एक्सप्लोरर

Inflation Data: आरबीआई की पुरजोर कोशिशों के बाद भी महंगाई काबू में क्‍यों नहीं? ब्‍याज दरें बढ़ी, इंफ्लेशन क्‍यों नहीं घटी

Retail Inflation Data: आरबीआई ने छह बार पॉलिसी रेट्स बढ़ाया तो बैंकों ने कर्ज महंगा कर दिया. इसके बावजूद महंगाई काबू में नहीं आ रही. जनवरी 2023 में खुदरा महंगाई दर 6.52 फीसदी पर जा पहुंची है.

India Inflation Data: नवंबर और दिसंबर 2022 में खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी के नीचे आ गई थी. नवंबर में 5.88 फीसदी और दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 5.72 फीसदी रही थी. लेकिन नए साल 2023 के पहले महीने जनवरी में फिर से खुदरा महंगाई दर बेकाबू हो गई और 6.52 फीसदी पर जा पहुंची जो आरबीआई के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी से कहीं ज्यादा है. तो बड़ा सवाल उठता है कि क्या आरबीआई महंगाई पर काबू पाने में विफल हो गया है? 

क्या महंगाई पर काबू पाने में आरबीआई विफल ? 

आरबीआई ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए बीते 9 महीने में 6 बार पॉलिसी रेट्स में बदलाव करते हुए रेपो रेट में 2.50 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी. इसके बावजूद महंगाई पर काबू पाया नहीं जा सका है. इसके चलते इतना जरुर है कि लोगों की ईएमआई महंगी हो गई है. हालांकि आर्थिक मामलों के जानकार और इंडियन इंस्टीच्युट ऑफ फॉरेन ट्रेड (IIFT) के डायरेक्टर प्रोफेसर मनोज पंत का मानना है कि महंगाई में बढ़ोतरी पर काबू नहीं पाये जाने की जिम्मेदारी आरबीआई पर डालना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत में जो महंगाई है वो वस्तुओं की सप्लाई में दिक्कतों के चलते आई है. खाद्य-सामग्रियों के अलावा महंगे दूध के चलते महंगाई बढ़ी है.  

महंगाई कम नहीं पर महंगी हुई ईएमआई!

अप्रैल 2022 में खुदरा महंगाई दर 7.80 फीसदी पर जा पहुंची. 4 मई 2022 को आरबीआई ने पॉलिसी रेट्स में बदलाव करते हुए रेपो रेट में बढ़ोतरी की. दलील ये दी गई कि इससे महंगाई पर काबू पाया जा सकेगा. लेकिन महंगाई लगातार 7 फीसदी के ऊपर बनी रही. आरबीआई ने इसके बाद से हर मॉनिटरी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट बढ़ाया. 4 मई 2022 से पहले रेपो रेट 4 फीसदी हुआ करता था जो अब 6.50 फीसदी है. 8 फरवरी 2023 को आरबीआई ने रेपो रेट में एक चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी की थी. उसके चार दिनों के बाद ही जनवरी 2023 में खुदरा महंगाई दर फिर से साढ़े छह फीसदी के पार 6.52 फीसदी पर जा पहुंची है. प्रोफेसर मनोज पंत का कहना है कि ब्याज दरें बढ़ाने से महंगाई कम नहीं होगी. आरबीआई को यहां से ब्याज दरें बढ़ाने के बारे में कतई नहीं सोचना चाहिए, वर्ना इससे कारोबार को नुकसान होगा.  उन्होंने कहा कि ये महंगाई खाद्य सामग्रियों की है जो आरबीआई के ब्याज दरें बढ़ाने से काबू में नहीं आने वाली है. महंगाई इस साल के आखिर, सर्दी के मौसम तक रह सकती है.     

कब थमेगा महंगे कर्ज का सिलसिला!

आरबीआई की अगली मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष में होगी. 3, 5 और 6 अप्रैल को एमपीसी की बैठक होगी. खुदरा महंगाई दर के आंकड़े में बढ़ोतरी के बाद फिर से महंगे कर्ज का डर सताने लगा है.  सवाल उठता है कि रेपो रेट में क्या और बढ़ोतरी होगी. इस पर प्रोफेसर मनोज पंत ने कहा कि आरबीआई को यहां से ब्याज दरें बढ़ाने के बारे में कतई नहीं सोचना चाहिए. बल्कि उन्होंने आरबीआई को ब्याज दरों में कटौती करने का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद विदेशी पूंजी को बाहर जाने से रोकने के लिए आरबीआई ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहा है. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थ खासतौर से डीजल सस्ता हो जाए तो महंगाई काबू में आ सकती है. पर ब्याज दरें बढ़ाने से महंगाई काबू में आने वाली नहीं है.  

