आर्थिक मोर्चे पर झटका! वैश्विक अनिश्चितता के बीच RBI ने जीडीपी की रफ्तार 6.7% से घटाकर 6.5% किया
RBI downgrades GDP: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने MPC की बैठक के बाद बुधवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए GDP की आर्थिक रफ्तार को कम करते हुए 6.5% बने रहने का अनुमान लगाया है.
RBI downgrades GDP: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एमपीसी की बैठक के बाद बुधवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए घरेलू सकल उत्पाद यानी के रफ्तार को कम करते हुए 6.5 फीसदी बने रहने का अनुमान लगाया है. ये फरवरी में 6.7% के उसके अनुमान में 20 बेसिस प्वाइंट की कमी है. इसके साथ ही, केन्द्रीय बैंक ने रेप रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कमी करते हुए इसे अब 6% कर दिया है.
दिसंबर 2024 में आरबीआई गवर्नर बनने के बाद ये उनका दूसरे संबोधन था. टैरिफ के चलते बने तनाव और ग्लोबल मार्केट की स्थित को देखते हुए वैश्विक अनिश्चितता पर नीतिगत रुप से बेहद करीबी नजर रखी जा रही है. अपने नए अनुमानों को साझा करते हुए गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि जीडीपी की दर में गिरावट का मुख्य वजह नीतिगत बदलाव और वैश्विक व्यापार में बढ़ता खतरा है. उन्होंने कहा कि ग्लोबल मार्केट में बेहद हलचल के चलते ये अनिश्चितताएं अभी बनी रहेंगी.
आरबीआई का अनुमान है कि क्वार्टर-1 में जीडीपी 6.5%, क्वार्टर-2 में जीडीपी 6.7%, क्वार्टर-3 में 6.6%, क्वार्टर-4 में 6.3% रह सकता है. मल्होत्रा ने कहा कि ये अनुमान वर्तमान डेटा और संतुलित जोखिम पर आधारित है. उन्होंने आगे कहा कि भारतीय इकॉनोमी रफ्तार के रास्ते पर है, लेकिन वैश्विक व्यापार के मुद्दे से अछूता नहीं रह सकता है.
महंगाई के मुद्दे पर आरबीआई ने कहा कि हाल के महीने में खुदरा महंगाई में गिरावट आयी है. खाद्य कीमतों में आयी बड़ी गिरावट के चलते 2025 के जनवरी और फरवरी में कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिली. आरबीआई का मानना है कि खाद्य महंगाई दर स्थिर है और ये बेहतर फसल और इसकी बेहतर सप्लाई के चलते मुमकिन हो पाया है.
केन्द्रीय बैंक का अनुमान है कि महंगाई दर नियंत्रण में रहेगी. जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 4% का अनुमान है. यानी, पहले क्वार्टर में 3.6%, दूसरा क्वार्टर- 3.9%, तीसरा क्वार्टर- 3.8% और चौथा क्वार्टर 4.4% का अनुमान है.
आरबीआई ने कहा कि ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट बेहतर संकेत है और इससे महंगाई को काबू रखने में मदद मिलेगी. हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक अनिश्चितता और मौसम संबंधी समस्याओं के चलते महंगाई बढ़ सकती है.






















