IPO से जुड़े नियम सेबी ने बदले, विदेशी निवेशकों के लिए सिंगल विंडो और MPS नियमों में ढील
IPO SEBI Rules: नए ढांचे को ‘भरोसेमंद विदेशी निवेशकों के लिए स्वचालित और सामान्यीकृत पहुंच की एकल खिड़की व्यवस्था’ (स्वागत-एफआई) का नाम दिया गया है.

SEBI Eases IPO Norms: बाजार नियामक सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए अनुपालन को सरल और भारत को अधिक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने के इरादे से नया एकल खिड़की ढांचा ‘स्वागत-एफआई’ पेश करने का निर्णय लिया है. इसके तहत कम जोखिम वाले विदेशी निवेशकों के लिए पंजीकरण एवं निवेश प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा और बार-बार अनुपालन एवं दस्तावेज पेश करने की जरूरत घटेगी.
SEBI ने बदले आईपी से जुड़े नियम
सेबी ने बताया कि इस ढांचे से सरकारी स्वामित्व वाले कोष, केंद्रीय बैंक, सरकारी संपत्ति कोष, बहुपक्षीय संस्थाएं, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड जैसे निवेशकों को सुविधा मिलेगी. इसके अलावा पंजीकरण की वैधता अवधि 3-5 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है और निवेशकों को वैकल्पिक रूप से सभी निवेश एक ही डीमैट खाते में रखने की अनुमति होगी.
नए ढांचे को ‘भरोसेमंद विदेशी निवेशकों के लिए स्वचालित और सामान्यीकृत पहुंच की एकल खिड़की व्यवस्था’ (स्वागत-एफआई) का नाम दिया गया है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने निदेशक मंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि नए ढांचे से कम जोखिम वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) और विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक (FVCI) दोनों के लिए निवेश के रास्ते खुलेंगे.
बड़ी कंपनियां पेश कर सकेंगी छोटे IPO
जून 2025 तक देश में 11,913 एफपीआई पंजीकृत थे, जिनकी कुल परिसंपत्ति 80.83 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है. अनुमान है कि इनमें से 70 प्रतिशत से अधिक परिसंपत्तियां स्वागत-एफआई निवेशकों के पास होंगी. सेबी ने कहा कि आवश्यक प्रक्रियागत सुधार पूरे होने के बाद यह ढांचा अगले छह माह में पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा.
इसके तहत पंजीकरण प्राप्त निवेशक सूचीबद्ध इक्विटी और ऋण साधनों में FPI के रूप में और स्टार्टअप एवं चयनित क्षेत्रों में FVCI के रूप में निवेश कर सकेंगे. देश में जून 2025 तक 11,913 FPI रजिस्टर्ड थे, जिनकी कुल परिसंपत्ति 80.83 लाख करोड़ रुपये आंकी गई. इसमें से 70% से ज्यादा परिसंपत्तियां स्वागत-FPI निवेशकों के पास होने का अनुमान है.
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Source: IOCL






















