क्या है?

इस फैसले के तहत कॉलेज धीरे-धीरे बंद किए जाते हैं. यानी नए छात्रों का दाखिला रोक दिया जाता है, लेकिन जो छात्र पहले से पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई पूरी कराई जाती है इसे ही 'प्रोग्रेसिव क्लोजर' कहा जाता है.

एडमिशन लेने से पहले ये बात जरूर जांच लें

अगर आप इस साल इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेने वाले हैं, तो पहले यह जरूर देख लें कि जिस कॉलेज में आप आवेदन कर रहे हैं, उसे AICTE से मान्यता मिली हुई है या नहीं. इससे आगे चलकर किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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