एक्सप्लोरर

मोदी की अपील पर हां, वित्त वर्ष को जनवरी से दिसंबर करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने वित्त वर्ष की तारीख बदलने का प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है. प्रस्ताव के मुताबिक, वित्त वर्ष पहली अप्रैल के बजाए पहली जनवरी को शुरु होगा और खत्म 31 मार्च के बजाए 31 दिसम्बर को. मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने ये कदम नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 23 अप्रैल को हुई बैठक के बाद उठाया. उस बैठक में मोदी ने कहा था कि वित्त वर्ष जनवरी से दिसम्बर करने को लेकर सुझाव आए है. उन्होंने राज्यों से इस बारे में पहल करने की अपील की. वित्त वर्ष की मौजूदा व्यवस्था मौजूदा व्यवस्था के तहत देश में वित्त वर्ष, कैलेडेंर वर्ष से इतर होता है. वित्त वर्ष दो कैलेंडर सालों में में फैला होता है. इसकी शुरुआत पहले कैलेडेंर वर्ष में 1 अप्रैल से होती है जबकि अंत अगले वर्ष 31 मार्च को. मसलन, वित्त वर्ष 2017-18 की शुरुआत 1 अप्रैल 2017 को हुई है जबकि अंत 31 मार्च 2018 को होगी. दूसरी ओर कैलेंडर वर्ष 1 जनवरी से शुरु होकर 31 दिसम्बर को खत्म होता है. आर्थिक गतिविधियों जैसे बजट और कंपनियों के वित्तीय नतीजो में वित्त वर्ष का इस्तेमाल होता है.

देश में दो कैलेंडर वर्ष में वित्त वर्ष की व्यवस्था 1867 में शुरु की गयी थी. उसके पहले वित्त वर्ष की शुरुआत पहले कैलेडर वर्ष में 1 मई को शुरु होती थी और खत्म अगले कैलेंडर वर्ष के 30 अप्रैल को. 1984 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वित्त वर्ष की व्यवस्था में बदलाव की संभावनाएं खंगालने और नयी व्यवस्था के बारे में सिफारिश देने के लिए एल के झा कमेटी का गठन किया.

कमेटी ने मानसून के असर को देखते हुए वित्त वर्ष की शुरुआत जनवरी से शुरु करने की सिफारिश की थी, यानी कैलेंडर वर्ष और वित्त वर्ष के बीच कोई अंतर नहीं रखना. हालांकि कमेटी ने ये भी सुझाव दिया कि अगर व्यावहारिक दिक्कत हो तो वित्त वर्ष की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाए, वैसे तत्कालीन सरकार ने व्यवस्था में किसी तरह के फेरबदल से इनकार कर दिया.

क्या-क्या बदलाव संभव वित्त वर्ष की तारीख बदलने के बाद सबसे बड़ा बदलाव बजट पेश करने के टाइम टेबल में होगा. अगर जनवरी में वित्त वर्ष की शुरुआत हुई तो उम्मीद की जानी चाहिए कि केंद्र और राज्य सरकारें अपने बजट नवम्बर में पेश करेंगी, ताकि 31 दिसम्बर तक बजट पेश करने की प्रक्रिया पूरी हो जाए और उसके प्रावधान पहली जनवरी से लागू हो सके. ध्यान रहे कि इस वर्ष केंद्र सरकार ने बजट की तारीख चार हफ्ते पहले कर पहली फरवरी कर दिया और बजट प्रक्रिया 31 मार्च से पूरी कर ली गयी, ताकि पहली अप्रैल से बजट के मुताबिक खर्चा हो सके.

वित्त वर्ष की तारीख बदलने का एक बड़ा फायदा ये भी होगा कि मानसून के पहले ही खर्च को लेकर तमाम मंजूरी जुटायी जा सकेगी. अभी खर्च मंजूर होते-होते मई-जून तक का वक्त लग जाता है जिसके बाद मानसून शुरु हो जाता है और फिर निर्माण कार्य रुक जाता है. अब यदि वित्त वर्ष की तारीख जनवरी हुई और उसी हिसाब से बजट पेश हुआ तो मानसून के काफी पहले खर्च मंजूर हो सकेगा. दूसरी ओर फसली मौसम और वित्त वर्ष को सीधा-सीधा जोड़ा जाना संभव हो सकेगा.

वित्तीय परम्पराओं में बदलाव

वैसे बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार वित्तीय परम्पराओं में बदलाव करने के लिए जानी जाती रही है. यदि वाजपेयी सरकार (1999-2004)के दौरान आम बजट पेश करने का समय शाम बजे से बदलकर सुबह 11 कर दिया गया तो मोदी सरकार ने फरवरी के आखिरी कार्यदिवस के बजाए पहले कार्यदिवस को बजट पेश करने का फैसला किया.

