एक्सप्लोरर

पश्चिम एशिया में तनाव और तेल कीमतों में आग से रुपया ऑल टाइम लो, जानें क्या होगा भारत पर बड़ा असर

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है. ऐसे में वैश्विक ऊर्जा कीमतों में किसी भी बदलाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.

Rupee vs Dollar: दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी Dollar की ओर रुख कर रहे हैं. इसका असर भारत जैसे उन देशों पर अधिक पड़ रहा है, जो ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन की शुरुआत में ही डॉलर के मुकाबले रुपया 92.20 पर खुला और जल्द ही यह फिसलकर 92.528 के सबसे निचले स्तर पर चला गया. इससे पहले 4 मार्च को रुपया 92.35 प्रति डॉलर के अपने अब तक के सबसे निचले इंट्रा-डे स्तर तक पहुंच गया था.

रुपये में क्यों गिरावट?

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे भारत जैसी बड़ी तेल आयातक अर्थव्यवस्था की मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है. वैश्विक तेल मानक Brent Crude वायदा कारोबार में 25.68 प्रतिशत उछलकर 116.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. United States, Israel और Iran के बीच बढ़ते तनाव से तेल बाजार में तेज उछाल आया है. Finrex Treasury Advisors LLP के कार्यकारी निदेशक Anil Kumar Bhansali ने कहा कि तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपये पर दबाव बना रहेगा.

एशिया की अन्य मुद्राएं भी सोमवार को कमजोर रहीं. उनका कहना है कि यदि आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती है तो रुपया 93 प्रति डॉलर के स्तर तक गिर सकता है. इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US Dollar Index 0.66 प्रतिशत बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया.

घरेलू शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई. BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 2,345.89 अंक गिरकर 76,573.01 पर आ गया, जबकि Nifty 50 708.75 अंक टूटकर 23,741.70 पर पहुंच गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे.

भारत पर क्या होगा असर?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है. ऐसे में वैश्विक ऊर्जा कीमतों में किसी भी बदलाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो भारत का आयात बिल बढ़ जाता है. चूंकि तेल का भुगतान डॉलर में होता है, इसलिए रुपये के कमजोर होने पर भारत को तेल खरीदने के लिए अधिक स्थानीय मुद्रा खर्च करनी पड़ती है. इसके अलावा तेल महंगा होने से देश का राजकोषीय घाटा भी बढ़ सकता है और महंगाई पर दबाव बनता है.

कमजोर रुपये का असर निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ता है. वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक अक्सर शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश जैसे Gold और Silver की ओर रुख करते हैं. हालांकि कमजोर रुपये का कुछ क्षेत्रों को फायदा भी होता है. आईटी, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे सेक्टर की कंपनियों की कमाई डॉलर में होती है, इसलिए रुपये के कमजोर होने से उनकी आय में बढ़ोतरी हो सकती है.

ये भी पढ़ें: पहले से ही कंगाल पाकिस्तान पर गिरी गाज, मदद के लिए फिर से IMF का दरवाजा खटखटाएंगे शहबाज

राजेश कुमार पत्रकारिता जगत में पिछले करीब 14 सालों से ज्यादा वक्त से अपना योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों से लेकर अपराध जगत तक, हर मुद्दे पर वह स्टोरी लिखते आए हैं. इसके साथ ही, किसी खबरों पर किस तरह अलग-अलग आइडियाज के साथ स्टोरी की जाए, इसके लिए वह अपने सहयोगियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं. इनकी अंतर्राष्ट्रीय जगत की खबरों पर खास नज़र रहती है, जबकि भारत की राजनीति में ये गहरी रुचि रखते हैं. इन्हें क्रिकेट खेलना काफी पसंद और खाली वक्त में पसंद की फिल्में भी खूब देखते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर ऑफ ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म किया है. राजनीति, चुनाव, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजेश कुमार लगातार लिखते आ रहे हैं.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

HDFC लाया नया EV लोन, कार की बॉडी और बैटरी के लिए मिलेगा अलग-अलग कर्ज
HDFC लाया नया EV लोन, कार की बॉडी और बैटरी के लिए मिलेगा अलग-अलग कर्ज
कर्ज के दलदल में दुनिया! जानें भारत से लेकर फ्रांस तक किस पर कितना बोझ
कर्ज के दलदल में दुनिया! जानें भारत से लेकर फ्रांस तक किस पर कितना बोझ
अगले 5 दिनों में कमाई कराने आ रहे 9 IPO, दांव लगाने से पहले जानें प्राइस बैंड और GMP
अगले 5 दिनों में कमाई कराने आ रहे 9 IPO, दांव लगाने से पहले जानें प्राइस बैंड और GMP
ITR फाइलिंग की बढ़ी तारीख, लास्ट डेट चूक गए तो लगेगा 5000 रुपये का जुर्माना
ITR फाइलिंग की बढ़ी तारीख, लास्ट डेट चूक गए तो लगेगा 5000 रुपये का जुर्माना

वीडियोज

Bareily Ke Bachchan: Sangam फंसी धर्मसंकट में! मस्ती के बीच Satluj-Nirgun में छिड़ी तगड़ी जंग!
Bollywood News: राम-सीता के प्रेम में डूबा ‘मंगल रंग’, अरिजीत-श्रेया की आवाज ने जीता दिल! (25.10.26)
Delhi News: स्कूल में मौत की पहेली ! | Sansani | ABP News
JDU Action on Anant Singh: बगावत की सजा...अनंत सिंह JDU से विदा! | MLC Election Bihar
Janhit With Chitra Tripathi: कारोबारियों की दीवाली..काली करके मानेंगे राहुल? | Delhi | Gyanesh Kumar

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लूटपाट-झड़पें, आगजनी और गिरफ्तारियां, हिंसा और प्रोटेस्ट की आग में झुलसा यूरोप
लूटपाट-झड़पें, आगजनी और गिरफ्तारियां, हिंसा और प्रोटेस्ट की आग में झुलसा यूरोप
पोस्टर पर अखिलेश के बयान के बाद बोले कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम, 'BJP चाहे लाख भ्रम...'
पोस्टर पर अखिलेश के बयान के बाद बोले कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम, 'BJP चाहे लाख भ्रम...'
दीप्ति शर्मा ने शतक लगाकर रचा इतिहास, ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी!
दीप्ति शर्मा ने शतक लगाकर रचा इतिहास, ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी!
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस, 6 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया 11वां आरोपी प्रांजल ठाकर
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस, 6 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया 11वां आरोपी प्रांजल ठाकर
'मोदी का बाप भी जाएगा', प्रधानमंत्री पर खरगे का विवादित बयान, कार्यक्रम में हंगामा
'मोदी का बाप भी जाएगा', प्रधानमंत्री पर खरगे का विवादित बयान, कार्यक्रम में हंगामा
डीके शिवकुमार की प्राइवेट कंपनियों को चेतावनी, बोले- 'कर्नाटक में कन्नड़ लोग ही...'
डीके शिवकुमार की प्राइवेट कंपनियों को चेतावनी, बोले- 'कर्नाटक में कन्नड़ लोग ही...'
हाईवे पर इमरजेंसी में नहीं लग रहा 1033, तुरंत करें ये काम
हाईवे पर इमरजेंसी में नहीं लग रहा 1033, तुरंत करें ये काम
घर में नहीं है किचन गार्डन की जगह, जानें कैसे किराए पर उगाएं ताजी सब्जियां?
घर में नहीं है किचन गार्डन की जगह, जानें कैसे किराए पर उगाएं ताजी सब्जियां?
Embed widget