'लिबरेशन डे टैरिफ' पर रोक, दुनिया को ट्रेड का डर दिखाने वाले ट्रंप को कोर्ट का बड़ा झटका
Liberation Day Tariffs: कोर्ट के इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने दलील में 1971 के रिचर्ड निक्सन के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति ने इमरजेंसी के तहत उस समय टैरिफ लगाए थे.

US Court Blocks Liberation Day Tariffs: दुनियाभर के देशों को ट्रेड का डर दिखाने वाले अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिका के एक फेडरल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने अपने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए लिबरेशन डे टैरिफ पर रोक लगा दी. कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए राष्ट्रपति के अधिकार से बाहर बताया है. मैनहट्टन के कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल के तीन सदस्य जजों के पैनल की तरफ से ये फैसला सुनाया गया है.
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से उन देशों के खिलाफ टैरिफ लगाने का आदेश दिया गया था, जो अमेरिका से आयातित सामानों के ऊपर ज्यादा टैक्स लगाते हैं, जबकि अमेरिका में निर्यात पर उस देश के ऊपर कम टैक्स लगाया जा रहा है. ट्रंप के इस कदम को लिबरेशन डे टैरिफ कहा गया और इसके जवाब में उन्होंने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का इस साल 2 अप्रैल को एलान किया गया था.
ट्रंप को झटका
लेकिन, डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद अब कोर्ट की तरफ से ट्रंप को झटका लगा है. कोर्ट की तरफ से साफ किया गया कि विदेशी व्यापार पॉलिसी को तय करने का अधिकार अमेरिकी संविधान के मुताबिक सिर्फ कांग्रेस को हैं, न कि वहां के राष्ट्रपति के पास. इसलिए कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से लगाए गए टैरिफ किसी वास्तविक इमरजेंसी की स्थिति के दायरे में नहीं आते हैं.
ट्रंप प्रशासन की दलील
कोर्ट के इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने दलील में 1971 के रिचर्ड निक्सन के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति ने इमरजेंसी के तहत उस समय टैरिफ लगाए थे. ट्रंप प्रशासन ने ये भी कहा कि इमरजेंसी की वैधता को तय करना अदालत का नहीं, बल्कि कांग्रेस का अधिकार है. लेकिन कोर्ट की तरफ से इन सभी दलीलों को खारिज कर दिया गया और कहा गया कि दशकों के व्यापार घाटा है, ऐसे में इसे इमरजेंसी की स्थिति करार देना किसी फैक्ट पर आधारित नहीं है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