दुनिया के कई देशों में वित्त वर्ष और कैलेंडर वर्ष मे कोई फर्क नहीं होता, जबकि कुछ देशों में अलग-अलग तारीख है. मसलन, अमेरिका में वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से शुरु होकर अगले वर्ष 30 सितम्बर को खत्म होता है तो ब्रिटेन और जापान में भारत की तरह की पहली अप्रैल से 31 मार्च तक.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

पाकिस्तान ने अमेरिका से मांग लिए 96000 करोड़ रुपये, आखिर एकाएक क्यों पड़ गई इतने पैसों की जरूरत?
पाकिस्तान ने अमेरिका से मांग लिए 96000 करोड़ रुपये, आखिर एकाएक क्यों पड़ गई इतने पैसों की जरूरत?
New LPG Connection: मिनटों में मिलेगा नया गैस कनेक्शन, जानें कैसे सुपरफास्ट होगी सिलेंडर की डिलीवरी
New LPG Connection: मिनटों में मिलेगा नया गैस कनेक्शन, जानें कैसे सुपरफास्ट होगी सिलेंडर की डिलीवरी
सरकार ने संसद में बताया बैंक फ्रॉड का डरावना सच, 5 साल में डूबे 1.42 लाख करोड़, कितनी हुई रिकवरी?
सरकार ने संसद में बताया बैंक फ्रॉड का डरावना सच, 5 साल में डूबे 1.42 लाख करोड़, कितनी हुई रिकवरी?
Plastic Note: क्या तेज धूप या जेब की गर्मी से पिघल जाते हैं प्लास्टिक के नोट? जानिए क्या है सच
Plastic Note: क्या तेज धूप या जेब की गर्मी से पिघल जाते हैं प्लास्टिक के नोट? जानिए क्या है सच

वीडियोज

Ravi Dubey के Lakshman बनने पर भावुक हुईं Sargun Mehta, बोलीं- ‘सालों की मेहनत और तपस्या का फल’
Lock Upp 2 में फिर आमने-सामने होंगी Hina Khan और Shilpa Shinde? पुराने विवाद से मचेगा बड़ा बवाल
कैमरे में कैद मौत की पिक्चर !
DR. Aarambhi: Aarambhi ने खोला सच, Tandon परिवार को सजा दिलाने अड़ी Nayra!
Amitabh Bachchan ने सर्जरी के बाद शेयर किया भावुक हेल्थ अपडेट, बोले- रिकवरी का मुश्किल दौर अब शुरू हुआ

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सोनम वांगुचक से देर रात हुई मुलाकात, आज CJP नेताओं संग सरकार की बैठक, क्या बन जाएगी बात?
सोनम वांगुचक से देर रात हुई मुलाकात, आज CJP नेताओं संग सरकार की बैठक, क्या बन जाएगी बात?
प्रधानमंत्री आवास के पास राहुल गांधी के धरना पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, 'किसी भी...'
प्रधानमंत्री आवास के पास राहुल गांधी के धरना पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, 'किसी भी...'
'ढाई घंटे में शिकायत नहीं लिख पाए...दीपके को अरेस्ट नहीं किया', BJP सांसद बांसुरी स्वराज का CJP पर पलटवार
'ढाई घंटे में शिकायत नहीं लिख पाए...दीपके को अरेस्ट नहीं किया', BJP सांसद बांसुरी स्वराज का CJP पर पलटवार
अब कहां दिखेंगे रोहित शर्मा-विराट कोहली? 2027 वर्ल्ड कप का पूरा रोडमैप तैयार
अब कहां दिखेंगे रोहित शर्मा-विराट कोहली? 2027 वर्ल्ड कप का पूरा रोडमैप तैयार
'मैं गुस्से से खौल रहा हूं', छात्रों पर हुई हिंसा के खिलाफ फूटा नसीरुद्दीन शाह का गुस्सा, बोले- 'कोई जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे...'
'मैं गुस्से से खौल रहा हूं', छात्रों पर हुई हिंसा के खिलाफ फूटा नसीरुद्दीन शाह का गुस्सा
Explained: वांगचुक और CJP की 'जमीन' पर कांग्रेसी कब्जा! एक्सपर्ट्स से जानें कैसे राहुल के बाद आंदोलन का हुआ 'कांग्रेसीकरण'?
CJP की 'जमीन' पर मारा 'पंजा'! एक्सपर्ट्स से जानें कैसे राहुल के बाद आंदोलन का हुआ कांग्रेसीकरण?
'हम UAPA और NSA के लिए तैयार', CJP के आशुतोष रांका का ऐलान- किसी प्रोटेस्टर के खिलाफ नहीं होने देंगे FIR
'हम UAPA और NSA के लिए तैयार', CJP के आशुतोष रांका का ऐलान- किसी प्रोटेस्टर के खिलाफ नहीं होने देंगे FIR
Helmet Odor in Monsoon: बारिश में हेलमेट से आ रही है बदबू? इस तरीके से करें सफाई, तुरंत दूर होगी गंदी स्मेल
बारिश में हेलमेट से आ रही है बदबू? इस तरीके से करें सफाई, तुरंत दूर होगी गंदी स्मेल
Embed widget