Silver Price: वायदा कारोबार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली और यह 8,951 रुपये उछलकर 2,32,741 रुपये प्रति किलोग्राम की नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई. यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र रहा, जब वायदा बाजार में चांदी मजबूत हुई है. कीमतों में यह तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के भाव के 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार करने के कारण आई.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च 2026 डिलीवरी वाले चांदी वायदा में करीब चार प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई. 18 दिसंबर के बाद से अब तक चांदी की कीमतों में कुल 29,176 रुपये यानी करीब 14.33 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है.
चांदी का लगातार चढ़ रहा भाव
इसी तरह जिंस बाजार में सोने की कीमतों ने भी नया इतिहास रच दिया और पहली बार 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गईं. लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ फरवरी डिलीवरी वाले सोने का भाव 1,119 रुपये यानी 0.81 प्रतिशत बढ़कर 1,39,216 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. क्रिसमस के अवसर पर बृहस्पतिवार को घरेलू जिंस बाजार बंद रहे थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का असर घरेलू सर्राफा कीमतों पर साफ दिखाई दिया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया. कॉमेक्स पर फरवरी डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 58.8 डॉलर यानी 1.3 प्रतिशत बढ़कर 4,561.6 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गया. रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी के अनुसार, शुक्रवार को सोने की कीमतें बढ़कर करीब 4,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं और सत्र के दौरान कुछ समय के लिए यह 4,530 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर भी रही. उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ी है, जिससे कीमतों को समर्थन मिला.
आगे क्या होगा?
चांदी की बात करें तो कॉमेक्स पर मार्च डिलीवरी वाले चांदी वायदा में लगातार पांचवें दिन तेजी दर्ज की गई और यह 3.81 डॉलर यानी 5.31 प्रतिशत उछलकर 75.49 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. इससे पहले बुधवार को चांदी 71.68 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी. कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के चलते सोना और चांदी दोनों ही नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं.























