MP में आज UPI बंद, जेब में रखें कैश, काले कपड़े से ढके गए QR कोड
मध्य प्रदेश में आज कोई भी दुकानदार खरीदार करने पर QR कोड से पेमेंट नहीं लेगा. कारोबारी यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क का विरोध कर रहे हैं.

- मध्य प्रदेश में व्यापारियों ने आज 'नो यूपीआई डे' आंदोलन चलाया.
- वे 2,000 रुपये से अधिक UPI लेनदेन पर MDR शुल्क का विरोध कर रहे.
- इससे व्यापारियों पर 14.4 करोड़ रुपये मासिक अतिरिक्त भार पड़ेगा.
- पेट्रोल पंप 2,000 रुपये से ऊपर सिर्फ नकद भुगतान ही स्वीकारेंगे.
मध्य प्रदेश में व्यापारी आज 'नो UPI डे' मनाने की तैयारी में हैं. इस क्रम में इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत बड़े शहरों में व्यापारी UPI पेमेंट स्वीकार नहीं करने का अभियान चलाएंगे. पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के बाद अब व्यापारियों ने भी UPI से जुड़े नए नियमों का विरोध शुरू किया है. व्यापारियों का कहना है कि नियम लागू होने से पहले ही वे UPI भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने सरकार से UPI पेमेंट को लेकर बनाए गए नए नियम को वापस लेने की मांग की है.
इंदौर से इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की गई है, जहां 125 से अधिक व्यापार संघों और लगभग 2 लाख व्यापारियों ने इस 'नो यूपीआई डे' (No UPI Day) आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है. सर्राफा बाजार से लेकर क्लॉथ मार्केट, और मारोठिया बाजार जैसे इंदौर के प्रमुख थोक और खुदरा व्यापारिक क्षेत्रों में आज डिजिटल लेनदेन पूरी तरह ठप दिख रहा है. मंगलवार रात शहर में टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन की अगुवाई में रीगल स्क्वायर पर हुए प्रदर्शन में 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए. इस दौरान इन्होंने 'यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो' के नारे भी लगाए.
किस बात का विरोध कर रहे कारोबारी?
कारोबारी 15 अक्टूबर से 2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क का विरोध कर रहे हैं. थोक और खुदरा व्यापारियों का कहना है कि किराना, कपड़ा, सरार्फा और पेट्रोल पंप जैसे व्यवसायों में मार्जिन पहले से ही बहुत सीमित है, उस पर अगर 2,000 से ऊपर के पेमेंट पर पर प्रस्तावित शुल्क के हिसाब से MDR वसूला जाए, तो अकेले भोपाल और इंदौर के व्यापारियों पर हर महीने लगभग 14.4 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
2,000 रुपये से ज्यादा के पर्सन टू मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा, तो इस हिसाब से 75,000 और उससे ज्यादा के लेन-देन पर 300 रुपये तक का शुल्क वसूला जाएगा. ऐसे में अगर दिन में 2,000 रुपये से ज्यादा के 10 ट्रांजैक्शन होते हैं, तो 3,000 रुपये ऐसे ही चले जाएंगे. थोक कारोबारियों के लिए तो परेशानी और भी बढ़ जाएगी क्योंकि उनका लगभग 90% लेनदेन ही 2,000 से ऊपर का होता है.
पेट्रोल पंपों का भी यही है फैसला
मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी इस विरोध का समर्थन किया है. उनकी तरफ से इस बात का ऐलान कर दिया गया है कि 16 अक्टूबर से राज्य के पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये से ज्यादा का ईंधन केवल कैश में ही मिलेगा.
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