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Share vs Bond: अपना ज्ञान बढ़ाएं, शेयर और बॉन्ड में क्या अंतर होता है, कहां मिलता है ज्यादा फायदा? आसान भाषा में समझें

Share vs Bond: अगर आप भी शेयर और बॉन्ड में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो पहले इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में जान लें, ताकि निवेश करते समय सही फैसला ले सकें. जानिए.

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  • शेयर में जोखिम अधिक, लाभ असीमित; बॉन्ड सुरक्षित निवेश है।

Share vs Bond: आजकल हर व्यक्ति बचत को सही जगह निवेश करने पर ज्यादा जोर दे रहा है. इसके लिए लोग ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं, जहां से उन्हें अच्छा-खासा रिटर्न मिल सके. मौजूदा समय में निवेश के कई सारे विकल्प मौजूद हैं. इनमें शेयर और बॉन्ड भी लोगों के बीच चर्चा में रहते हैं. लेकिन कई लोग इन दोनों को एक जैसा समझने की गलती कर देते हैं. जबकि, दोनों का जोखिम और कमाई का तरीका बिल्कुल अलग होता है. इसलिए बेहतर यही है कि निवेश करने से पहले इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में समझ लेना चाहिए. 

क्या होता है शेयर?

अगर आसान शब्दों में समझें तो जब आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं तो आप उस कंपनी में हिस्सेदार बन जाते हैं. इसका मतलब यह है कि अगर कंपनी को फायदा होगा तो आपको भी फायदा होगा, लेकिन उसके नुकसान का असर भी आपके निवेश पर पड़ सकता है. अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है तो शेयर की कीमत बढ़ सकती है, जिसकी वजह से आपको अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है. लेकिन वहीं कंपनी का प्रदर्शन खराब रहता है तो निवेश की गई वैल्यू पर भी असर पड़ेगा. यानी उसकी वैल्यू घट सकती है.

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क्या होता है बॉन्ड?

अब बात करते हैं बॉन्ड की. इसमें निवेश करने का मतलब कि आप किसी कंपनी या सरकार को तय समय के लिए पैसा उधार दे रहे हैं. जब आप पैसे उधार देते हो तो इसके बदले में आपको तय ब्याज मिलता है और समय पूरा होने पर आपका पूरा पैसा भी वापस कर दिया जाता है. इसमें निवेशक कंपनी का मालिक नहीं बनता, वह सिर्फ उधार देने वाला होता है. 

दोनों के अंतर को समझें

  • जब आप शेयर खरीदते हैं तो आप कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं, जबकि बॉन्ड खरीदने पर आप सिर्फ कंपनी या सरकार को लोन देने वाले होते हैं.
  • शेयर में निवेशक की कमाई कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करती है और शेयर की कीमत पर भी निर्भर करती है, जबकि बॉन्ड में आपको लोन देने के बाद तय ब्याज मिलता है.
  • जोखिम की बात करें तो शेयर में ज्यादा होता है, क्योंकि अगर कंपनी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता है तो उसका असर निवेश पर पड़ेगा.
  • आमतौर पर देखा जाए तो बॉन्ड को सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें पहले से ही ब्याज तय रहता है.
  • हालांकि, शेयर से मिलने वाला मुनाफा सीमित नहीं होता है, वहीं बॉन्ड में रिटर्न पहले से ही तय रहता है. 

कहां मिलेगा ज्यादा फायदा?

  • अगर आप ज्यादा जोखिम उठाकर ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो आपके लिए शेयर एक बेहतर ऑप्शन है.
  • वहीं अगर आप एक तय रिटर्न और सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं तो बॉन्ड एक अच्छा विकल्प है.

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शैलजा पांडे वर्तमान में ABP न्यूज़ में कंसल्टेंट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं. शैलजा यहां चैनल के डिजिटल विंग में काम कर रही हैं. इन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरूआत एबीपी न्यूज़ चैनल से बतौर इंटर्न की थी. इनके काम को देखते हुए एबीपी ने इन्हें कंसल्टेंट की जिम्मेदारी से नवाजा. यह बीते करीब दो साल से एबीपी न्यूज़ को अपनी सेवाएं दे रही हैं. शैलजा यहां बिजनेस और यूटिलिटी सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. वह एआई और स्टेट टीम को भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. शैलजा ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से की है. यहां इन्होंने  रेडियो और टेलीविजन प्रोडक्शन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

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