8th Pay Commission: रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में भी होगा बदलाव, मिले संकेत
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले संकेत मिले हैं कि इसके तहत पेंशन भोगियों की पेंशन योजना में भी बदलाव किए जाएंगे. वो बदलाव क्या हो सकते हैं आइये बताते हैं.

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने का इंतजार कर्मचारी वर्ग कई दिनों से कर रहा है. लगातार हो रही बैठकों के दौर ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की उम्मीदों को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है. लेकिन हाल ही में मिले संकेतों से लगता है कि केवल कर्मचारियों ही नहीं बल्कि पेंशन भोगियों को भी इससे उम्मीद रखना चाहिए.
क्योंकि लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में मिले संकेतों से पता चलता है कि 8वें वेतन आयोग के नियमों में बदलाव करके 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन को भी शामिल किया जा सकता है. हालांकि, अभी सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है.
पेंशन योजना में हो सकता है बदलाव
दरअसल कई कर्मचारी और पेंशनर संगठन, जैसे भारत पेंशनर समाज (BPS) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF), सरकार से 8वें वेतन आयोग के नियमों (ToR) में बदलाव की मांग कर रहे हैं. जिसके चलते खबरें हैं कि जल्दी ही 8वें वेतन आयोग की बैठकें कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ होने वाली हैं. राजस्थान में 31 अगस्त और तमिलनाडु में 7 सितंबर को बैठकें होंगी. इसके बाद सितंबर के दूसरे हफ्ते में चेन्नई और पुडुचेरी में भी बैठकें होंगी.
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क्या हैं संगठन की मांगें?
इन संगठनों की सबसे बड़ी मांग है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों और उनके परिवारों की पेंशन भी दोबारा तय की जाए. संगठनों का कहना है कि सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों की सैलरी पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि मौजूदा पेंशनरों और उनके परिवारों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. पेंशनर संगठनों ने ये भी मांग की है कि ToR में इस्तेमाल किए गए 'अनफंडेड कॉस्ट ऑफ नॉन-कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम' जैसे शब्दों को हटाया जाए. उनका कहना है कि पेंशन रिटायर कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा है, केवल सरकार पर पड़ने वाला खर्च नहीं.
नियमों में हो सकता है बदलाव?
जी हां! इन नियमों में बजलव हो सकता है. 8वें वेतन आयोग के नियम अंतिम और ऐसे नहीं हैं जिन्हें बदला ना जा सके. पिछले वेतन आयोगों में भी सरकार ने जरूरत पड़ने पर उनके ToR में बदलाव किए थे. 5वें वेतन आयोग के नियमों में 1995-96 के दौरान 4 बार बदलाव हुआ था. तो वहीं 6वें वेतन आयोग के ToR में 2 बार बदलाव किया गया था. इतना ही नहीं पिछले यानी 7वें वेतन आयोग के ToR में भी सितंबर 2015 में बदलाव किया गया था. इसलिए सरकार चाहे तो 8वें वेतन आयोग के दायरे में पुराने पेंशनरों की पेंशन को शामिल करने के लिए नियमों में बदलाव कर सकती है.
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