West Asia Tensions: ईरान वॉर से बड़ा तेल संकट, अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इस बयान को सुन लगेगी ट्रंप को मिर्ची
US-Iran War: सरकार ऊर्जा बाजार में बढ़ते जोखिमों के बावजूद तेल और गैस की उपलब्धता और उसकी लागत को संतुलित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

Middle East Tensions: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा बाजार को लेकर वैश्विक राजनीति भी तेज हो गई है. हाल ही में Donald Trump ने कहा था कि अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो बढ़ने दें, फिलहाल उनकी प्राथमिकता युद्ध है. इसी बीच भारत की तरफ से भी एक अहम बयान सामने आया है, जिसने इस बहस को और तेज कर दिया है. दरअसल Iran पर Israel और United States के संयुक्त हमलों के बाद Middle East का संकट और गहरा गया है. इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. इसी मुद्दे पर सोमवार को S. Jaishankar ने Rajya Sabha में सरकार का पक्ष रखा.
ऊर्जा संकट पर क्या बोले जयशंकर
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा कि पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां से लंबे समय से तेल और गैस की बड़ी आपूर्ति होती रही है. ऐसे में यदि आपूर्ति बाधित होती है या अनिश्चितता बढ़ती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत सरकार की प्राथमिकता ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि देश के नागरिकों पर इसका नकारात्मक असर कम से कम पड़े.
सरकार ऊर्जा बाजार में बढ़ते जोखिमों के बावजूद तेल और गैस की उपलब्धता और उसकी लागत को संतुलित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. शांति की अपील विदेश मंत्री ने इस संकट के समाधान के लिए सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि गतिरोध को खत्म करने, धैर्य बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवाद ही सबसे बेहतर रास्ता है.
बढ़े भू-राजनीतिक तनाव से स्थिति गंभीर
उन्होंने बताया कि भारत ने पहले भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी. 20 फरवरी को भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की थी. जयशंकर ने यह भी कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात पहले से ज्यादा गंभीर हो गए हैं और इस संघर्ष का असर आसपास के देशों पर भी पड़ रहा है. इसी मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने Rajya Sabha में नियम 176 के तहत ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है.
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Source: IOCL


