कोर इंफ्लेशन ने बढ़ाई परेशानी 

8 फरवरी को आरबीआई गवर्नर ने जब पॉलिसी स्टेटमेंट पढ़ा तब उन्होंने कहा था कि सब्जियों को छोड़ दें तो कोर इंफ्लेशन यानि खाद्य और ईंधन के अलावा दूसरी चीजों की महंगाई बनी हुई है जो कि चुनौती बढ़ाने का काम कर रही है. शनिवार 12 फरवरी को आरबीआई की बोर्ड मीटिंग के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि 2023-24 में खुदरा महंगाई दर 5.3 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान है. और अगर कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई तो महंगाई और कम हो सकती है.

ये भी पढ़ें 

Income Tax: 10 लाख रुपये सालाना कमाई करने वालों की संख्‍या में जबरदस्‍त उछाल, 2015-16 के बाद 260% बढ़े ऐसे टैक्‍सपेयर्स

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

India-UK Trade Deal: 99% सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म, भारत की सबसे बड़ी ट्रेड डील 15 जुलाई से लागू, क्या-क्या सस्ता होगा?
CETA: 99% सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म, भारत की सबसे बड़ी ट्रेड डील 15 जुलाई से लागू, क्या-क्या सस्ता होगा?
India China Import: चीन के सामान से भारतीयों को प्रेम, आंखें खोल देंगे इम्पोर्ट के आंकड़े, इस बार तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया
चीन के सामान से भारतीयों को प्रेम, आंखें खोल देंगे इम्पोर्ट के आंकड़े, इस बार तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया
Explained: 30 भारतीयों की मौत, 1.2% GDP गिरी और 2.5% तक बढ़ी महंगाई! अमेरिका-ईरान युद्ध में भारत का कितना नुकसान?
30 भारतीयों की मौत, 1.2% GDP गिरी और महंगाई 2.5% बढ़ी! US-ईरान युद्ध में भारत का कितना नुकसान?
Share vs Bond: अपना ज्ञान बढ़ाएं, शेयर और बॉन्ड में क्या अंतर होता है, कहां मिलता है ज्यादा फायदा? आसान भाषा में समझें
Share vs Bond: अपना ज्ञान बढ़ाएं, शेयर और बॉन्ड में क्या अंतर होता है, कहां मिलता है ज्यादा फायदा? आसान भाषा में समझें

वीडियोज

Salman Khan की Maatrubhumi पर फिर संकट! रिलीज़ से पहले 40% फिल्म दोबारा शूट
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? #nitingadkari #e20fuel #autolive
Operation Safed Sagar की अनसुनी कहानी अब आएगी सबके सामने
59 की उम्र में Sunita Ahuja का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे Yashvardhan Ahuja संग करेंगी शुरुआत
Bollywood News: ट्रोलिंग से तौबा या प्रेग्नेंसी का नया ड्रामा? कियारा आडवाणी की 'दूसरी प्रेग्नेंसी' का सच आया सामने! (14-07-2026)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ तसलीमा की किस्मत भी पलटी, 20 साल बाद अपनी पसंदीदा जगह लौटेंगी
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ तसलीमा की किस्मत भी पलटी, 20 साल बाद अपनी पसंदीदा जगह लौटेंगी
'हवा में उड़ने वाली बस लाऊंगा', E20 के बाद क्या है नितिन गडकरी का अगला प्लान? खुद बता दिया
'हवा में उड़ने वाली बस लाऊंगा', E20 के बाद क्या है नितिन गडकरी का अगला प्लान? खुद बता दिया
बांकीपुर में BJP ने झोंकी ताकत, स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, नितिन नवीन सहित 40 नाम
बांकीपुर में BJP ने झोंकी ताकत, स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, नितिन नवीन सहित 40 नाम
Watch: एजबेस्टन में स्टैंड में बैठे टीम इंडिया को सपोर्ट कर रहे थे एमएस धोनी, अचानक नन्हे फैन ने ऑफर किए पॉपकॉर्न; फिर...
एजबेस्टन में स्टैंड में बैठे टीम इंडिया को सपोर्ट कर रहे थे धोनी, नन्हे फैन ने ऑफर किए पॉपकॉर्न
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई, बताया सारा सच
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई
Explained: आओ सेक्स के बारे में बात करें! स्कूली बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी? कहीं POCSO में न फंस जाए आपका बच्चा
आओ सेक्स के बारे में बात करें! स्कूली बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी?
'नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जगह', धार भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं
'नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जगह', धार भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं
लगातार 5 धमाकों से दहला बुशहर-बंदर अब्बास, ईरान का पलटवार- होर्मुज में नहीं चलने देंगे ट्रंप की दादागिरी
लगातार 5 धमाकों से दहला बुशहर-बंदर अब्बास, ईरान का पलटवार- होर्मुज में नहीं चलने देंगे ट्रंप की दादागिरी
Embed widget