SEBI का बड़ा फैसला, विदेश में बैठे NRI बिना भारत आए कर सकेंगे डिजिटल केवाईसी
SEBI Digital KYC: सेबी ने एनआरआई, ओसीआई और विदेश में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए डिजिटल केवाईसी को आसान बनाने का प्रस्ताव रखा है. जानें इससे क्या बदलेगा और किसे मिलेगा फायदा.

SEBI Digital KYC: विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश करना अब और भी आसान हो सकता है. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने अनिवासी भारतीय, भारत के प्रवासी नागरिक और विदेश में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए डिजिटल केवाईसी का प्रोसेस आसान करने की बात रखी है. इससे अब निवेशकों को केवाईसी पूरा करने के लिए भारत आने की भी जरूरत होगी.
सेबी ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि एफएटीएफ के नियमों का पालन करने वाले देशों में रहने वाले भारत के बाहर निवासी लोगों को विदेश से ही डिजिटल तरीके से केवाईसी और ऑनबोर्डिंग पूरा करने दिया जाएगा.
अभी क्या है नियम?
अभी तो विदेश में रहने वाले भारत के बाहर रहने वाले ग्राहकों के लिए डिजिटल ऑनबोर्डिंग काफी मुश्किल है. डिजिटल केवाईसी के समय ग्राहक की लोकेशन भारत में होनी चाहिए और इसके लिए लेटिट्यूड-लोंगिट्यूड कैप्चर की जाती है. इस वजह से विदेश में रहने वाले एनआरआई निवेशक को केवाईसी के लिए फिजिकल प्रोसेस के लिए यहां आना ही पड़ता है.
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किन तरीकों का होगा इस्तेमाल?
सेबी ने डिजिटल केवाईसी को आसान बनाने के लिए कई सारे ऑप्शन पर बात की है. इनमें डिजिटल सिग्नेचर, डिजीलॉकर, डिजिटल आधार प्रमाणीकरण और वीडियो बेस्ड इन पर्सन वेरिफिकेशन भी शामिल हैं. हालांकि, डिजिटल केवाईसी का मतलब ये नहीं होगा कि वेरिफिकेशन पूरी तरह बिना किसी सुरक्षा जांच के हो जाएगा. रेगुलेटर ने निवेशक की पहचान और लोकेशन को कंफर्म करने के लिए कई तरह के सुरक्षा उपाय का भी प्रस्ताव रखा है.
किन्हें मिलेगा फायदा?
प्रस्ताव के दायरे में एनआरआई, ओसीआई और वो सभी विदेशी नागरिकों शामिल हैं, जो भारत से बाहर रह रहे हैं. हालांकि, ये खास तौर पर एफएटीएफ के नियमों का पालन करने वाला देशों में रहने वाले लोगों के लिए ही है.
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