UPI चार्ज से होगी 7500 करोड़ की कमाई, गूगल पे, फोनपे और Paytm की चांदी
मार्च 2028 तक UPI पर लगने वाली MDR फीस से पेमेंट ऐप्स को हर साल 1.1 अरब डॉलर का मुनाफा हो सकता है. इसमें फोनपे और गूगल पे को करीब 7500 करोड़ रुपये मिलने की बात कही जा रही है.

15 सितंबर को सरकार ने UPI पेमेंट्स पर MDR चार्ज लगाने का फैसला किया. जिसके बाद से ही ये फैसला काफी चर्चा में बना हुआ है. सरकार के इस फैसले का कुछ व्यापारी संगठन विरोध भी कर रहे हैं. इसी बीच अब इस पेमेंट से होने वाले फायदे के बारे में जानकारी सामने आ रही है. खबरों की मानें तो इस नए चार्ज से पेमेंट कंपनियों की कमाई भी बढ़ सकती है.
दरअसल ब्रोकरेज फर्म Bernstein के मुताबिक, मार्च 2028 तक इस नई फीस से पेमेंट एप्स को हर साल करीब 1.1 अरब डॉलर तक की एक्स्ट्रा कमाई हो सकती है. मौजूदा बाजार की हिस्सेदारी को देखें तो इसमें फोनपे और गूगल पे की हिस्सेदारी करीब 900 मिलियन डॉलर (लगभग 7,500 करोड़ रुपये) हो सकती है.
फोनपे और गूगल पे का दबदबा
UPI के बाजार में Walmart के समर्थन वाली फोनपे और गूगल पे का बड़ा हिस्सा है. पिछले महीने के आंकड़ों के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने मिलकर UPI के कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का करीब 80% हिस्सा संभाला है. नई फीस से इन कंपनियों के पास ज्यादा पैसा आएगा. जिससे वो टेक्नोलॉजी, नए ग्राहकों तक पहुंच और छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में विस्तार पर ज्यादा निवेश कर सकती हैं.
15 अक्टूबर से लागू हो रही फीस
सरकार के फैसले के मुताबिक भारत में 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% की मर्चेंट फीस लगेगी. ये नियम 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है. अगर ऐसा होता है तो करीब 6 साल बाद UPI पर मर्चेंट फीस वापस आएगी. अभी तक UPI के जरिए पेमेंट करने पर दुकानदारों से इस तरह की फीस नहीं ली जाती थी.
ग्राहकों पर पड़ेगा असर
नई फीस को लेकर एक चिंता ये भी है कि दुकानदार इस एक्स्ट्रा खर्च के बोझ को ग्राहकों पर डाल सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में शामिल रिटेलर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए UPI पर काफी निर्भर हो चुके हैं. इसलिए लोग दोबारा बड़े पैमाने पर कैश का इस्तेमाल शुरू कर दें, इसकी संभावना कम है.
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